Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »झारखंड के ये वन्यजीव अभयारण्य बनाएंगे आपकी यात्रा रोमांचक

झारखंड के ये वन्यजीव अभयारण्य बनाएंगे आपकी यात्रा रोमांचक

भारत का पूर्वी राज्य झारखंड जैव विविधता को मामले में एक समृद्ध क्षेत्र माना जाता है, जो अपने घने जंगलों, नदी-झरनों, धार्मिक स्थलों, लोक-कला संस्कृति और आदीवासी जीवन शैली के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां के जनजातीय समाज जंगलों के सच्चे मित्र माने जाते हैं, जंगल न सिर्फ इनके जीने का एक बड़ा माध्यम है, बल्कि ये वन्य क्षेत्र इनसे गहराई से जुड़े हैं।

यहां कई शानदार वन्यजीव अभयारण्य मौजूद हैं, जिनकी रोमांचक सैर करने के लिए दूर-दराज के पर्यटक यहां तक का सफर तय करते हैं। अगर आप प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ वन्य जीवन को करीब से देखना चाहते हैं तो यहां आ सकते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए यहां के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों के बारे में। 

बेतला नेशनल पार्क

बेतला नेशनल पार्क

PC- Marian kispotta

झारखंड में वन्यजीवन को करीब से देखने के लिए आप यहां के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान बेतला नेशनल पार्क की सैर कर सकते हैं। यह पूरा क्षेत्र उष्णकटिबंधीय सदाबहार जंगलों से भरा है, जहां आप विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीव और वनस्पतियों को देखने का मौका प्राप्त कर सकते हैं। यहां जंगली जीवों में आप हाथी, बाघ, तेंदुआ आदि को देख सकते हैं। इस जंगल क्षेत्र से कोयल नदी गुजरती है, जिसक कारण यहां की जमीन काफी उपजाऊ है।

मानसून के दौरान इस पार्क की खूबसूरत बढ़ जाती है, इस दौरान हाथियों को बारीश के पानी में मस्ती करते देखा जा सकता है। आप यहां जीप और हाथी सफारी की रोमाचंक सैर का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा आप यहां यहां के प्राकृतिक आकर्षणों में नदी-झरनों को भी देख सकते हैं।

दलमा वन्यजीव अभयारण्य

दलमा वन्यजीव अभयारण्य

दलमा वन्यजीव अभयारण्य अपनी खास भौगोलिक स्थित के लिए जाना जाता है, जमशेदपुर से 10 कि.मी की दूरी पर स्थित यह अभयारण्य यहां की दलमा पहाड़ी पर बसा है। जीव-वनस्पतियों से समृद्ध यह क्षेत्र अपनी पहाड़ी सुंदरता के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। आप यहां वन्य जीवों में हाथी, हिरण, स्लोथ भालू आदि को देख सकते हैं।

यह पूरा जंगल क्षेत्र घने जंगलों से घिरा है, जिस वजह से यहां वन्यजीव सुरक्षित रह पाते हैं। रोमांच के शौकीनों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थल काफी खास माना जाता है। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं।

हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य

हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य

झारखंड के वन्यजीव अभयारण्यों की श्रृंखला में आप यहां के पुराने हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह उद्यान राजधानी शहर रांची से लगभग 90 कि.मी की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, भालू , लकड़बग्घा जैसे जंगली जीवों का सुरक्षित घर माना जाता है।

हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य उन पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थल है जो बाघ देखने के शौकीन हैं। आप यहां की रोमांचक सैर का आनंद जी भरकर ले सकते हैं, वन विभाग के द्वारा यहां पर्यटकों के लिए बहुत सी मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उधवा झील पक्षी अभयारण्य

उधवा झील पक्षी अभयारण्य

जंगली जीवों के अलावा अगर आप पक्षी विहार का आनंद लेना चाहते हैं तो आप झारखंड के उधवा झील पक्षी अभयारण्य की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह उद्यान यहां की दो झीलों के मध्य स्थित है।

यह राज्य का एकमात्र पक्षी अभयारण्य, जहां दूर-दराज के सैलानियों का आगमन होता है। सर्दियों के दौरान यहां दूर-दूर से प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। आप यहां पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियों को यहां देख सकते हैं। यहां मजौद झील इस स्थल को खास बनाने का काम करती हैं।

सिंहभूम हाथी रिजर्व

सिंहभूम हाथी रिजर्व

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध सिंहभूम हाथी रिजर्व की सैर का आनंद ले सकते हैं। प्रोजेक्ट हाथी के तहत इसकी गिनती देश के पुराने हाथी संरक्षित क्षेत्रों में की जाती है। आप यहां हाथियों की एक बड़ी संख्या देख सकते हैं।

हाथियों के अलावा आप यहां कई प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों को भी देख सकते हैं। इस जंगल क्षेत्र औषधी गुणों से युक्त वनस्तपतियों का घर भी माना जाता है। अगर हाथी के एक बड़े समूह को करीब से देखना चाहते हैं तो आप यहां जरूर आएं।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more