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दिल्‍ली की सड़कों पर देख सकते हैं ग्रैफिटी आर्ट की झलक

By Namrata Shatsri

स्‍ट्रीट आर्ट एक ऐसी कला है जो अपने रंगों से ही सब कुछ कह देती है। इसके लिए आपको शब्‍दों की जरूरत नहीं पड़ती और बड़ी खूबसूरती से आप अपनी बात कह देते हैं। स्‍ट्रीट आर्ट न्‍यूयॉर्क की सड़कों से अब नई दिल्‍ली तक आ पहुंची है।

स्‍ट्रीट आर्ट की लोकप्रिय शैली में से एक है ग्रैफिटी जो आज भी सामाजिक-राजनीतिक संदेश देने का काम कर रही है। अभिव्‍यक्‍ति के अलावा ग्रैफिटी सड़कों को रंग-बिरंगा और आकर्षित बनाने का भी काम कर रही है।

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ऐसे कई शहर हैं जहां पर कला की इस शैली को देखा जा सकता है। दिल्‍ली की सड़कों पर आजकल ये काफी धमाल मचा रही है। अपने घर और मॉल की चार दीवारों से निकलकर दिल्‍ली की सड़कों पर इस खूबसूरत आर्ट को देखें और समझें की ये शहर आपसे क्‍या कहने जा रहा है।

खिड़की विलेज

खिड़की विलेज

खिड़की विलेज वो जगह है जहां पर इंडियन कंटेपररी आर्ट संस्‍था द्वारा स्‍ट्रीट आर्ट फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी। इस फेस्टिवल में एक साथ कई कलाकारों ने मिलकर एक ही जगह दिल्‍ली की कई सड़कों को अपनी भाषा में रंग दिया था। इस प्रोजेक्‍ट का मुख्‍य उद्देश्‍य आत्‍म अभिव्‍यक्‍ति और सकारात्‍मक सोच को मनाना था।

शाहपुर जाट

शाहपुर जाट

ये क्षेत्र पूरा रंगों से भरा है। यहां की दीवारों को गहरे गुलाबी, पीले और नीले रंगों से रंगा गया है। ये रंग-बिरंगा मेल फोटोग्राफर्स और मॉडलों को आकर्षित करता है। यहां पर ग्रैफिटी को बेद आधुनिक तरीके से पौराणिक चरित्रों द्वारा पेश किया गया है। इसके कटे हुए सिर के साथ प्रकृति के विभिन्न पहलुओं को चित्रित किया गया है।

लोक नायक भवन

लोक नायक भवन

इस इमारत पर एक चेहरे दो टुकड़ों में बंटता हुआ दिखाया गया है। इसे ओकुडा नामक कलाकार ने बनाया है। लोगों की जिंदगी में पूंजीवाद के बढ़ते चलन से इस आर्ट में प्रेरणा ली गई है। इस ग्रैफिटी आर्ट में रात के आकाश की तरह एक चेहरा दिखाया गया है और दूसरा इंद्रधनुष के रंगों जैसा है।

हौज खास विलेज

हौज खास विलेज

हौज खास विलेज की सड़क पर पब, कैफे और कई डिज़ाइनर बुटीक मिल जाएंगें। हालांकि, इन सभी जगहों को खूबसूरत ग्रैफिटी आर्ट से सजाया गया है। इसकी गलयिों में कला के रूप में कलाकारों का एक विरोधाभास देखा जा सकता है।

लोधी आर्ट डिस्‍ट्रिक्‍ट

लोधी आर्ट डिस्‍ट्रिक्‍ट

लोधी कॉलोनी शहर की पहली ओपन एयर पब्‍लिक आर्ट डिस्ट्रिक्‍ट है जिसे St+Art नामक एनजीओ द्वारा स्‍थापित किया गया था। इसका मकसद कला को सभी तक पहुंचाना है।

इस क्षेत्र में 26 दीवारें हैं जो खन्‍ना मार्केट और मेहर चंद मार्केट के बीच पड़ती हैं। इन दीवारों पर आप रंगों के साथ-साथ कई विचारों और भावनाओं को भी देख सकते हैं। इसके अलावा इन दीवारों पर भित्ति चित्र के ज़रिए असाधारण अभिव्यक्तियाँ प्रस्‍तुत की गई हैं।

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