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इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण पेश करते हैं ये 5 Highways

देश के विकास को हमेशा बुनियादी संरचनाओं के बेहतर और प्रभावी होने से जोड़ा जाता है। भारत की एक विशाल देश है, जिसकी आधी से ज्यादा जनसंख्या गांवों में निवास करती है लेकिन इनका शहरों में आना-जाना हमेशा लगा रहता है। इसलिए देश के हर एक कोने को सड़क मार्ग से जोड़ना और सड़कों का बेहतर होना बहुत जरूरी होता है ताकि यातायात सुचारु रूप से हो सके और समय भी कम लगे।

high way

भारत सरकार वर्तमान समय में इसी कोशिश में लगी हुई है। भारत के कई प्रमुख राज्यों में सड़कों और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है जो इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इनमें से कुछ हाईवे को बनाने का काम 50% से ज्यादा हो चुका है।

आइए आपको नवनिर्मित 5 प्रमुख हाईवे के बारे में विशेष जानकारी देते हैं :

1. जम्मु-कश्मीर रामबन Viaduct

हाल ही में केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने ट्वीट कर बताया कि जम्मु-श्रीनगर हाईवे 44 पर उधमपुर-रामबन सेक्शन में 2 लेन का रामबन Viaduct का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 1.08 किमी लंबे इस 2 लेन का निर्माण करने में करीब ₹140 करोड़ की लागत आयी है। इस Viaduct को फिलहाल सिर्फ अमरनाथ यात्रियों की आवाजाही के लिए ही खोला गया है।

jammu kashmir

जम्मु-श्रीनगर हाईवे से होकर हमेशा ही काफी गाड़ियां गुजरती रहती हैं। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है जिस वजह से मुख्य रूप से रामबन बाजार में जाम की काफी समस्या होती है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि इस Viaduct के निर्माण से अमरनाथ यात्रियों के साथ-साथ इस रुट से आवाजाही करने वाले अन्य यात्रियों की परेशानी भी कम होगी।

2. उदयपुर ग्रीनफिल्ड बाईपास

उदयपुर के पास बन रहा करीब 24 किमी लंबा ग्रीनफिल्ड बाईपास उदयपुर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 6 लेन के इस बाईपास का निर्माण करीब ₹900 करोड़ की लागत से की जा रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने इसका हवाई मुआयन भी किया।

udaipur

बताया जाता है कि 24 किमी लंबे इस बाईपास के बन जाने से उदयपुर के ट्रैफिक जाम की परेशानी से निजात मिल जाएगी। जयपुर से अहमदाबाद जाने वाले लोग इस बाईपास से होकर बाहर से ही निकल जाएंगे। अब तक इस बाईपास का 19 किमी का काम पूरा हो चुका है। बाकी बचा काम भी सितंबर 2023 तक समाप्त हो जाने की संभावना है।

3. जबलपुर फ्लाईओवर

अगर इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना देखना है तो मध्य प्रदेश के जबलपुर में निर्माणाधिन फ्लाईओवर को देखना चाहिए। इसे जबलपुर का सबसे बड़ा फ्लाईओवर बताया जाता है। 8 किमी लंबा यह फ्लाईओवर दामोह नाका से मदन महल इलाके को जोड़ता है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस फ्लाईओवर को दामोह नाका से आगे आधार ताल से मदन महल तक लाया जा रहा है।

jabalpur flyover

कहा जा रहा है कि यह फ्लाईओवर पूरे शहर को चारों तरफ से घेरकर रखेगा ताकि शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने वाले लोगों को जाम में फंसने की परेशानी ना झेलनी पड़े।

4. प्रतापगढ़ बाईपास

राजस्थान की बुनियादी संरचना के विकास में तेजी लाते हुए हाल ही में केंद्र सरकार ने ₹5625 करोड़ के निवेश से 11 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। इनमें 1850 करोड़ रुपए की लागत वाली 221 किमी कुल लंबाई की 7 परियोजनाएं भी शामिल हैं।

pratapgarh

इन्हीं परियोजनाओं में से एक है प्रतापगढ़ बाईपास। इस बाईपास के बन जाने से नाथद्वारा से उदयपुर एयरोपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस बाईपास के बन जाने से रास से ब्यावर तक के रास्ते में भीलवाड़ा की तरफ जाने वाली गाड़ियों को सुविधा मिलेगी।

5. असम 2 लेन ब्रिज

assam

असम में जोगीघोपा के पास नेशनल हाईवे 17 पर एक 2 लेन ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 4.385 किमी लंबे इस ब्रिज के निर्माण में करीब ₹746.76 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस ब्रिज के निर्माण से परिवहन की सुविधा के साथ-साथ वित्तिय विकास और इसकी वजह से देश का विकास भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। लोग सुरक्षित तरीके से इस ब्रिज के माध्यम से आवाजाही कर सकेंगे।

FAQs
उदयपुर ग्रीनफिल्ड बाईपास कब बनकर तैयार होगा?

6 लेन के 24 किमी लंबा उदयपुर ग्रीनफिल्ड बाईपास का 19 किमी का काम पूरा हो चुका है। बाकी बचा काम भी सितंबर 2023 तक समाप्त हो जाने की संभावना है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने इसका हवाई निरीक्षण भी किया।

जम्मु-कश्मीर रामबन Viaduct को कब खोला जाएगा?

रामबन Viaduct का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसे 30 जून से अमरनाथ यात्रियों के लिए ट्रायल के तौर पर खोल दिया गया है। बताया जाता है कि इसे जल्द ही आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

जबलपुर फ्लाईओवर कहां से कहां तक बन रहा है?

8 किमी लंबा जबलपुर फ्लाईओवर दामोह नाका से मदन महल इलाके को जोड़ता है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस फ्लाईओवर को दामोह नाका से आगे आधार ताल से मदन महल तक लाया जा रहा है।

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