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तस्वीरों में निहारे कैसे मद्रास बना चेन्नई

तस्वीरों में देखे बदलते हुए मद्रास को चेन्नई में

By Goldi

भारत के अंतिम छोर पर बसा तमिल नाडू, पहले मद्रास के नाम से जाना जाता था। यह भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित राज्य तामिलनाडू की राजधानी है। कोरोमंडल तट पर बसा यह शहर एक प्रमुख मेट्रोपॉलिटन और कास्मोपॉलिटन सिटी है। व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के नजरिए से यह दक्षिण भारत के साथ-साथ देश का एक महत्वपूर्ण शहर है। वास्तव में चेन्नई को दक्षिण भारत की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर जाना जाता है।

अंग्रेजी शासन के दौरान इस शहर को मद्रास कहा जाता था। इस नाम की उत्पत्ति मद्रासपट्टनम नामक गांव से हुई थी, जो कि सेंट जॉर्ज किले के उत्तरी छोर पर स्थित एक गांव था। हालांकि कई लोगों का ऐसा भी मानना है कि मद्रास शब्द मुंदिर-राज से निकला है। कुछ लोग तो ऐसा भी कहते हैं कि मद्रास नाम पुर्तगालियों का दिया हुआ है, जो इस स्थान को माडरे डी डियोस (मदर ऑफ गॉड) कहते थे। वजह चाहे जो भी हो, पर भारत सरकार द्वारा नाम बदले जाने से पहले लंबे समय तक चेन्नई को मद्रास नाम से जाना जाता रहा।

चेन्नई का नाम आते ही समुद्र का खूबसूरत दृश्य आँखों में उभरने लगता है। चेन्नई की खूबसूरती को हर कोई जानता है और एक बार चेन्नई ज़रूर जाना चाहता है। लेकिन आज हम आपको खूबसूरत चेन्नई की नहीं बल्कि आजादी से पहले वाले चेन्नई से रूबरू करने जा रहे हैं,

सेंट्रल रेलवे स्टेशन, (मद्रास), चेन्नई

सेंट्रल रेलवे स्टेशन, (मद्रास), चेन्नई

सेंट्रल रेलवे स्टेशन दक्षिण भारत का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जोकि कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली सहित सभी उत्तरी शहरों में जुड़ा हुआ है। ब्रिटिश राज के दौरान, यह स्टेशन दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता था, और आज भी यह स्टेशन चेन्नई के प्रमुख स्थलों में से एक है।Pc:Nicholas and Company

सेंट्रल रेलवे स्टेशन, (मद्रास), चेन्नई

सेंट्रल रेलवे स्टेशन, (मद्रास), चेन्नई

ये हैं आज का सेंट्रल रेलवे स्टेशन चेन्नई। यह रेलवे स्टेशन करीबन 142 वर्ष पुराना है, जोकि चेन्नई के सबसे प्रमुख स्थलों में से है, जिसका निर्माण वास्तुकार जॉर्ज हार्डिंग द्वारा किया गया था,इस सेन्ट्रल स्टेशन से हर दिन करीबन 350000 यात्री यात्रा करते हैं। इतना ही इस स्टेशन स्वच्छता के लिए भी सम्मानित किया जा चुका है।Pc:PlaneMad.

 मरीना बीच, (मद्रास), चेन्नई

मरीना बीच, (मद्रास), चेन्नई

1913 में मरीना बीच कुछ इस तरह नजर आता था।

मरीना बीच, (मद्रास), चेन्नई

मरीना बीच, (मद्रास), चेन्नई

मरीना बीच दुनिया के सबसे बड़े बीचों में शामिल है। यहाँ की ठंडी ठंडी हवाएँ, चारों ओर बिखरा प्राकृतिक सौंदर्य और समुद्र की अठखेलियां करती लहरें पर्यटकों की एक पल भी नज़र झपकने नहीं देतीं। इस बीच के एक तरफ विशाल इमारतें हैं और दूसरी तरफ रेतीला तट।
Pc:Vinoth Chandar

नेपियर ब्रिज , (मद्रास), चेन्नई

नेपियर ब्रिज , (मद्रास), चेन्नई

चेन्नई में स्थित यह पुल कोवाम नदी पर बना हुआ है, जिसका निर्माण सैंट जोर्ज किले को मरीना बीच को जोड़ने के लिए किया गया था। यह ब्रिज शहर के सबसे पुराने ब्रिजों में से एक है, जिसका निर्माण वर्ष 1869 में फ्रांसिस नेपियर द्वारा किया गया था जो 1866 से 1872 तक मद्रास के राज्यपाल थे।

नेपियर ब्रिज , (मद्रास), चेन्नई

नेपियर ब्रिज , (मद्रास), चेन्नई

इसका दोबारा से निर्माण वर्ष 1999 में कराया गया, जिसमें 10.5 मीटर (34 फीट) - पश्चिम की तरफ से कैरिज़वे का निर्माण किया गया था। पूर्वी साइड कैरेजवे 9 .75 मी (32.0 फुट) चौड़ाई में है। यह पुल 138 मीटर (453 फीट) लंबी है, जिसके मुहाने के निकट नदी में 6 स्पैन (गोलियां) हैं। इसमें 2 मीटर (6 फीट 7 इंच) चौड़ा फुटपाथ है।मरीना समुद्र तट सौंदर्यीकरण परियोजना के भाग के रूप में, इस पुल को लाइट्स से सजाया गया है, जो रात के समय काफी खूबसूरत नजर आता है।Pc:Ashokarsh


माउंट रोड, (मद्रास), चेन्नई

माउंट रोड, (मद्रास), चेन्नई

माउंट रोड लगभग 400 वर्ष पुरानी सड़क है, जिसका उपयोग ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कर्मचारियों के लिए किया गया था..

माउंट रोड, (मद्रास), चेन्नई

माउंट रोड, (मद्रास), चेन्नई

आज अन्ना सलाई के रूप में जाना जाता है, यह सड़क चेन्नई की जीवन रेखा है, जो कि फोर्ट सेंट जॉर्ज से दूसरे छोर तक काटीपुर जंक्शन तक फैली हुई है।Pc:L.vivian.richard


स्पेंसर प्लाजा, (मद्रास), चेन्नई

स्पेंसर प्लाजा, (मद्रास), चेन्नई

भारत का सबसे पहला स्पेंसर डिपार्टमेंटल स्टोर चेन्नई में खुला था, जिसका निर्माण चार्ल्स डुरंट और जे डब्ल्यू द्वारा वर्ष 1863-1864 में किया गया था।

स्पेंसर प्लाजा

स्पेंसर प्लाजा

आज यह प्लाजा एक 8 मंजिला शॉपिंग-कम-कार्यालय परिसर है, जो लगभग 1.068 मिलियन वर्ग फुट है, इसमें लगभग 600,000 वर्ग फुट वातानुकूलित शॉपिंग यूनिट और 400,000 वर्ग फुट (37,000 एम 2) ऑफिस इकाइ शामिल हैं।Pc:Rameshng

चेपौक महल

चेपौक महल

इंडो-सरैसेनिक शैली से निर्मित चेपौक महल 1768 से 1855 तक आर्कोट के नवाब का आधिकारिक निवास था।Pc:TuckDB.org

चेपौक महल

चेपौक महल

आज यह इमारत तमिलनाडु सरकार के अधीन है..

Pc: Divya Manian

मूर मार्केट

मूर मार्केट

मूर मार्केट का निर्माण मूल रूप से मद्रास के ब्रॉडवे क्षेत्र में हाकर्स के घर बनाने के लिए किया गया था। जिसकी नींव वर्ष 1898 में सर जोर्ज मूर ने रखी थी, जिसका निर्माण इंडो-सरैसेनिक स्टाइल में किया गया था ।
Pc:India Illustrated

मूर मार्केट

मूर मार्केट

आज मूर मार्केट हर चेन्नई के सस्ते मार्केट्स में शुमार है, यहां से कम कीमत पर अच्छा सामना खरीदा जा सकता है।Pc: Crookesmoor

काठिपारा जंक्शन

काठिपारा जंक्शन

काठिपारा जंक्शन चेन्नई,काठिपारा जंक्शन चेन्नई, भारत में एक महत्वपूर्ण सड़क जंक्शन है। जो बनने से पहले कुछ ऐसा नजर आता था।

काठिपारा जंक्शन

काठिपारा जंक्शन

काठिपारा जंक्शन चेन्नई, भारत में एक महत्वपूर्ण सड़क जंक्शन है। यह ग्रैंड सदर्न ट्रंक रोड, इनर रिंग रोड, अन्ना सलाई और माउंट-पुनामाले रोड के चौराहे पर अलंदूर में स्थित है। काठिपारा फ्लायओवर एशिया में सबसे बड़ा क्लोवरलेफ फ्लायओवर हैPc: Pratik Gupte

मद्रास हाई कोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट

मद्रास उच्च न्यायालय 1862 में बनाया गया था और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा न्यायिक परिसर है।Pc:Henry Irwin

मद्रास हाई कोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट

आज का मद्रास हाईकोर्ट
Pc:Yoga Balaji

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