
भारत के इतिहास में जितना झांका जाए, उतने ही नए-नए पन्ने खुलते नजर आते हैं। यहां ऐसे-ऐसे ऐतिहासिक स्थल आपको मिल जाएंगे, जिसके बारे में सटिक जानकारी लगाना काफी मुश्किल है, लेकिन इतिहासकारों के मुताबिक इसकी एक अवधि का अनुमान लगाया है, जो आज के समय में लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण और आश्चर्य से भरा इतिहास बन गया है। अब भला ऐसे स्थलों को कौन नहीं देखना चाहेगा। दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार भी ऐसी ही एक देन है, जिसके बारे में आज भी एक राज खुलने बाकी हैं।

विश्व की सबसे ऊंची मीनार है 'कुतुब मीनार'
दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार विश्व की सबसे ऊंची इमारत के रूप में जानी जाती है, जो करीब 238 फीट के आसपास है। ये दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। ईंट से बनी ये इमारत भारतीय कला का एक अद्भुत नमूना है, जिसके बारे में आप जितना खंगालेंगे, उतने ही रहस्य आपके सामने आएंगे। इसका निर्माण 1192-93 ई. के आसपास बताया जाता है। इसमें 379 सीढ़ियां है, जिसमें 5 मंजिल है।

लाल बलुआ से पत्थर से बना है 'कुतुब मीनार'
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल ये इमारत दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक क़ुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया, लेकिन उस समय वह सिर्फ इसका आधार ही बनवा सका। फिर उसके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने 1236 ई. इसे तीन मंजिलों तक पहुंचाया और साल 1368 में फिरोज शाह तुगलक ने इसे पांचवी मंजिल तक बनवा कर इसे पूर्ण रूप दिया। लाल बलुआ पत्थर से बनाए गए इस इमारत में आपको कुरान की आयतों की नक्काशी भी देखने को मिलेगी। यह लाल और बफ सेंड स्टोन से बनी भारत की सबसे ऊंची मीनार है।

परिसर में मस्जिद व मकबरा भी मौजूद
कुतुब मीनार के व्यास का आधार 14.32 मीटर और ऊंचाई 72.5 मीटर है। इस परिसर में प्रवेश करने के लिए आपको एक द्वार दिखेगा, जिसके अंदर जाने पर अलाइ दरवाजा, कुवत उल इस्लाम मस्जिद, अलतमिश, अलाउद्दीन खिलजी व इमाम जामिन के मकबरे और एक लोहे का स्तम्भ दिखाई देता है, जो काफी आकर्षक लगता है। इतिहासकारों की मानें तो उस समय इस मीनार को नमाज अदा करने के लिए पुकार लगाने के लिए किया गया था।

परिसर में मौजूद है इल्तुतमिश का मकबरा
बताया जाता है कि यहां हिन्दु व जैन मंदिरों के वास्तुकलात्मक छवि भी देखने को मिलती है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा नष्ट कर दिया गया था, इसका विवरण यहां पाए गए शिलालेखों में मिलता है। यही पर इल्तुतमिश का मकबरा भी है, जो 1235 ई. के करीब बनाया गया है। यहां आपको कई शिलालेख और अरबी में लिखे कुछ पत्थर भी मिल जाएंगे, जो उस समय के इतिहास से रूबरू करवाते हैं।

कुतुब मीनार कैसे पहुंचें
कुतुब मीनार को विश्व के सबसे भव्य मस्जिदों में से एक माना जाता है, जो भारत में मुस्लिम शासकों की शुरुआत को दर्शाता है। इस मीनार को तुगलक वंश की अद्भुत वास्तुकला देखने को मिल जाएगी। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा दिल्ली में ही है। वहीं, यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन भी दिल्ली में ही है। इसके अलावा आप यहां आसानी से सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैं।



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