कश्मीर जाने वाले पर्यटकों का मुख्य आकर्षण ही होता है श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन। डल झील के किनारे मौजूद ट्यूलिप गार्डन जबर्वान पहाड़ी की गोद में स्थित है। यह ट्यूलिप गार्डन सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, बल्कि एशिया में सबसे बड़ा ट्यूलिप के फूलों का बगीचा है। पर्यटकों के लिए श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन को खोल देने का मतलब कश्मीर में टूरिस्ट सीजन (Tourist Season) की शुरुआत मानी जाती है।
जिन लोगों (पर्यटकों) ने इस साल कश्मीर जाने की योजना बनायी होगी, उन सभी ने कम से कम एक बार जरूर इंटरनेट पर ट्यूलिप गार्डन खुलने की तारीख के संबंध में जरूर सर्च किया होगा। तो अगर आप भी ट्यूलिप गार्डन के खुलने की तारीखों के बारे में जानने के लिए बेचैन हो रहे हैं, तो ध्यान दें। ट्यूलिप गार्डन के खुलने का आपका इंतजार अब खत्म होने वाला है!

कल से ही आधिकारिक रूप से कश्मीर घाटी में पर्यटन सीजन की शुरुआत ट्यूलिप गार्डन के खुलने के साथ हो रही है। हाल ही में अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन को 26 मार्च से खोल दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने वर्ष 2007 में इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन को तैयार करवाया था।
ट्यूलिप गार्डन को मुख्य रूप से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ही बनाया गया था, क्योंकि उस समय पर्यटक कश्मीर में घूमने के लिए सिर्फ गर्मियों और सर्दियों के मौसम में ही आया करते थे। अधिकारियों का कहना है कि ट्यूलिप गार्डन को तब खोला जा रहा है, जब यहां रंगी-बिरंगी ट्यूलिप के फूल खिलने शुरू हो चुके हैं।
पूरे महीने खिलते रहे ट्यूलिप के फूल
इस बारे में ट्यूलिप गार्डन के सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी आसिफ अहमद ने बताया कि इस गार्डन में ट्यूलिप के बल्ब को चरणबद्ध तरीके से लगाया जाता है, ताकि ट्यूलिप के फूल चरणबद्ध तरीके से पूरे महीने ही खिलते रहे। 26 मार्च को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस गार्डन को आम जनता के लिए खोलेंगे। इस साल विभाग ने 2 नई किस्म की ट्यूलिप के फूलों को इस गार्डन में उगाया है।

इसके साथ ही बागीचे में ट्यूलिप के फूलों के किस्मों की कुल संख्या बढ़कर 74 हो गयी है। इसके साथ ही बागीचे में कई और तरह के मौसमी फूलों को भी खिलाया गया है, जिसमें डैफोडिल्स, चेरी ब्लॉसम आदि भी शामिल है।
लगभग 55 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले ट्यूलिप गार्डन में 17 लाख ट्यूलिप के बल्ब को रोपा गया था, जो लगभग 1 महीने तक चरणबद्ध तरीके से खिलते रहेंगे। इस गार्डन की शुरुआत नीदरलैंड से मंगाए गये 50000 ट्यूलिप के बल्ब के साथ की गयी थी। धीरे-धीरे जैसे-जैसे इसकी लोकप्रियता बढ़ने लगी और पर्यटक यहां घूमने के लिए आने लगे, बागीचे का आकार बढ़ाने के साथ ही ट्यूलिप के बल्बों की संख्या भी बढ़ायी जाने लगी।
अब यह बागीचा अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच चुका है। बताया जाता है कि पिछले साल लगभग 4.65 लाख पर्यटक ट्यूलिप गार्डन में घूमने आए थे और साल 2023 में 3.65 लाख पर्यटक। यहां आने वाले पर्यटकों में घरेलू और विदेशी दोनों तरह के पर्यटक ही शामिल होते हैं।

क्या होगी Timing और एंट्री शुल्क?
ट्यूलिप गार्डन का एंट्री शुल्क बिल्कुल बजट के अंदर ही होता है-
- वयस्कों के लिए - ₹70
- बच्चों के लिए - ₹30
आमतौर पर ट्यूलिप गार्डन सप्ताह में हर दिन सुबह 9 से शाम को 7 बजे तक खुला रहता है। हालांकि यह कश्मीर के मौसम पर भी निर्भर करता है।
विशेष नोट - समतल में इस समय भले ही गर्मियां पड़ने लगी हो और कंबल-रजाई को उनकी जगहों पर रख दिया गया हो, लेकिन कश्मीर में मार्च का महीना ठंडा ही होता है। इसलिए मार्च के महीने में कश्मीर जाते समय जैकेट, टोपी और स्वेटर ले जाना बिल्कुल न भूलें।
आमतौर पर ट्यूलिप गार्डन 1 महीना 10 दिनों तक खुला रहता है। लेकिन अंत के दिनों में ट्यूलिप के फूल मुरझाने लगते हैं। इसलिए कोशिश करें कि शुरुआती कुछ दिनों की भीड़ टल जाने के बाद यानी गार्डन खुलने के 5 से 10 दिनों बाद ही घूम आएं। इससे आपको ट्यूलिप के ढेर सारे रंगों वाले फूल देखने को मिलेंगे।



Click it and Unblock the Notifications













