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राजस्थान में 150 साल पुराने इंजन के साथ शुरू हुई वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन, बस एक इशारे पर रोक दें ट्रेन

पटरियों पर छुक-छुक करती भाप उड़ाती ट्रेन याद है, जो अंग्रेजों के जमाने में हुआ करती थी। जी हां, अब राजस्थान में रेलवे ने मीटर गेज की पटरी पर पर्यटकों के लिए ऐसी ही ट्रेन को शुरू किया गया है। इस ट्रेन का नाम वैली क्वीन हेरिटेज स्पेशल ट्रेन रखा गया है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप बस एक इशारे पर ही इस ट्रेन को किसी जगह रोक सकते हैं।

Rajasthan train

मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने वाली इस ट्रेन और एक खासियत है कि इस ट्रेन का संचालन 150 साल पुराने भाप इंजन के जरिए किया जा रहा है।

अपनी तरह की 6th ट्रेन है

वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन का संचालन अभी मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट के बीच किया जाता है। वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन अपनी तरह की 6th ट्रेन है, जो सुन्दर प्राकृतिक नजारों के बीच से होकर गुजरती है। इस बारे में NWR के शशि किरण ने बताया कि इस ट्रेन का संचालन करने के लिए पुराने रेलवे ट्रैक ही इस्तेमाल किया गया है लेकिन एक नयी हेरिटेज को तैयार किया गया जिसमें चेयरकार कोच को भी शामिल किया गया। पुराने हेरिटेज लुक को बनाए रखने के लिए एक डीजल इंजन को भाप इंजन में बदल दिया गया है। इस यात्रा के दौरान हेरिटेज ट्रेन उनको हरी-भरी घाटियों, पहाड़ियों और कई तरह के दुर्लभ पेड़ पौधों के बीच से होकर लेकर जाएगी।

क्या होगा इस ट्रेन का शिड्यूल

मिली जानकारी के अनुसार सप्ताह में 4 दिनों के लिए वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन का संचालन किया जाएगा। 2 दिन इस ट्रेन को ग्रुप बुकिंग में आरक्षित किया जा सकेगा। सुबह 8.30 बजे यह ट्रेन मारवाड़ जंक्शन से रवाना होगी और कामलीघाट स्टेशन पर 11 बजे पहुंचेगी। दोपहर 3 बजे हेरिटेज ट्रेन कामलीघाट स्टेशन से खुलेगी जो शाम को 5.40 बजे वापस मारवाड़ स्टेशन पर पहुंचेगी। ट्रेन फुलड़ और गोरम घाट रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेगी।

railways

इस हेरिटेज ट्रेन में विस्टाडोम कोच लगे हुए हैं, जिसमें एक बार 60 यात्री यात्रा कर सकते हैं। ट्रेन का संचालन 6 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। पूरे रास्ते में हेरिटेज ट्रेन 2 सुरंगों से गुजरेगी जो 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं। इसके अलावा पानी के स्रोतों पर बने लगभग 172 ब्रिज के ऊपर से होकर भी यह ट्रेन गुजरेगी।

कितना होगा किराया

इस ट्रेन की सवारी के लिए यात्रियों को ₹2,000 परहेड चुकाना पड़ेगा।

रास्ते में कहीं भी रोक सकते हैं ट्रेन

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत है कि यात्री (पर्यटक) अपनी पसंद के अनुसार रास्ते में किसी भी जगह पर बस इशारे से ही ट्रेन को रोक सकते हैं। यानी जो यात्री इस वातानुकुलित हेरिटेज ट्रेन में अपनी बुकिंग करेंगे, उन्हें यह आजादी दी जाएगी कि वे इस ट्रेन को रास्ते में कहीं भी रुकवा सकते हैं।

train india rajasthan

ट्रेन को राजस्थानी लुक प्रदान करने के लिए कोच को राजस्थानी चित्रकारी के साथ हाथी, घोड़े और पालकी के चित्रों से भी सजाया गया है।
बता दें, इस मीटर गेज रूट पर मारवाड़ से मावली के बीच चलने वाली यात्री ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा जो इस रूट पर यात्रियों को काफी सुविधा प्रदान करती है।

कब तैयार हुआ था यह रेलवे लाइन

मारवाड़ जंक्शन से मावली जंक्शन के बीच रेलवे लाइन को आजादी से पहले ही बिछाया गया था। दो अलग शाही परिवारों की मदद से इस रेलवे ट्रैक को बिछाया गया था। मावली जंक्शन से फुलड़ तक रेलवे ट्रैक को मेवाड़ (उदयपुर) के महाराणा की मदद से और मारवाड़ जंक्शन से फुलड़ तक रेलवे ट्रैक को मारवाड़ (जोधपुर) के राजा की मदद से बिछाया गया था। आजादी से पहले इस लाइन पर दोनों शाही परिवारों के लिए अलग-अलग ट्रेनें चलायी जाती थी। यात्री फुलड़ स्टेशन पर अपनी ट्रेन बदल लिया करते थे। दो राजपरिवारों द्वारा दो अलग-अलग लाइन बिछाने के कारण इंजन का मुंह दूसरी तरफ फुलड़ स्टेशन पर घुमाया जाता था।

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