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श्रीकाकुलम भ्रमण के दौरान इन स्थलों की सैर करना न भूलें

विशाखापटट्नम से 116 कि.मी की दूरी पर स्थित श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश का एक खूबसूरत स्थल है, जो ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से काफी महत्व रखता है। पौराणिक किवदंती के अनुसार यह शहर बलराम द्वारा बसाया गया था। श्रीकाकुलम पर्यटन के लिए भी काफी प्रसिद्ध है, खासकर यहां के मंदिर दूर-दराज के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने का काम करते हैं।

यहां बहने वाली नागवल्ली, चंपावती, बहुदा और वंसधारा नदी इस स्थल को खास बनाने का काम करती हैं। प्रकृति प्रेमियों और एकांत स्थल को खोजियों के लिए यह एक आदर्श स्थल है। आप यहां अरसवल्ली, कविती, बरुवा, कलिंगपट्टनम आदि स्थलों की सैर का आनदं ले सकते हैं। नागवल्ली नदी के मध्य स्थित गौतम बुद्ध की विशाल प्रतिमा पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है।

अरसवल्ली

अरसवल्ली

PC- విశ్వనాధ్.బి.కె.

श्रीकाकुलम भ्रमण की शुरुआत आप यहां के प्रसिद्ध स्थल अरसवल्ली से सकते हैं। अरसवल्ली यहां का एक लोकप्रिय स्थल है, जो अपने प्राचीन सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कलिंग के राजा देवेंद्र वर्मा ने करवाया था। इस मंदिर को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु समेत पर्यटकों का आगमन होता है। यह मंदिर भारत के सबसे पुराने सूर्य मंदिरो में से एक है।

यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है, और इसे 7वीं शताब्दी के दौरान बनवाया गया था। कला-संस्कृति और इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

कविती

कविती

अरसवल्ली के अलावा आप यहां के कविती स्थल की सैर का प्लान बना सकते हैं। चूंकि यह तटीय क्षेत्र में बसा है इसलिए यह ट्रैवलर के मध्य काफी ज्याद लोकप्रिय है। श्री सीतारामस्वामी मंदिर और चिंतामणी अम्मवरी यहां के दो प्रमुख मंदिर हैं, जिनके दर्शन के लिए स्थानीय के साथ साथ दूर-दराज के श्रद्धालुओं का आगमन भी होता है। आप यहां समुद्री आबोहवा के अलावा आसपास स्थित कई स्थलों की सैर का प्लान बना सकते है। पारिवारिक यात्रा के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

बरुवा

बरुवा

श्रीकाकुलम के पर्यटन आकर्षणों की श्रृंखला में आप बरुवा की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह स्थल प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से काफी ज्यादा महत्व रखता है। जर्नादन और श्री कोटिलिंगेश्वर स्वामी यहां के दो प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। विशेष अवसरों पर यहां बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

बरूवा एक व्यस्त बंदरगाह भी है, जहां की सैर का यात्रा के दौरान कर सकते हैं। महेंद्र तन्या नदी बरुवा में आकर समुद्र में मिल जाती है, और एक पवित्र स्थान का रूप धारण करती है। त्योहारों के दौरान इस संगम पर भारी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं।

कलिंगपट्टम

कलिंगपट्टम

आप यहां कलिंगपट्टम स्थल की सैर का प्लान भी बना सकते हैं। श्रीकाकुलम से यह स्थल लगभग 25 कि.मी की दूरी पर स्थित है। कलिंगपट्टम एक लोकप्रिय तटीय गांव है, जो कभी औपनिवेशिक काल के दौरान एक सक्रिय बंदरगाह था। यह स्थल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां आकर वंसधारा नदी बंगाली की खाड़ी में मिल जाती है।

आप यहां एक शानदार सैर का आनदं ले सकते हैं। यहां पास में ही एक दरगाह शरीफ स्थल भी है, जहां किसी सिद्ध पुरुष का मकबरा बना है। इसके अलावा आप यहां लाइट हाउस और बुद्ध स्तूप भी देख सकते हैं।

श्रीकुरमम

श्रीकुरमम

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप श्रीकाकुलम से श्रीकुरमम की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जो अपने विष्णु मंदिर के लिए जाना जाता है। मंदिर की वास्तुकला यहां आने वाले श्रद्धालुओं को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। यहां कई शिलालेख की प्राप्त किए गए हैं, जो इसके प्राचीन होने का सबूत देते हैं। यह मंदिर श्रीकुरमम गांव में स्थित है। यहां रोजाना स्थानीय और दूर-दजार के सैलानियों का आगमन लगा रहता है, खासकर त्योहारों के दिनों में यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगता है।

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