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बनारस में तैयार हो रहे हैं अयोध्या के रामलला के लिए खिलौने, बन रहे हैं प्राण प्रतिष्ठा की यज्ञ के लिए पात्र

रामायण में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीराम, महादेव के बहुत बड़े भक्त थे। इसका जीता-जागता नमुना ज्योतिर्लिंग रामेश्वरम है। मान्यता है कि दशानन का वध कर माता सीता को उसके चुंगल से छुड़ाकर अयोध्या वापस लौटते समय श्रीराम ने इसकी स्थापना की थी। फिर भला, जब अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर इतने लंबे संघर्ष के बाद बनने जा रहा है, उसमें महादेव की प्रिय नगरी काशी अपना योगदान क्यों नहीं देगी।

model of ram mandir

बनारस में रामलला के लिए खासतौर पर खिलौनों बनाकर उन्हें अयोध्या भेजने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ के लिए जिन पात्रों का इस्तेमाल किया जाएगा, उन्हें भी बनारस में ही तैयार किया जा रहा है।

रमापति बैंक भेजेगा खिलौने

toys for ram lalla

जिस तरह काशी के कण-कण में महादेव का वास है, ठीक उसी तरह हर छोटा-बड़ा काशीवासी राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में अपनी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। वाराणसी के रमापति बैंक की तरफ से रामलला के लिए खिलौने भेजने की व्यवस्था की जा रही है। रामलला के लिए ऑर्डर देकर रमापति बैंक की तरफ से लकड़ी के खिलौने तैयार करवाए जा रहे हैं। किसी भी आम बच्चे को लुभाने वाले लकड़ी से बने ये रंग-बिरंगे खिलौने निश्चित रूप से भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को भी भाएंगे।

ram mandir toys ramlalla

बता दें, रमापति बैंक बनारस का एकलौता ऐसा मंदिर है, जहां भगवान राम का दरबार नहीं सजता बल्कि यहां वह बाल रूप में विराजते हैं। यहां भगवान को खिलौनों की भेंट चढ़ायी जाती है। भगवान राम को जो खिलौने प्रिय हैं, जैसे धनुष-वाण, हाथी, घोड़े आदि को अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय रमापति बैंक की तरफ से भेजा जाएगा।

तैयार हो रहा है यज्ञ के लिए काष्ठ के पात्र

vessels made of wood

22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यजमानी में अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की मनमोहक प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। राम मंदिर का उद्घाटन समारोह 16 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। इस दिन विशेष पूजन और यज्ञ आदि का आयोजन भी किया जाएगा। यज्ञ और अन्य पूजन के लिए इस्तेमाल होने वाले पात्रों को भी काशी में ही तैयार किया जा रहा है।

wooden vessels for ram mandir

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी के काष्ठ शिल्पी सूरज विश्वकर्मा इन सभी पात्रों को तैयार करने में पूरे जी जान से जुटे हुए हैं। बताया जाता है कि ये सभी पात्र वैकंकत की लकड़ी का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सूरज विश्वकर्मा अयोध्या भेजने के लिए 10 सेट में पात्र तैयार कर रहे हैं। इनमें से 9 सेट नौ कुंडीय हवन कुंड और एक राम मंदिर के वास्तु में इस्तेमाल होगी।

हर सेट में 5-5 चीजें होंगी जो निम्न हैं :-

  • घी की आहुति के लिए 'स्रुवा'
  • पूर्णाहुति के लिए 'सुरचि'
  • जल पात्र के लिए 'प्रणिता'
  • घी पात्र के लिए 'प्रोक्षणि'
  • वेदी का लेख खींचने के लिए 'खड़ग'
wooden vessels are being made

काष्ठ शिल्पी पांच यज्ञ पात्रों के अलावा अरणी मंथन और मंडप पर लगने वाले गदा, चक्र, पद्म और शंख को भी तैयार कर रहे हैं। इसमें से सिर्फ अरणी मंथन को शमी की लकड़ी और शंख को पीपल की लकड़ी से तैयार किया गया है। बता दें, अरणी मंथन वह वस्तु है, जिसका उपयोग कर हवन कुंड में अग्नि उत्पन्न की जाती है।

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान को संपन्न करवाने वाले ब्राह्मणों के समुह की अध्यक्षता काशी के विद्वान लक्ष्मीकांत दीक्षित करने वाले हैं।

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