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मिनी तिब्बत में छुट्टियों को बनाना है यादगार, तो ट्राई करें ये खास टिप्स

By Goldi

मैकलॉडगंज तो यकीनन आपने घूमा ही होगा। धौलाधार पहाड़ियों से घिरा हिमाचल प्रदेश का छोटा सा शहर मैकलॉडगंज बेहद शांतिप्रिय स्थल है। यह जगह दलाई लामा के घर के रूप में भी लोकप्रिय है। इस जगह को ल्हासा भी कहते हैं क्योंकि यह यहां बड़ी संख्या में तिब्बती माइग्रेंट्स बसे हैं, जिनके कल्चर की झलक पूरे शहर मे नजर आती है।

लेकिन आज हम आपको अपने लेख से कुछ अलग मैकलॉडगंज को रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसे शायद आपने देखा ही ना हो। इसमें कोई दो राय नहीं कि, मैकलॉडगंज आपको प्रकृति के करीब ले जाता है। लेकिन जब जब आप बार बार एक ही जगह की सैर करत हैं, तो यकीनन बोरियत होने लगती है, तो इसलिए बेहतर होगा की अपनी अगली मैकलॉडगंज की ट्रिप पर कुछ नया घूमे,अगर आपको कुछ समझ नहीं आ रहा है, तो हम आपको बता रहे हैं कि, मिनी तिब्बत मैकलॉडगंज में कुछ नया क्या किया जा सकता है, जो आपकी ट्रिप को यादगार भी बनाये और आप छुट्टियों के बाद खुद को तरोताजा भी महसूस कर सकें, आखिर छुट्टियां होती भी तो खुद को रिफ्रेश करने के लिए ही ना

एक साथ 2500 मोरों को नाचते हुए देखना है..तो जरुर जाएँ मोराची चिंचोली

मिनी तिब्बत में ले साइकलिंग का मजा

मिनी तिब्बत में ले साइकलिंग का मजा

अगर आपने अभी तक माउंटेन साइकलिंग का मजा नहीं लिया है तो मैकलॉडगंज में इसका लुत्फ उठायें। मैकलॉडगंज में आपको आसानी से किराए पर माउंटेन साइकिल और बाइक मिल जाएगी, एक घंटे के लिए लिए माउंटेन साइकिल के लिए आपको करीबन 150 से 200 रूपये अदा करने होंगे।

मदमस्त हवा और उंचे नीचे रास्तों पर सोख हवा और हरे भरे पहाड़ों से होते हुए साइकलिंग का मजा आपमें एक उर्जा भर देगा और आपको एक नया अनुभव प्रदान करेगा, जिसे आप ताउम्र याद रखेंगे।

नदी किनारे बैठे

नदी किनारे बैठे

अक्सर मैकलॉडगंज जाने वाले पर्यटक भाग्सू झरने की ओर रुख करते हैं, जो अमूमन पर्यटकों से भरा रहता है। अगर आप सुकून की तलाश में हैं, तो आप मैकलॉडगंज से 16 किमी की दूरी पर स्थित मोहली जा सकते हैं। मोहली में एक नदी है, जो पहाड़ों से बहती हुई नीचे आती है, यकीन मानिये अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो आपको यह जगह खूब पसंद आयेगी। अगर आप इस नदी में स्नान करना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग से जगह है। लेकिन इस नदी तक पहुँचने के लिए बेहतर है, किसी स्थानीय निवास की मदद लें।

जंगल के बीच चलें

जंगल के बीच चलें

अगर आप खुद के साथ और प्रकृति के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो उंचे उंचे चीड़ के पेड़ों के बीच अकेले पैदल चलें, यकीन मानिये आपको एक लंबी वाक प्रकृति के साथ बेहद पसंद आयेगी। और हां, इस वाक के दौरान इन जंगलों में उड़ती हुई मधु मक्खियों, पेड़ों से झरती हुई ओस की बूंदों और फलों को अपने कैमरे में कैद करना ना भूलें।
Pc: Rickard Törnblad

चाय के बगानों के बीच बैठे

चाय के बगानों के बीच बैठे

जी हां, मै चाय के बगानों की बात कर रही हूं, जोकि पालमपुर , धर्मशाला में स्थित हैं। अगर आप यहां जाना चाहते हैं, लेकिन मैकलॉडगंज से दूर नहीं तो, मैकलॉडगंज से गग्गल की ओर अपनी यात्रा तय करें, मैकलॉडगंज से गग्गल की दूरी करीबन 20 मिनट की है। यहां आप पहाड़ों के बीच चाय के बगानों को निहार सकते हैं, यकीन मानिये ये मनोरम नजारे मन को मंत्रमुग्ध करने वाले होते हैं।

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