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देश के नये संसद भवन को बनाने में लगा है 26 मिट्रिक टन स्टील, देखिए इसकी पहली झलक

संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर कहलाता है। वर्तमान समय की जरूरतों को पूरा करते हुए नये संसद भवन को तैयार किया जा रहा है जिसका 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर सकते हैं। नये संसद भवन के बारे में जानने की उत्सुकता हर भारतीय को है। आज हम आपको इस नये और भव्य संसद भवन के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

क्यों किया गया नये संसद भवन का निर्माण

सबसे पहले लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि पुराने और ऐतिहासिक संसद भवन के होने के बावजूद एक नये व भव्य संसद भवन का निर्माण क्यों किया गया? Central Vista की आधिकारिक वेबसाइट पर इस सवाल का स्पष्ट जवाब दिया गया है। केंद्र सरकार की इस वेबसाइट के अनुसार जब वर्ष 1927 में पुराने संसद भवन का निर्माण किया गया था, उस समय तत्कालिन सुविधाओं को ध्यान में रखा गया था।

लेकिन समय के साथ सांसदों के साथ-साथ संसद भवन में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही रोजमर्रा के कामकाज में अब अत्याधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है जो पुराने संसद भवन में नहीं मिल पा रही थी। इसी वजह से इस नये व भव्य संसद भवन का निर्माण किया गया। बता दें, पुराने संसद भवन का निर्माण 1921-1927 के बीच किया गया था।

नये संसद भवन की डिजाइन

पुराना संसद भवन जहां गोलाकार था, वहीं नया संसद भवन त्रिभुजाकार में बनाया गया है। दावा किया जा रहा है कि लगभग 65,000 वर्ग मीटर में बने इस संसद भवन में सभी स्थानों का पुरा उपयोग हो सकेगा। नये संसद भवन के बन जाने से पुराने संसद भवन को छोड़ नहीं दिया जाएगा बल्कि दोनों भवनों में संयुक्त रूप से सभी कामकाज किये जाएंगे। इससे स्थान की कोई कमी नहीं होगी। बताया जाता है कि नये संसद भवन की आयु 150 साल से ज्यादा होगी। यह भवन भुकंप के झटकों को रोकने में सक्षम होगा।

लाखों लोगों को मिली नौकरी

नये संसद भवन का निर्माणकार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। अब तक इस भवन को बनाने में 26,045 मिट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हो चुका है। इस विशालाकार भवन को तैयार करने में अब तक 63,807 मिट्रिक टन सीमेंट और 9,686 घन मीटर फ्लाई ऐश का प्रयोग किया जा चुका है। संसद के नये और भव्य भवन को तैयार करने में मजदूर, इंजीनियर और विभिन्न स्तर के लोग दिनरात मेहनत कर रहे हैं। इस काम में अब तक 23,04,095 लोगों को रोजगार मिल चुका है।

नये भवन में ज्यादा होगी जगह

नये संसद भवन में विधानमंडल के लिए बड़े कमरे होंगे। वर्तमान संसद के लोकसभा में 550 और राज्यसभा में 220 सदस्यों के बैठने की जगह होती है। वहीं नये लोकसभा हॉल में 888 और राज्यसभा हॉल में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। अगर लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त अधिवेशन होता है तो 1272 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे। लोकसभा हॉल को राष्ट्रीय पक्षी मयूर के थीम पर सजाया गया है। वहीं राज्यसभा हॉल को राष्ट्रीय फूल कमल के थीम पर सजाया गया है।

अत्याधुनिक कार्यालय

नये संसद भवन में बने कार्यालय ना सिर्फ आकार में बड़े और सुरक्षित होंगे बल्कि सभी अत्याधुनिक व तकनीकि सुविधाओं से भरे होंगे। नये संसद भवन के सभी कक्षों में ऑडियो-वीडियो की उन्नत प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे पेपरलेस ऑफिस बनाने के लिए डिजिटल इंटरफेस से लैस किया गया है। नये संसद भवन के निर्माण के समय ही वायु और ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं।

ग्रीन बिल्डिंग है संसद भवन

भारत का नया संसद भवन प्लेटिनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग होगा। यानी नये भवन के निर्माण की वजह से पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचेगा। सिर्फ इतना ही नहीं, नये संसद भवन के सेंट्रल लाउंज में राष्ट्रीय वृक्ष बरगद के पेड़ को भी लगाया गया है। इस लाउंज में भवन में कार्यरत सभी श्रेणी और वर्गों के कर्मचारी आपस में बातचीत कर कुछ समय फुर्सत से बीता सकेंगे। इस भवन में एक शानदार लाईब्रेरी भी होगी जहां से सभी सदस्य पुस्तकें लेकर पढ़ सकेंगे। संसद भवन का नया बिल्डिंग दिव्यांगों के लिए बेहद फ्रेंडली होगा ताकि किसी भी दिव्यांग को भवन में किसी काम यहां तक कि घूमने तक के लिए किसी दूसरे पर निर्भर ना करना पड़े।

FAQs
नये संसद के आर्किटेक्ट कौन हैं?

नये संसद भवन के आर्किटेक्ट बिमल पटेल हैं। उन्हें वर्ष 2019 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा भी गया था। 2021 में नये संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ।

पुराने संसद भवन का क्या होगा?

सरकार के अनुसार पुराने संसद भवन को गिराया या नष्ट नहीं किया जाएगा। यह देश की ऐतिहासिक धरोहर है। इसलिए इसका संरक्षण किया जाएगा और दोनों भवनों में समान रूप से काम होंगे।

नया संसद भवन त्रिभुजाकार क्यों है?

पुराना संसद भवन जहां गोलाकार था, वहीं नया संसद भवन त्रिभुजाकार बनाया गया है। इसकी निर्माणकारी कंपनी का दावा है कि त्रिभुजाकार इष्टतम स्थान उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

नया संसद भवन कहां है?

नया संसद भवन देश की राजधानी दिल्ली में स्थित है। संसद का नया भवन पुराने भवन के ठीक सामने बनाया गया है। इसका उद्धाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करने की संभावना है।

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