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पंजाब का 165 साल पुराना गांव, जिसकी रक्षा करते हुए 221 जवानों जवान हुए थे शहीद

Written By: Goldi

मै जब भी अमृतसर जाती हूं, तो स्वर्ण मंदिर के साथ साथ वाघा बॉर्डर जाना कतई नहीं भूलती हूं, या ये कहूं अमृतसर की ट्रिप मै सिर्फ यही खास दो जगहें घूमने के लिए करती हूं। अब तक मै करीबन 6-7 बार अमृतसर जा चुकी है, और इन्ही जगहों को देखती थी। लेकिन जब बीते साल मै अमृतसर में वाघा बोर्डर पर खड़े होकर दोनों देशों के बीच होने वाली इस रीट्रीट सेरेमनी का आनन्द उठा रही थी, तभी किसी ने मुझे बताया कि, आपको एक बार फाजिल्का की रीट्रीट सेरेमनी अवश्य देखनी चाहिए।

ये नाम मेरे लिए एकदम नया था, सेरेमनी खत्म होने के बाद मैंने अपने होटल में आने के बाद इसे गूगल किया, फिर मुझे इस जगह के बारे में जानकरी मिली। फाजिल्का पंजाब का 22वां जिला है,जोकि भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर से करीब 11 किमी की दूरी पर स्थित 165 साल पुराना गांव है। यह गांव उस वक्त रोशनी में आया जब भारत सरकार ने इस गांव में भी वाघा बॉर्डर की तरह दोनों देशों के बीच रीट्रीट सेरेमनी आयोजित करने का निश्चय किया।

एक भारतीय होकर वाघा बोर्डर नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा आपने बॉस

फाजिल्का के लिए हमने अमृतसर से टैक्सी ली, फाजिल्का पहुँचने के बाद आप खुद को बहुत पीछे यानी इतिहास में पाएंगे, अगर आपने अभी गांव नहीं देखा है तो यहां कुछ समय जरुर बिताएं। यहां आज भी लोगो को पुराने स्कूटर और जुगाड़ में चलते हुए देखा जा सकता है। यहां आप कार या बस बमुश्किल ही देख सकते हैं।

इस वेकेशन सैर करें पंजाब का ऐतिहासिक नगर अमृतसर की

बता दें, फाजिल्का देश के प्रमुख चावल निर्यात केंद्रों में से एक है। विभाजन से पहले, यह शहर भारत का सबसे बड़ा ऊन का मार्केट हुआ करता था। आप यहां के बाजारों में घूमते हुए आज भी गुणवत्ता वाली उन आदि खरीद सकते है।

फाजिल्का का खुनी इतिहास

फाजिल्का का खुनी इतिहास

फाजिल्का का खुनी इतिहास आपकी रूह कंपा सकता है, बताया जाता है कि वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान 200 से अधिक भारतीय सैनिकों की सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे। जिस लिए भारत के वीर सपूतों के के सम्मान में यहां एक युद्ध स्मारक भी देखा जा सकता है। आप इस क्षेत्र में घूमते हुए बीएसएफ़ और आर्मी के जवानों को गश्त करते हुए देख सकते हैं। शाम के समय में यहां रीट्रीट सरेमनी आयोजित की जाती है,जिसमे दोनों देशों के रेंजर्स एक दूसरे के सामने होते हैं। फाजिल्का में क्या देखें Pc:punjabtourism

सद्की चेक पोस्ट

सद्की चेक पोस्ट

फाजिल्का से 14 किमी की दूरी पर स्थित सद्की चेक पोस्ट पर आप वाघ बॉर्डर की रीट्रीट सेरेमनी का योजन देख सकते हैं,जिसमे दोनों देशों के लोग उत्साह के साथ भाग लेते हैं। सेरेमनी आयोजन खत्म होने के बाद आप पोस्ट से पाकिस्तान में लहलहाते खेतों को देख सकते हैं और उनकी तस्वीरें भी निकाल सकते हैं।Pc:punjabtourism

असफवाला युद्ध स्मारक

असफवाला युद्ध स्मारक

फाजिल्का से सात किमी की दूरी पर स्थित असफवाला युद्ध स्मारक को देख सकते हैं, जहां वर्ष 1971 में शहीद हुए 221 सैनिकों की बलिदान की कहानी बयान करता है। युद्ध स्मारक के पास एक मंदिर भी देखा जा सकता है, जअहं सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
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 क्या खाएं

क्या खाएं

फाजिल्का में आपको कई सारे रोड साइड ढाबे मिल जायेंगे, जहां आप नार्थ इंडियन खाना खा सकते हैं,जैसे सब्जी चावल,दाल चावल. सरसों का साग-मक्की दी रोटी,तंदूरी चिकन आदि। साथ ही आप यहां तोशा मिठाई खाना कतई ना भूले।Pc:punjabtourism

कैसे आयें फाजिल्का?

कैसे आयें फाजिल्का?

हवाई जहाज द्वारा
फाजिल्का का नजदीकी हवाई अड्डा अमृतसर हवाई अड्डा और लुधियाना हवाई अड्डा है, जहां से पर्यटक बस या ट्रेन द्वारा फाजिल्का पहुंच सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
फाजिल्का का अपना स्टेशन तो है,लेकिन ये सिर्फ बठिंडा और फिरोजपुर से ही जुड़ा है, अगर आप भारत के अन्य हिस्सों से इस जगह की यात्रा कर रहे हैं, तो इन दोनों जगह से आप फाजिल्का के लिए ट्रेन ले सकते हैं।

सड़क द्वारा

फाजिल्का सड़क द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता हैं,लेकिन अपने साधन के जरिये, यहां पब्लिक बस साधन नहीं है, फाजिल्का के लिए सिर्फ ऑटो और जुगाड़ ही चलते हैं। Pc:indiarailinfo

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