नये साल की शुरुआत होने के साथ ही खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों की नजरें उन तारीखों को ढूंढने लगती हैं, जब सूर्य या चंद्रग्रहण होने वाला होता है। और हां, जो लोग ग्रहण के दौरान मंदिर जाते हैं या पूजा पाठ करते हैं या फिर जिनके घर में गर्भवती महिलाएं हैं, वो अपनी प्लानिंग करते समय भी ग्रहण की तारीख जरूर देखते हैं।

बात अगर 2024 की करें तो इस साल दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण पड़ेंगे। खास बात यह है कि इनमें से एक भी ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यानि कि अगर आप ग्रहण को देखने के लिए अपनी यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं। या ग्रहण की वजह से यात्रा को कैंसल कर रहे हैं, तो ये तारीखें आपकी मदद कर सकती हैं।
साल का पहला सूर्य ग्रहण- 8 अप्रैल को
साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को होगा। भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल 2024 को रात 9 बजकर 12 मिनट पर सूर्य ग्रहण शुरू होगा जो 9 अप्रैल की अहले सुबह 2 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगा। रात को 11 बजकर 47 मिनट पर चंद्रमा की पूरी छाया सूर्य पर पड़ेगी और 1 बजकर 25 मिनट से ग्रहण कम होना शुरू हो जाएगा।
यह सूर्य ग्रहण कनाडा, मैक्सिको, अमेरिका, एंटीगुआ और बार्बुडा, बर्मुडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, कुक आइलैंड, क्यूबा, कोस्टारिका, कोलंबिया, फ्रांस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, जमैका, किरीबाती, नॉर्वे, पनामा, पुर्तगाल, रूस, सेंट मार्टिन, बहामास, ब्रिटेन, वेनेजुएला आदि देशों में दिखाई देगा।

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण - 2 अक्तूबर को
2 अक्टूबर 2024 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। भारत में खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बुरी खबर यह है कि इस दिन भी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने वाला है। भारतीय समयानुसार 2 अक्टूबर की रात को 9 बजकर 12 मिनट पर सूर्य ग्रहण शुरू होगा, जो 3 अक्टूबर के भोर में 3 बजकर 17 मिनट पर खत्म होगा। 3 अक्टूबर की आधी रात के बाद यानी 12 बजकर 15 मिनट पर चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेगा, जिसकी परछाई पृथ्वी पर पड़ेगी। 3 अक्टूबर की अहले सुबह 2 बजकर 9 मिनट से सूर्यग्रहण कम होने लगेगा।
इस दिन सूर्य ग्रहण अर्जेटिना, चिली, अंटार्टिका, बोलिविया, कुक आइलैंड, ब्राजिल, इक्वाडोर, फ्रेंच पॉलीनेशिया, फिजी, किरीबाती, मैक्सिको, न्यूज़ीलैंड, नियू, पेरु, साउथ जॉर्जिया, टोंगा, अमेरिका, उरुग्वे आदि देशों में दिखाई देने वाला है।
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क्या आप जानते हैं- सूर्य ग्रहण कभी अकेला नहीं आता?
क्या आप जानते हैं कि हमारे ग्रहों की रचना कुछ इस प्रकार से है कि कभी भी सूर्य ग्रहण अकेला नहीं आता। सूर्य ग्रहण से कुछ दिन पहले चंद्र ग्रहण आता है। एक और बात जो शायद आप नहीं जानते होंगे। सूर्य ग्रहण 4 प्रकार के होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य का कितना हिस्सा चंद्रमा की परछाई से ढंका है, चंद्रमा की छाया का कौन सा हिस्सा पृथ्वी पर पड़ रहा है आदि।
आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा अपनी छाया केवल आंशिक रूप से सूर्य पर डालता है और पृथ्वी पर केवल उसका उपच्छाया आता है। ठीक उसी तरह वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी ढकने के लिए पर्याप्त नहीं होती और सूर्य के बाहरी किनारे आकाश में आग की अंगूठी की तरह दिखाई देते रहते हैं। क्या आप जानते हैं दो पूर्ण सूर्य ग्रहण कभी एक के बाद एक नहीं आते। बीच में आंशिक ग्रहण जरूर आता है।
साल का पहला चंद्र ग्रहण - 25 मार्च को
इस साल चंद्र ग्रहण 25 मार्च को होगा। यह चंद्रग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर चंद्र ग्रहण शुरू होगा और दोपहर 3 बजकर पर खत्म हो जाएगा।

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण - 17 सितंबर को
इस वर्ष दूसरा चंद्र ग्रहण 17-18 सितंबर को होगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इस दिन का चंद्र ग्रहण भी भारत से दिखाई नहीं देगा। 18 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर चंद्र ग्रहण शुरू होगा जो 10 बजकर 17 मिनट पर खत्म होगा।
बता दें, हर साल 2 से 3 चंद्र और सूर्य ग्रहण होते हैं, जो पृथ्वी के किसी भी हिस्से से दिखाई दे सकते हैं। सूर्य ग्रहण की तुलना में नंगी आंखों से देखने के लिए चंद्र ग्रहण को सुरक्षित माना जाता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पूरी तरह से गायब नहीं होता है बल्कि यह अलग-अलग रंगों का दिखाई देता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा लाल, नारंगी, भूरा आदि रंगों का दिखाई देता है। मूल रूप से उस समय वातावरण की अवस्था पर निर्भर करता है कि ग्रहण के समय चंद्रमा किस रंग का दिखाई देगा।
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क्या आप ब्लड मून के बारे में जानते हैं?
जब सौर परिक्रमा के दौरान सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। सूर्य ग्रहण की तरह ही चंद्र ग्रहण भी कई प्रकार का होता है जैसे पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण, उपछाया चंद्र ग्रहण। जब पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देता है तब उसे "ब्लड मून" कहा जाता है।



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