यूँ तो किसी न किसी वेकेशन पर हर कोई खूबसूरत वादियों की सैर करना चाहता है वो चाहे बच्चा हो या फिर कोई बड़ा-बूढा। हर पर्यटक की पहली ख्वाहिश होती है की वह हसीन वादियों से घिरा, हरियाली, फूलों की मदमस्त कर देने वाली खुशबू, पहाड़ियां, झरने, नदियां, बर्फ, झीलें आदि से घिरी जगह हो। तो क्या दोस्तों इस वेकेशन आपने कहीं जाने का प्लान किया है? जी हाँ मैं बात कर रही हूँ गर्मियों की छुट्टियों की।
अगर आप भी इस वेकेशन को यादगार बनाने की सोच रहे हैं तो चलिए सैर करते हैं मध्य प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी की। पचमढ़ी मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में पड़ता है। यहाँ आकर आप यहाँ के शांत वातावरण, हरे-भरे पेड़ पौधे, संगीतमय झरने, कल-कल करती नदियां आदि के दिलकश नज़ारों में डूब जाएंगे। साथ ही पचमढ़ी में आप शिवशंकर के कई मंदिरों के दर्शन भी कर सकेंगे। आपको बतादें कि कैलाश पर्वत के बाद पचमढ़ी को ही भगवान शिव का दूसरा घर माना जाता है। तो चलिए दोस्तों तैयार हो जाइए मध्प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन और तीर्थ स्थल की सैर के लिए।
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प्रियदर्शिनी प्वाइंट
पचमढ़ी की सतपुड़ा पहाड़ियों का सबसे ऊंचा स्थल है प्रियदर्शिनी प्वाइंट। यहाँ से पर्यटक पचमढ़ी के खूबसूरत नज़ारों का नज़ारा कर सकते हैं। यहाँ से ढ़लता हुआ सूरज (सूर्यास्त) का दृश्य दिलकश होता है।
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पांडव गुफाएं
पांडव गुफाएं एक छोटी सी पहाड़ी पर बनी हुई हैं जो कि पांच गुफाएं है। यह गुफाएं बौध्दों द्वारा 9 वीं 10 वीं शताब्दी में बनवाई गेन थीं। इन पांच गुफाओं के कारण ही पचमढ़ी को 'पचमढ़ी' नाम से सम्बोधित किया गया है। इन गुफाओं में गुप्तकाल की कलात्मक शैली बखूबी ढंग से देखी जा सकती है।
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महादेव गुफा
महादेव गुफा एक तीर्थ स्थल है जहाँ भगवान शिव के भक्त अवश्य जाते हैं। अगर आप पचमढ़ी आना चाहते हैं तो भगवान शिव के दरबार में हाज़िरी लगाने ज़रूर आएं। महादेव गुफा से हमेशा पानी बहता रहता है और यह गुफा तक़रीबन 30 मीटर लम्बी है। गुफा के अंदर शिवलिंग बना हुआ है।
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मधुमक्खी झरना
पचमढ़ी का यह खूबसूरत झरना ना ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है बल्कि इस झरने के पानी से पचमढ़ी की पानी की पूर्ती भी की जाती है। इस झरने तक आप आसानी से पहुँच सकते हैं। यह झरना नदी में गिरता हुआ बेहद आकर्षक नज़र आता है।
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चौरागढ़
पचमढ़ी के दर्शनीय स्थल व तीर्थ स्थलों में से एक है चौरागढ़। जहाँ भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा स्थापित है जो कि एक विशाल शिखर वाली पहाड़ी पर है। इस पहाड़ी पर भगवान शिव का मंदिर है। इस स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ी रहती है।
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सतपुड़ा राष्टीय पार्क
सतपुड़ा राष्टीय पार्क पचमढ़ी में 524 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहाँ आप अनेकों पक्षियों के घर देख सकेंगे। साथ ही यहाँ टाइगर, तेंदुआ, बिसन और चार सिंह वाले हिरन आदि भी देख पाएंगे।
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अप्सरा विहार
अप्सरा विहार पचमढ़ी का बेहद खूबसूरत तालाब है जो कि एक छोटे से झरने से बना हुआ है। इस तालाब के पास तक़रीबन 30 फुट ऊंचा झरना है जिसका पानी इस तालाब में गिरता है। यहाँ बैठकर आप खूबसूरत दृश्यों का आंनद उठा सकेंगे।
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तामिया
पचमढ़ी के खूबसूरत दर्शनीय स्थलों में से एक है तामिया। जो अपने अद्भुत दृश्यों से पर्यटकों को लुभाता रहता है। तभी तो पर्यटक यहाँ घंटों तक बैठकर इसके दिलकश नज़ारों का लुफ्त उठाते रहते हैं। यह एक बेहद खूबसूरत सनसेट पॉइंट है। यहाँ से आप सूर्यास्त का खूबसूरत नज़ारा देख सकते हैं।
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पचमढ़ी कैसे जाएँ
वायु मार्ग द्वारा
पचमढ़ी के निकट का हवाई अड्डा भोपाल का राजा भोज हवाई अड्डा है। जो कि पचमढ़ी से तक़रीबन 195 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ से आपको दिल्ली, मुंबई और ग्वालियर के लिए लगातार उड़ाने उपलब्ध हैं। भोपाल से पचमढ़ी के लिए नियमित बस या टैक्सियां उपलब्ध रहती हैं।
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पचमढ़ी कैसे जाएँ
रेल मार्ग द्वारा
पचमढ़ी का निकटतम रेलवे स्टेशन हावड़ा-मुंबई ट्रैक पर जबलपुर रेल लाइन पर पड़ता है जो पिपरिया में है। यह रेलवे स्टेशन पचमढ़ी से 47 किलोमीटर की दूरी पर है। हालांकि पचमढ़ी के निकट भोपाल रेलवे स्टेशन भी है जो कि पचमढ़ी से तक़रीबन 200 किलोमीटर दूर पड़ता है। इसके साथ साथ पचमढ़ी नागपुर के माध्यम से भी पहुंचा जा सकता है।
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पचमढ़ी कैसे जाएँ
सड़क मार्ग द्वारा
पचमढ़ी मध्यप्रदेश के सभी रास्तों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पचमढ़ी तक पहुँचने के लिए मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम द्वारा निजी बसें उपलब्ध रहती हैं। साथ ही भोपाल, पिपरिया और नागपुर से नियमित बसें व टैक्सियां पचमढ़ी तक पहुँचाने के लिए मिलतिओ रहती हैं जिससे आसानी से आप पचमढ़ी पहुँच सकते हैं।
Image Courtesy:Manishwiki15

पचमढ़ी कब जाएँ
यूँ तो पचमढ़ी किसी भी समय किसी भी मौसम में जाया जा सकता है। लेकिन पर्यटक की दृष्टि से जून के महीने से लेकर अक्टूबर तक कभी भी जा सकते हैं। इसके अलावा आप पचमढ़ी के त्यौहारों का लुफ्त उठाना चाहते हैं तो दशहरा, नवरात्री आदि में भी आप जा सकते हैं।
Image Courtesy:Dineshnema



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