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कोलकता के मंदिर! कहीं होती है मन्नत पूरी, तो कहीं प्रसाद में मिलता है नूडल्स

By Goldi

पश्चिम बंगाल की राजधानी अपने समर्द्ध इतिहास, और संस्कृती के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। असंख्य मंदिरों का केंद्र कोलकाता, को सिटी ऑफ़ जॉय भी कहा जाता है। हिन्दू शास्त्रों में 33 करोड़ देवी देवतायों का व्याख्यान है, जिनमे से आधे देवी देवतायों के मंदिर कोलकाता में स्थापित है।

कोलकाता में स्थित हर मंदिर अपने में वैभवशाली वास्तुकला और अद्वितीय है और दिव्यता का समृद्ध इतिहास समेटे हुए हैं। इसी क्रम में आज हम आपको कोलकाता के कुछ वैभवशाली मन्दिरों से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिनकी यात्रा आपको कोलकाता ट्रिप ले दौरान अवश्य करनी चाहिए

कालीघाट मंदिर

कालीघाट मंदिर

Pc: Ankur P
माता काली देवी को समर्पित काली घाट मंदिर भारत की 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। वर्तमान मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना है। माँ काली का मुख काले पत्थरों से निर्मित है। इस प्रतिमा में देवी के तीन नेत्र हैं और उनकी जिह्वा बाहर निकली हुई है। जिह्वा, दांत और हाथ सोने से मढ़े हुए हैं। इस शक्तिपीठ में स्थित प्रतिमा की प्रतिष्ठा कामदेव ब्रह्मचारी (सन्यासपूर्व नाम जिया गंगोपाध्याय) द्वारा की गयी थी।

सिटी ऑफ़ जॉय के मध्यस्थ में स्थित काली घाट मंदिर में हर समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखा जा सकता है।

स्थान: कालीघाट, दक्षिणी कोलकाता
समय: 5.00 बजे से 2.00 बजे और 5.00 बजे से अपराह्न 10.30 बजे

बिड़ला मंदिर

बिड़ला मंदिर

Pc: Supriya.ratnaparkhi

स्थान: बालीगंज फारी, दक्षिणी कोलकाता
समय: 5.30 बजे से 11.00 बजे और 4.30 बजे - 9.00 बजे

झील कालीबाड़ी

झील कालीबाड़ी

Pc: Biswarup Ganguly
झील कालीबाड़ी की स्थापना वर्ष 1949 की स्थापना की गई थी,इस मंदिर में देवी काली के अन्य रूप करुणामयी की पूजा की जाती है। श्रधालुयों के बीच यह मंदिर कालीबाड़ी झील के नाम से प्रसिद्ध है, इस मंदिर का आधिकारिक नाम श्री श्री 108 करुणमोयी कालीमाता मंदिर है।

स्थान: दक्षिणी एवेन्यू, दक्षिणी कोलकाता
समय: सुबह 6 बजे - 12.30 बजे और 3.30 बजे - 9 बजे (सोम, बुध, शुक्र)
सुबह 6 बजे - 12.30 बजे और 3.30 बजे - 9.30 बजे (गुरु और सूर्य)
सुबह 6 बजे- 1 बजे और 3.30 अपराह्न - 9.30 बजे (मंगल)
सुबह 6 बजे - 1 बजे और 3.30 बजे - 10.30 बजे (शनि)

चाइनीज काली मंदिर

चाइनीज काली मंदिर

Pc:Kabir
कोलकाता के टांगरा में एक 60 साल पुराना चाइनीज काली मंदिर है। इस मंदिर की एक ख़ास बात ये है कि दुर्गा पूजा के दौरान प्रवासी चीनी लोग इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं। यहाँ आने वालों में ज्यादातर लोग या तो बौद्ध हैं या फिर ईसाई। एक बात और है जो इस मंदिर को खास बनाती है वो ये है कि इस मंदिर के मुख्य पुजारी बंगाली ब्राह्मण होते हैं । इस मंदिर की एक दिलचस्प बात ये भी है कि यहां आने वाले मां के भक्तों को प्रशाद में न्यूडल, चावल और सब्जियों से बनी करी परोसी जाती है।

स्थान: टांगरा, पूर्वी कोलकाता

अग्नि मंदिर

अग्नि मंदिर

Pc: Helgi Halldórsson
कोलकाता में पारसी परंपराओं का केंद्र है अग्नि मंदिर जोकि अग्नि देव को समर्पित है, जिसका निर्माण वर्ष 1912 में किया गया था। हालांकि, इस जगह भक्तों का जाना वर्जित है। लेकिन, मंदिर के अधिकारियों ने आगंतुकों या तीर्थयात्रियों के लिए मंदिर की पहली मंजिल पर जलती हुई लौ की पवित्र छवि प्रदर्शित की हुई है।

स्थान: मेटकाफ लेन, केंद्रीय कोलकाता
समय: 10 पूर्वाह्न - 8 बजे

थंथनिया कालिबारी

थंथनिया कालिबारी

Pc: Biswarup Ganguly

माता सिद्धेश्वरी (देवी दुर्गा के रूपों में से एक) को समर्पित थंथनिया कालिबारी कोलकाता के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। देवी काली को समर्पित इस मंदिर मे हर साल मिट्टी से बनी हुई नयी मूर्ति को स्थापित किया जाता है।

वर्ष 1803 में शंकर घोष द्वारा निर्मित, थंथनिया कालीबारी मंदिर में हर रोज हजारों की तादाद में भक्त देवी काली के दर्शन करने पहुंचते हैं।

स्थान: कॉलेज स्ट्रीट मार्केट, उत्तरी कोलकाता
समय: 6.00 पूर्वाह्न - 11.00 बजे और 3.00 बजे - 7.00 बजे

कलकत्ता जैन मंदिर

कलकत्ता जैन मंदिर

Pc:Achilli Family | Journeys
कलकत्ता जैन मंदिर को विश्वनाथ मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर 1867 में राय बद्रिदास बहादूर मुकीम नामक जैन द्वारा बनाया गया था। प्रतिस्थापन श्री कल्याणुरिश्वरजी महाराज ने किया था। मंदिर विश्वनाथ को समर्पित है, जो 23 वें जैन तीर्थंकर थे, यह कोलकाता में सबसे महत्वपूर्ण जैन मंदिरों में से एक है। पूरे भारत से जैन श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं।

स्थान: बद्रीदास मंदिर स्ट्रीट, पूर्वोत्तर कोलकाता
समय: 6 बजे - 11.30 बजे और 3 बजे - शाम 7 बजे

इस्कॉन मंदिर

इस्कॉन मंदिर

Pc:Anil Chudasama
कोलकाता के अन्य मन्दिरों की तरह इस्कॉन मंदिर भी यहां के लोकप्रिय मंदिर में से है, जिसमे राधा कृष्ण की पूजा की जाती है। में स्थापित इस मंदिर को श्रधालुयों के बीच , श्री श्री राधा गोविंदा मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। जन्माष्टमी के पर्व पर खासतौर से इस मंदिर में भक्तों की भीड़ को देखा जा सकता है।

स्थान: मिंटो पार्क, दक्षिणी कोलकाता
समय: 4.30 बजे - 1 बजे और शाम 4 बजे - 8.30 बजे

श्री बाल हनुमान मंदिर

श्री बाल हनुमान मंदिर


श्री बाल हनुमान मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित हैं, जिन्हें उर्जा और ताकत का प्रतीक माना जाता है। पूरे साल इस मंदिर में भक्तों का तांता देखा जा सकता है, इस मंदिर में सिर्फ हिन्दू अनुयायी ही नहीं बल्कि जैन और बौद्ध भक्तों को भी देखा जा सकता है।

स्थान: झील टाउन, उत्तरी कोलकाता
समय: 6 पूर्वाह्न - 8 बजे

शिर्डी साईं बाबा मंदिर

शिर्डी साईं बाबा मंदिर


कोलकाता
में शिर्डी साईं बाबा के मंदिर का निर्माण वर्ष 2013 में शिरडी साईं बाबा के सभी भक्तों के लिए कोलकाता में स्थापित किया गया था।

पहले, प्रसिद्ध शिरडी साईं बाबा को समर्पित कोई मंदिर नहीं था। लेकिन, अब साईं बाबा के बहुत सारे अनुयायी रोज़ इस मंदिर में जाते हैं और प्रार्थना करते हैं।

स्थान: सोडपुर, उत्तरी कोलकाता
समय: 8 पूर्वाह्न - 8 बजे

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