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लहरों से खेलने का है शौक, तो जरुर आयें मुल्की

Written By: Goldi

आज के समय में युवायों के बीच एडवेंचर स्पोर्ट्स खासा लोकप्रिय है, फिर चे वह ट्रैकिंग हो या फिर हवा में खेलना और लहरों को अपने इशारे पर नचाना। जब बात वाटर स्पोर्ट्स की आती है, तो हमारे दिमाग में गोवा, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप या मालदीव जैसे नाम ही आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि दक्षिण भारत में स्थित मुल्की पूरी दुनिया को अपने खास स्पोर्ट्स खासकर सर्फिंग के लिए अपनी ओर आकर्षित करता है।

मैंगलोर से 29 किमी की दूरी स्थित मुल्की, पूरी दुनिया अपने बेहतरीन सर्फिंग के कारण जाना जाता हैं। पूरी दुनिया से वाटर स्पोर्ट्स के दीवाने लहरों की सवारी करने के लिए इस जगह का रुख करते हैं, यहां आप ग्रामीण जीवन देख सकते हैं, साथ ही समुद्र तट के किनारे अलसा सकते हैं और राज्य के इस हिस्से की संस्कृति और विविधता को समझ सकते हैं।

भारत के बैस्‍ट वॉटर स्‍पोर्ट डेस्टिनेशन

बहुत ही कम आबादी के क्षेत्र मुल्की में सर्फिंग एडवेंचर्स करना एकदम सटीक विकल्प है, और अगर आप अनुभवी सर्फर है, तो भी यहां की चुनौतियों के लिए तैयार रहें।

आइये जनते हैं क्या खास है मुल्की में?

आइये जनते हैं क्या खास है मुल्की में?

मुल्की का सबसे बड़ा पर्यटन आकर्षण है, यहां का साफ़ पानी। मुल्की में कई सारे सर्फिंग स्कूल है, जहां आप लोगो को सर्फिंग सिखाई जाती है। अगर आप पहले से ही सर्फिंग जानते हैं, तो आप इन क्लब्स से सर्फ बोर्ड किराये पर पानी की लहरों के बीच खुद सर्फिंग का मजा ले सकते हैं।

कायाकिंग

कायाकिंग

स्वच्छ पानी, सुंदर परिदृश्य और उष्णकटिबंधीय मौसम की स्थिति के कारण, मुल्की में आप लम्बी दूरी की कयाकिंग को भी एन्जॉय कर सकते हैं अपने दोस्तों के साथ कश्ती को किराये पर लेकर कयाकिंग के हॉट स्पॉट पालीमार बांध तक इसका मजा लें। नदी के पश्चिम की ओर आखिरी बांध, पालीमार एक पिक्चर परफेक्ट लोकेशन हैं, जहां आप थका देने वाली कयाकिंग के बाद रात में जंगल में कैम्पिंग का मजा ले सकते हैं और दूसरी सुबह वापस आ सकते हैं।

सफेद रेतीले समुद्री तट पर सनबाथ का ले मजा

सफेद रेतीले समुद्री तट पर सनबाथ का ले मजा

कर्नाटक में एक सुंदर समुद्र तट है जो देश भर के समुद्रतट प्रेमियों को आकर्षित करता है। मल्की के आसपास के क्षेत्र में कुछ महान सफेद रेत समुद्र तट हैं जो आराम करने के लिए परफेक्ट हैं, सासिहित्लु, सुरथखल, होसबेट्टू और पनमबूर के समुद्र तटों के किनारे पर आप कई लजीज व्यंजनों का भी मजा ले सकते हैं।

मुल्की घूमे

मुल्की घूमे

मुल्की के खेती और मछली पालन कर लोग अपना जीवन यापन करते हैं, आप मुल्की को पैदल घूमे, और यहां के स्थानीय लोगों से बातें करें, यहां का इतिहास और संस्कृती को जाने।Pc:Saurabh Shetty

मुल्की के मंदिरों को घूमे

मुल्की के मंदिरों को घूमे

मुल्की में स्थित श्री दुर्गा के मंदिर और श्री वेंकटेश्वर के मंदिरों में पूरे दक्षिण भारत से भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। अपनी यात्रा में सकारात्मकता और शांति का स्पर्श जोड़ने के लिए इन प्राचीन मंदिरों की यात्रा जरुर करें।

क्या खाएं

क्या खाएं

मुल्की एक मुख्य पर्यटन स्थल नहीं हैं, इसलिए यहां ज्यादा खाने वाले विकल्प नहीं हैं। हालांकि, मंगलोर अपने प्रसिद्ध मंगलोर व्यंजनों के जाना जाता है, अगर आप चाहे तो मुल्की घूमने के बाद मैंगलोर वापस जा सकते हैं।मैंगलोरियन अपने भोजन में नारियल, सूखे लाल मिर्च, लहसुन, अदरक, करी पत्तों और इमली जैसे सामग्री का उपयोग करते हैं, जो आम तौर पर काफी तीखा होता है। सभी तटीय क्षेत्रों की तरह, मछली इस क्षेत्र में भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैंगलोर में चिकन घी भुजा, मंगलोरियन मछली की करी और मैंगलोर बन्स में कुछ क्लासिक व्यंजनों को आपको जरुर ट्राई करना चाहिए।
Pc:Charles Haynes

 पानमबूर बीच

पानमबूर बीच

पानमबूर बीच न्यू मैंगलोर पोर्ट से 2 किमी की दूरी पर स्थित है। यह मंगलौर के प्रसिद्ध समुद्र तटों में से एक है। नया मैंगलोर पोर्ट कर्नाटक का प्रमुख बंदरगाह है और एक मुख्य पर्यटन स्थल भी। पर्यटक समुद्र तट के पास टहलते हुए सनसेट का नजारा देख सकते हैं।Pc: CodePanda

तन्निरभावी बीच

तन्निरभावी बीच

अगर आप भीड़भाड़ वाली जगह से शांति के बीच कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो तन्निरभावी बीच जरुर जायें, यह मंगलौर में साफ और कम भीड़ भरे समुद्र तटों में से एक है। तन्निरभावी बीच मंगलौर में एक शांत और एकांत में छुट्टियां बिताने के लिए एक परफेक्ट वीकेंड गेटवे है। बीच तक पहुँचने के लिए आप अपने वाहन के जरिये ही पहुंच सकते हैं, और गुरुपुर नदी के माध्यम से सुल्तान बैटरी नौका ले सकते हैं।Pc:Peresbennet

सोमेश्रवरा बीच

सोमेश्रवरा बीच

सोमेश्रवरा बीच उल्ला में स्थित है; यह बीच सूर्यास्त देखने के लिए प्रसिद्ध है और इसकी चट्टानों 'रुद्रा शिलास' नामक नाम से जानी जाती हैं। समुद्र तट के अंत में, एक पुराने सोमेश्वर मंदिर है, जहां कई पर्यटक श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं।Pc:Niyant Dalal

ससिहिथ्लू बीच

ससिहिथ्लू बीच

ससिहिथ्लू बीच मैंगलोर से 25 किमी की दूरी पर ससिहिथलु गांव में है। गांव में होने के कारण यह बीच पर्यटकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं हैं। शहर के कोलाहल से दूर इस बीच पर वीकेंड के दौरान घूमा जा सकता है। यह एक बेहद ही साफ समुद्री तट है, जो पर्यटकों को शांति और सुकून के पल प्रदान करता है।