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बीवी को या गर्लफ्रेंड..सभी को भायेगी पंचगनी

Written By: Goldi

यूं तो महाराष्ट्र में घूमने को कई सारे हिलस्टेशन है..जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं...इन्ही खूबसूरत हिलस्टेशन में से एक है पंचगनी... पंचगनी की खोज ब्रिटिश लोगों द्वारा की गई जब वे भारत पर राज्य करते थे।   पंचगनी का अर्थ है पाँच पहाडियाँ और यह समुद्र सतह से लगभग 1,350 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

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मानसून के दौरान पंचगनी की खूबसूरती और भी कई गुणा बढ़ जाती है..पंचगनी की निराली पहाडियाँ सभी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। दूर पहाड़ियों से परे स्वप्न की तरह सूर्यास्त देखना, स्ट्राबेरी तोड़ने के मौसम का आनंद उठाना, आराम से नाव की सवारी करना के साथ ही अगर आप कुछ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा लेना चाहते हैं तो यहां आकर पैराग्लाइडिंग का लुत्फ लेना बिल्कुल भी ना भूले।

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यह जगह शहर के शोर शराबे से दूर मन को असीम शांति का एहसास कराती है..अगर आप वीकेंड में या फिर परिवार के साथ छुट्टी बिताने का विकल्प तलाश कर रहे हैं..तो पंचगनी एक बेस्ट आप्शन है....

कैसे जाएँ पंचगनी

कैसे जाएँ पंचगनी

पंचगनी का निकटतम हवाईअड्डा पुणे एयरपोर्ट है जो यहां से 111 किलोमीटर दूर स्थित है। हवाई अड्डा पूरे देश के सभी प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद आदि जुड़ा हुआ है..पर्यटक एयरपोर्ट से पंचगनी बस या टैक्सी द्वारा आराम से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
पंचगनी का निकतम रेलवे स्टेशन सातारा सबसे रेलवे स्टेशन है जो यहां से लगभग 52 किमी दूर स्थित है और यह महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है । PC: Akhilesh Dasgupta

कैसे जाएँ पंचगनी

कैसे जाएँ पंचगनी

सड़क मार्ग से: पंचगनी तक ​​पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका सड़क मार्ग से है। शहर सड़कों द्वारा उत्कृष्ट संपर्क प्रदान करता है और नियमित बसें हैं जो बड़े शहरों से हिल स्टेशन तक चलती हैं। मुंबई से पंचगणि तक कुल ड्राइविंग दूरी लगभग 244 किमी है।

कब आयें
यूं तो पर्यटक पंचगनी घूमने साल में कभी भी आ सकते हैं..लेकिन यहां घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से मई तक के महीनों को इस पहाड़ी वापसी का दौरा करने के लिए सबसे अच्छा महीने माना जाता है।

PC:Balaji Photography

रूट मैप

रूट मैप

रूट 1- मुंबई-रसायनी-लोनावला-पिंपरी-चिंचवाड़-पुणे-खंडाला-वाई-पंचगनी वाया मुंबई-पुणे हाइवे और नेशनल हाइवे 48 (4 घंटे 22 मिनट)

रूट 2- मुंबई-रसायनी-खोपोली-पाली-कोलाड-मांगाव-पोलादपुर-महाबलेश्वर-पंचगनी वाया नेशनल हाइवे 46 (5 घंटे 23 मिनट)

पहला स्टॉप पुणे में

पहला स्टॉप पुणे में

पुणे महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है..इस शहर में आप आज भी पेशवा और गांधीजी के इतिहास को बखूबी देख सकते हैं। ऐतिहासिक महत्व के अलावा यहां पर बड़ी संख्या में शैक्षिक संस्थानों है जिस कारण इस शहर को पूर्व की ऑक्सफ़ोर्ड के रूप में जाना जाता है।

PC: Ashok Bagade

पुणे

पुणे

पुणे एक ऐतिहासिक शहर है..यहां देखने के लिए शनिवार वाडा,आगा खान पैलेस,पातालेश्वर गुफा आदि मौजूद है...PC: Preity.133

पंचगनी

पंचगनी

पंचगनी की खोज ब्रिटिशर्स ने की थी...जब वे भारत पर राज्य करते थे। इस जगह की खोज 1860 के दशक में ब्रिटिश अधिकारी जॉन चेससन ने की थी, जिसने बाद में पूरे जगह को पुर्नोत्थान किया और जिसके बाद यह जगह धीरे धीरे एक हिलस्टेशन के रूप में लोकप्रिय हो गयी...

PC: Nitish Kadam

 टेबललेंड

टेबललेंड

लाल मिट्टी के पठार के ऊपर एक विशाल समतल भूमि है। यह लगभग 99 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और एशिया का दूसरा पर्वतीय पठार है। यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है।

PC: Vikas Rana

सिडनी पॉइंट

सिडनी पॉइंट

सिडनी पॉइंट कृष्णा घाटी के ऊपर स्थित एक रमणीय स्थान है। यह पंचगनी बस स्टैंड से थोड़ी दूर लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह चट्टान धूम बांध, मांडरदेवी और पांडवगढ़ का एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। इस पॉइंट से आप झरने और आसपास की हरी भरी चोटियों को बखूबी निहार सकते हैं....PC: wikimedia.org

कमलगढ़ किला

कमलगढ़ किला

कमलगढ़ किला कब और किसने बनाया ये बात किसी को नहीं पता....इस किले की सरंचना महाराष्ट्र के अन्य किलो की तरह ही है...इस किले का इस्तेमाल कैदियों के लिए किया जाता था ।

राजापुरी गुफा

राजापुरी गुफा

राजापुरी गुफा यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से है...बताया जाता है कि, इन गुफायों में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपना जीवन व्यतीत किया था...इन गुफायों के किनारे कई छोटे बड़े तालाबों को भी देखा जा सकता है..बताया जाता है कि,इन कुंड का पानी भी गंगा के जल के तरह काफी पवित्र है।PC: wikimedia.org

केट और पारसी

केट और पारसी

केट पॉइंट से एक ऊँची विशाल पहाड़ी को देखा जा सकता है...जहां से धूम डैम और बालकवाड़ी भी नजर आते हैं। इस जगह से आप पूरी पंचगनी को बकायदा निहार सकते हैं।

कास प्लैटू

कास प्लैटू

यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल,और भारत के सबसे खूबसूरत फूलों की घाटियों में से एक कास प्लैटू विविध प्रकार के वनस्पतियों के लिए जाना जाता है। यहाँ खिलने वाले जंगली फूल जो अगस्त से सितम्बर के महीनो में खिलते हैं यहाँ के नज़ारे को एक अलग ही अद्भुत दृश्य में बदल देते हैं। कास प्लैटू महाराष्ट्र के उन प्रसिद्द पर्यटक स्थलों में से एक है जिसे जैव विविधता विश्व विरासत स्थल घोषित कर दिया गया है। कास पठार को देखने का सब से अच्छा समय अगस्त से लेकर नवंबर का है।

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