
केरल स्थित कोल्लम एक प्राचीन बंदरगाह शहर है, जो लक्षद्वीप तट पर स्थित है। इस शहर को क्लिओन के नाम से भी संबोधित किया जाता है। चूंकि यह समुद्री तट के किनारे बसा है, इसलिए यहां व्यापारिक गतिविधियां लंबे समय से होती आई हैं। इतिहास के पन्ने बताते हैं कि कोल्लम का चीन, मिस्र और मलेशिया जैसे देशों के साथ अच्छे व्यापारिक संबध थे। इस शहर का इतिहास कई वर्षों पुराना है और माना जाता है कि वेणाड साम्राज्य के आगमन से पहले यह काफी लंबे समय तक चेरा राजवंश के अधीन था ।
केरल के कई शहरों के साथ कोल्लम भी सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां मसालों और काजू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। पर्यटन के लिहाज से यह एक शानदर स्थल है, जहां आप कई खूबसूरत दर्शनीय स्थलों की सैर का आनंद ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कोल्लम के ऐतिहासिक खजाने में से एक थंगासेरी फोर्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जानिए यह किला आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

थंगासेरी किला
सिटी सेंटर से लगभग 8 कि.मी की दूरी पर थंगासेरी किला कोल्लम के तटीय भाग में स्थित है। इस किले को सेंट थॉमस फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्राचीन किला है, जिसका इतिहास 16 शताब्दी से संबंध रखता है। इस दौरान यह क्षेत्र पुर्तगालियों के नियंत्रण में था । अरब सागर के तट पर इस किले का निर्माण लाल बलूआ पत्थर और लाइम मोर्टार से किया गया था। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह किला काफी ज्यादा महत्व रखता है। इस किले के माध्यम से आप कोल्लम क्षेत्र पर विभिन्न बाहरी ताकतों ( पुर्तगाल, डच और अंग्रेज) के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। हालांकि वर्तमान में यह किला मात्र खंडहर रूप में ही यहां मौजूद है, और भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के नियंत्रण में है। किले की तटीय भौगोलिक स्थित इसे एक शानदार पर्यटन स्थल बनाने का काम करती है। आप यहां अपने दोस्तों के साथ एक यादगार ट्रिप पर आ सकते हैं।

आने का सही समय
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ग्रीष्मकाल के दौरान यह स्थल काफी उष्मा ग्रहण करता है, इसलिए यहां आने का सबसे आदर्श समय अक्टूबर से लेकर फरवरी के मध्य का है। इस दौरान यहां का मौसम काफी अनुकूल बना रहता है और आप आराम से फोर्ट और आसपास के पर्यटन स्थल का दौरा कर सकते हैं।

क्यों आएं थंगासेरी किला ?
थंगासेरी फोर्ट को इसका इतिहास और तटीय भौगोलिक स्थित खास बनाने का काम करती है। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों और प्रकृति प्रेमी के लिए यह स्थल काफी ज्यादा मायने रखता है। आप इस शहर के उस इतिहास के बारे में जान पाएंगे जब कोल्लम पुर्तगाल, डच और अग्रेजी हुकूमत के अधीन था। इसके अलावा आप यहां तटीय खूबसूरती का आनंद भी जी भरकर उठा सकते हैं। यहां की समुद्री आबोहवा आपकी मानसिक और शारीरिक थकान उतारने का काम करेगी। आप यहां कई शानदार दर्शनीय स्थलों को भी देख सकते हैं, जिसमें थंगासेरी बीच, कोल्लम पोर्ट,इन्फेंट जीसस कैथेड्रल, लाइट हाऊस आदि शामिल हैं। एक यादगार सफर के लिए आप इस स्थल का चुनाव कर सकते हैं।

कैसे करें प्रवेश
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थंगासेरी फोर्ट आप परिवहन के तीनों साधनों की मदद से पहुंच सकते हैं, यहां का निकटतम हवाईअड्डा त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट है जो यहां से लगभग 70 कि.मी की दूरी पर स्थित है। हवाईअड्डे से आप कैब या टैक्सी के जरिए थंगासेरी तक पहुंच सकते हैं। रेल मार्ग के लिए आप कोल्लम रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं। अगर आप चाहें तो यहां सड़क मार्गों से भी पहुंच सकते हैं, बेहतर सड़क मार्गों से कोल्लम राज्य के छोटे-बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।



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