Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »दिल्ली का पुराना किला... जिससे नीचे गिरने पर हुमायूं की हो गई थी मृत्यु

दिल्ली का पुराना किला... जिससे नीचे गिरने पर हुमायूं की हो गई थी मृत्यु

पुराना किला नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित है, जिसे प्राचीन दीना-पनाह नगर का आंतरिक किला कहा जाता है। इस किले का निर्माण 1545 ईस्वी में शेरशाह सूरी ने अपने शासनकाल में करवाया था।

दिल्ली में ऐतिहासिक स्थलों की कोई कमी नहीं है। यहां एक से बढ़कर एक ऐतिहासिक विरासत आपको देखने को मिल जाएंगे, जिनकी अपनी एक अलग कहानी है। यहां अधिकतर मुगलकालीन इमारतें ही दिखाई देती है लेकिन दिल्ली में एक ऐसा भी इमारत है, जिसका इतिहास करीब 500 साल पुराना है और इसे किसी मुगल शासक ने नहीं बल्कि सूरी वंश के तत्कालीन सम्राट शेरशाह सूरी ने बनवाया था।

हिंदू साहित्य के अनुसार यह किला इंद्रप्रस्थ नामक स्थान पर स्थित है, जो कभी पांडवों की विशाल राजधानी हुआ करती थी। इस स्थान का इतिहास करीब 5000 साल पुराना है, जो महाभारत काल से भी पूर्व का बताया जाता है। कहा जाता है कि ये वही किला है, जिसके सीढ़ियों से नीचे गिरने पर हुमायूं की मृत्यु हुई थी। इस किले में तीन मेहराबयुक्त प्रवेशद्वार है, जिनमें पश्चिम में बड़ा दरवाजा, दक्षिण में हुमायूं का दरवाजा व तालुकी द्वार हैं। ये तीनों प्रवेशद्वार दो मंजिला है, जिनके दोनों तरफ बुर्ज, बाल्कनी और सतम्भयुक्त मण्डप भी देखने को मिलता हैं, जो इन दरवाजों को आकर्षक बनाता है।

पांडवों का किला कहा जाता है पुराना किला

पांडवों का किला कहा जाता है पुराना किला

दिल्ली में बना पुराना किला अपने अंदर काफी इतिहास समेटे हुआ है, जिसकी जितनी गहराई जानी जाए, उतनी कम है। ये दिल्ली के उन इलाकों में से एक है, जहां पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक देखी जाती है। यहां प्रत्‍येक सायंकाल में भव्‍य साउंड एन्‍ड लाइट शो का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने के लिए काफी दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। आयताकार में दिखने वाला यह किला करीब 2 किमी. की परिधि में फैला हुआ है। इसे दिल्ली का सबसे बड़ा किला भी माना जाता है। दिल्ली का सबसे पुराना किला होने के नाते इसे पुराना किला कहा जाता है। वैसे इसका असली नाम शेर का किला है, जिसे कुछ इतिहास पांडव का किला भी कहते हैं।

महाभारत काल का बताया जाता है ये किला

महाभारत काल का बताया जाता है ये किला

पुराने किले के समीप ही एक कुंती देवी का मंदिर है, जिसको लेकर कहा जाता है कि जब पांडव यहां रहने के लिए आए थे तो माता कुंती ने यहां एक मंदिर बनाया था, ये वही मंदिर है। ये एक ऐसा सबूत है, जिसे महाभारत से जोड़ते हुए देखा जाए तो पुराना किला ही पांडव का किला है।

पुराना किला जाने का सही समय

पुराना किला जाने का सही समय

अगर आप भी पुराना किला घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यहां सुबह 07:00 बजे से शाम 06:00 तक जाया जा सकता है। यहां आप साल के किसी भी दिन जा सकते हैं। लेकिन मौसम को देखते हुए यहां अक्टूबर से लेकर अप्रैल तक जाना काफी सुखद माना जाता है।

पुराना किले का प्रवेश शुल्क

पुराना किले का प्रवेश शुल्क

भारतीय पर्यटकों के लिए - 5 रुपये

विदेशी पर्यटकों के लिए - 100 रुपये

फोटोग्राफी के लिए - कोई शुल्क नहीं

वीडियोग्राफी के लिए - 25 रुपये

पुराना किला कैसे पहुंचें

पुराना किला कैसे पहुंचें

पुराना किला दिल्ली में होने के कारण यहां आपको जाने के लिए कोई समस्या नहीं होगी। यहां एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस स्टैण्ड सभी मिल जाएंगे, जो भारत के सभी बड़े शहरों से सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे में अगर आप भी यहां जाने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं तो इन छुट्टियों में आप आराम से पुराना किला घूमकर आ सकते हैं। यह दिल्ली चिड़ियाघर के पास में ही स्थित है।

अपनी यात्रा को और भी दिलचस्प व रोचक बनाने के लिए हमारे Facebook और Instagram से जुड़े...

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+