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450 तरह की चिड़ियां 400 किस्म की तितलियां और बर्फ से ढंकी चोटियां, कुछ ऐसा है सिक्किम

By SyedBelal

अपने तीन ओर से नेपाल चीन और भूटान से घिरे नार्थ ईस्ट के राज्य सिक्किम का शुमार भारत के सबसे खूबसूरत डेस्टिनेशनों में होता है। जैसा कि कहा जाता है किसी भी नए पर्यटन स्थल पर घूमने जाना हमेशा ही एक रोमांचकारी अनुभव होता है और व्यक्ति वहां से लौटते वक़्त अकेला नहीं होता, क्योंकि वहां से लौटते वक़्त आपके साथ ढ़ेर सारी यादें जो होती हैं। Must Read : देवी के मासिक धर्म से लाल होता ब्रह्मपुत्र, तांत्रिक, बलि सच में, बड़ा विचित्र है कामाख्या देवी मंदिर

बात चाहे किसी ऐसी जगह पर जाने की हो जहाँ लोग पहले भी जा चुके हैं या फिर ऐसी जगह की जहाँ ज्यादा लोग नहीं गए , दोनों ही स्थिति में आपको कुछ नया देखने और सीखने को मिलता है। गौरतलब है कि सिक्किम को भारत के सुन्दर राज्यों में से एक माना जाता है और प्रकृति के वरदान से भरी यह जादुई जगह हिमालय पर्वत क्षेत्र में स्थित है। ऐसी कई जगहों में यह जगह भी कई महत्वपूर्ण स्थानों के लिए मशहूर है और यह कहा जाता है कि अपने जीवनकाल में आप यहाँ नहीं गए तो आपने कुछ खोया है।

आइये इस अज्ञात पहाड़ी वाले भारतीय राज्य के बारे में कुछ जानें कुछ चुनिंदा तस्वीरों में।

मठ

मठ

जहां एक तरफ सिक्किम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवन, कला सभ्यता संस्कृति और बर्फ से ढंकी पहाड़ियों के लिए जाना जाता है तो वहीं दूसरी तरफ खूबसूरत बौद्ध मठों के चलते भी पूरी दुनिया इसका लोहा मानती है। गौरतलब है कि ध्यान और योग की दृष्टि से सिक्किम से बेहतर जगह भारत में और कोई नहीं है। ज्ञात हो कि आज सिक्किम में 200 से ऊपर मठ हैं जो बौद्ध धर्म का संरक्षण करते हैं। आपको बता दें कि आज सिक्किम के रूमटेक, ताशीडिंग स्थित मठों में सबसे ज्यादा लोग घूमने और दर्शन के लिए जाते हैं। यदि आप सिक्किम में हों तो यहाँ के कर्मा कग्यू मठ की यात्रा अवश्य करें बताया जाता है कि ये मठ कोई 200 साल पुराना है।

 युक्सोम से जोंगरी पीक

युक्सोम से जोंगरी पीक

सिक्किम ट्रैकिंग और ट्रैकर्स दोनों का मक्का है। तो यदि आपमें डर से लड़कर उसे जीतने का जज्बा है तो आप ट्रैकिंग के जरिये युक्सोम से जोंगरी पीक की यात्रा अवश्य करें। अगर आप चाहें तो सिल्लिम के सबसे लोकप्रिय ट्रैक गोइचा पीक की भी यात्रा कर सकते हैं। आपको बताते चलें कि गोइचा पीक पर ट्रैक का शुमार सिक्किम के अलावा भारत के सबसे जटिल ट्रैकों में होता है क्योंकि इसके लिए आपको घने जंगलों से होकर गुज़ारना पड़ता है। ज्ञात हो कि विदेशियों को यहां ट्रैकिंग के समय परमिट दिखाना पड़ता है।

तीस्‍ता नदी

तीस्‍ता नदी

तिस्ता नदी भारत के सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल राज्य तथा बांग्लादेश से होकर बहती है। यह सिक्किम और पश्चिम बंगाल के जलपाइगुड़ी विभाग की मुख्य नदी है।इस नदी की पूरी लम्बाई 315 किमी है। हिन्दू पुराणों के अनुसार यह नदी देवी पार्वती के स्तन से निकली है। 'तिस्ता' का अर्थ 'त्रि-स्रोता' या 'तीन-प्रवाह' है। ज्ञात हो कि इस नदी को सिक्किम की जीवन रेखा कहा जाता है। ये नदी आपको कई एडवेंचर स्पोर्ट का भी मौका देती है, तो सिक्किम आने के बाद इसे जरूर देखें।

नाथू ला दर्रा

नाथू ला दर्रा

नाथू ला एक पहाड़ का दर्रा है, जो चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के साथ सिक्किम को जोड़ता है। समुद्र तल से 4310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह गंगटोक से करीब 54 किमी पूर्व में स्थित है। गंगटोक में पूर्व अनुमति के साथ केवल भारतीयों को बुधवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को दर्रा घूमने दिया जाता है। वहाँ एक भारतीय युद्ध स्मारक भी मौजूद है।

प्रकृति और वन्य जीवन

प्रकृति और वन्य जीवन

यदि आप प्रकृति को करीब से देखना चाहते हैं और रंग बिरंगी चिड़ियों और अनोखे जानवरों से दो चार होना चाहते हैं तो सिक्किम अवश्य आएं। यहां आपको चिड़ियों, पशुओं और फूलों कि कई अलग अलग प्रजातियां देखने को मिलेंगी। आज सिक्किम में चिड़ियों की 450 के लगभग प्रजाति, तितलियों की 400 प्रजातियां, फूलों कि 450 प्रजातियां, हैं जो सिक्किम को बहुत कुछ देती हैं। तो अब अगर आप फोटोग्राफी के शौक़ीन हैं तो सिक्किम अवश्य आइये और यहां के खूबसूरत नज़ारों को अपने कैमरे में कैद करना बिल्कुल ना भूलिए।

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