चाहे उत्तर हो या दक्षिण भारत पूरे भारत में गर्मियों कि शुरुआत हो गयी है, गर्मी अपने चरम पर है और आप कहीं निकलना नहीं चाहते। अब यहां अगर बात गर्मियों के सीजन में वीकेंड पर घूमने की हो तो ऐसे में हम यही चाहेंगे कि हम घर पर ही रहकर आराम करें और वीकेंड ख़त्म होने के बाद वापस सोमवार को अपना ऑफिस ज्वाइन कर लें। तो गर्मियों में शहर से बाहर जाने की क्या जरूरत आप अपने शहर में ही रहकर कुछ नया खोजिए और उसे एन्जॉय करिये।
आज का हमारा ये लेख उनके लिए है जो कर्नाटक की राजधानी बैंगलोर में रह रहे हैं और जो गर्मी के चलते कहीं जाना नहीं चाहते। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप बैंगलोर में रहते हुए अपना वीकेंड शांति से गुजार सकते है। तो आइये जानें क्या खास है बैंगलोर के आस पास।

महाबोधि सोसाइटी
शहर की भीड़ भाड़ और ट्रैफिक से दूर यदि आपको कुछ फुर्सत के पल बिताने हैं तो बैंगलोर के गांधीनगर हिस्से में स्थित महाबोधि सोसाइटी आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है। ये स्थान बौद्ध धर्म के मानने वालों का पवित्र स्थल है। इस जगह की ख़ास बात यहां बनी महात्मा बुद्ध की मूर्ति है। इसके अलावा आप यहां कई स्तूपों को भी देख सकते हैं। फुर्सत के पल पाने के लिए इस जगह का शुमार बैंगलोर की सबसे अच्छी जगहों में होता है।

ओंकार हिल
बैंगलोर स्थित ओंकार हिल को ज्यादा लोग नहीं जानते हैं। इस स्थान का भी शुमार बैंगलोर के सबसे खूबसूरत स्थानों में है यहां से आप पूरे शहर की झलक पा सकते हैं। यहां एक बरगद का पेड़ भी है कहा जाता है कि कई ऋषियों ने इस बरगद के पेड़ के नीचे वास किया था। यहां पर एक बड़ी सी घडी भी है कहा जाता है कि बिग बेन के बाद ये दुनिया की सबसे बड़ी घडी है। वर्तमान में यहां बना द्वादशा ज्योतिर्लिंग भी आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करता है। महाशिवरात्रि के दौरान आप यहां भक्तों की भारी भीड़ देख सकते हैं।

बिग बैनयन ट्री
बिग बैनयन ट्री या बरगद का विशाल पेड़ भी बैंगलोर का एक मुख्य आकर्षण है। बैंगलोर से 28 किलोमीटर दूर ये पेड़ अपने आप में ख़ास है। बताया जाता है कि ये पेड़ 400 साल पुराना और 3 एकड़ में फैला है। यहां बन्दर बहुत हैं तो इस बात का आप पूरा ख्याल रखें कि कहीं बंदर आपका सामान न उठा ले जाएं और आपकी पिकनिक को खराब कर दें। यहां आने वालों को हम एक छोटी सी सलाह देना चाहेंगे कि इस स्थान पर आने से पहले आप सावनदुर्ग की यात्रा अवश्य करें। ऐसा करके आप अपनी यात्रा को और अधिक रोमांचकारी और यादगार बना सकते हैं।

नित्याग्राम
प्रोतिमा देवी द्वारा स्थापित और भारतीय शास्त्रीय नृत्य को बुलंदियों पर ले जाने वालानित्याग्राम उनके लिए है जिनके अंदर कला के प्रोत्साहन का जज्बा है। ये नृत्य का एक ऐसा स्कूल है जो आज भी गुरुकुल पद्धति पर चलता है। आज भी यहाँ गुरु शिष्य परंपरा का पालन किया जाता है। आज भी यहां गुरु और शिष्य स्थानीय खेतों में काम करते हैं और अपना खाना खुद पकाते हैं। गुरुकुल कप दर्शाता ये स्कूल पर्यटकों के लिए सोमवार से शनिवार तक खुला रहता है।

कब्बन पार्क
कब्बन पार्क को मूल रूप से 1870 में बनवाया गया था। यह बेंगलुरु का प्रमुख लैंडमार्क होने के साथ-साथ शहर के प्रशासनिक क्षेत्र में आता है। एमजी रोड और कस्तुरबा रोड से यहां असानी से पहुंचा जा सकता है। पहले यह पार्क सिर्फ 100 एकड़ में फैला था। हालांकि बाद में इसे करीब 300 एकड़ में फैला दिया गया। यहां आप वनस्पति और जीव-जंतु का बेहतीन संकलन देखने को मिलता है। ज्ञात हो कि इस पार्क में आप सुबह टहलने वालों, प्रकृतिवादी और शांत वातावरण में प्रकृति का अध्ययन करने वालों को देख सकते हैं। पार्क में 68 प्रकार की विदेशी वनस्पति और करीब 96 प्रजाति पाई जाती हैं। यहां कुल 6000 पेड़-पौधे हैं।

लालबाग
बैंगलोर के दक्षिण में स्थित लाल बाग एक प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन है। इस बाग का निर्माण कार्य हैदर अली ने शुरू किया था और बाद में उनके बेटे टीपू सुल्तान ने इसे पूरा किया। करीब 240 एकड़ भूभाग में फैले इस बाग में ट्रॉपिकल पौधों का विशाल संकलन है और यहां वनस्पतियों की 1000 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं।



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