राजस्थान के सीकर जिले में मौजूद है खाटू श्याम बाबा का प्रसिद्ध मंदिर। सालभर इस मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी होती है। लेकिन हर साल लगने वाले फाल्गुन लक्खी मेला की बात की अलग होती है। इस समय न सिर्फ श्रद्धालु न सिर्फ खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने बल्कि उन्हें निशान चढ़ाने भी आते हैं। इस साल खाटू श्याम बाबा के मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेला का आयोजन 28 फरवरी से 11 मार्च तक होगा।
मेले के लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को ध्यान में रखते हुए यातायात से लेकर मंदिर की व्यवस्थाओं तक में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं।

कौन-कौन सी व्यवस्थाएं बदली गयी?
Zee News की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार खाटू श्याम बाबा के मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेला के दौरान कोई वीआईपी दर्शन नहीं होगा। सिर्फ उन व्यक्तियों को ही मेला के दौरान दर्शन की विशेष सुविधा दी जाएगी, जो सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आएंगे।
- मंदिर परिसर में भक्तों को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए QR कोड जारी किये जाएंगे। इन कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने का रास्ता जान सकेंगे।
- छोटे वाहनों को खाटू श्याम मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
- छोटे वाहनों के लिए मंडा मोड़ पर विशाल पार्किंग बनायी जाएगी। यहां से श्रद्धालुओं को बसों में बैठाकर 52 बीघा पार्किंग तक लाया जाएगा।
- 52 बीघा पार्किंग सिर्फ छोटे बसों के लिए आरक्षित रहेगा। यहां बड़े वाहनों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
- ई-रिक्शा चलाने के लिए विशेष पास जारी किये जाएंगे। बिना विशेष पास वाले ई-रिक्शा पकडा जाता है, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।
- निर्धारित समय पर भंडारा होगा और इसके लिए कुछ शुल्क भी लिया जाएगा। इस शुल्क का इस्तेमाल मंदिर की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में किया जाएगा।
- मंदिर में 8 फीट से अधिक ऊंचा निशान लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
- कांच की बोतलें, इत्र की शीशियां आदि और कांटेदार गुलाब के फूल बेचने पर पाबंदी होगी।
- रिंग रोड पर डीजे नहीं बजाने दिया जाएगा। शराब पर भी पूर्ण प्रतिबंध होगा।
- होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में कुछ कमरे प्रशासन के लिए आरक्षित होंगे।



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