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हीरा और हीराकुंड की पहचान-संबलपुर

By Goldi

ओड़िशा के तेजी से बढ़ते और बदलते शहरों में शामिल संबलपुर हीराकुंड के लिए जाना जाता है। तेजी से बदलता संबलपुर आज ओडिशा का प्रमुख राजनीतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

महानदी नदी के किनारे स्थित, संबलपुर सदियों पहले संबलपुर अपने हीरों के लिए प्रसिद्ध था, यह हीरों के व्यापार का एक केंद्र था। आज महानदी में और चारों ओर से प्राप्त हीरों की मांग कई संग्रह करने वालों और इसके चाहने वालों को है क्योंकि ये दुनिया में सबसे अच्छे हीरों (स्पष्टता के संदर्भ में) में से माने जाते हैं। संबलपुर में पाया जाने वाला "ताज-ई-माह" (' चांद का ताज 'में शाब्दिक अनुवाद) एक बेरंग 146 कैरेट हीरा, क्षेत्र में पाए जाने वले हीरों की शुद्धता के प्रमाण के रूप में खड़ा है।

अगर आप भारत की प्राचीन सुन्दरता और संस्कृति को निहराना चाहते हैं तो एकबार संबलपुर की यात्रा अवश्य करें, बता दें ये खूबसूरत शहर अपने हैंडलूम उत्पादित साड़ियों और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए हर शोपिंग के दीवाने की लिस्ट में ये जगह जरुर शामिल होती है ।

संबलपुर में पर्यटकों के लिए छोटे द्वीपों से लेकर मंदि रआदि सब कुछ है। तो,आइये जानते हैं संबलपुर में घूमने की खास जगहों के बारे में

हीराकुंड बांध

हीराकुंड बांध

Pc:Akkida
हीराकुंड बांध दुनिया के सबसे प्रसिद्ध बांधों में से एक है और आजादी के बाद भारत में पहली नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। महानदी से करीबन 5 किमी की दूरी पर स्थित हिराकुंड का निर्माण 1957 में हुआ था, इसे दुनिया में इंसान द्वारा बनाया गया सबसे लंबा बांध होने का गौरव प्राप्त है। बांध के निर्माण के माध्यम से बनाई गई कृत्रिम झील शहर को मनोरम दृश्‍य प्रदान करती हैं, यह झील स्थानीय पर्यटकों के बीच पिकनिक स्पॉट के रूप में लोकप्रिय है। पर्यटक इस झील के किनारे बोटिंग और फिशिंग का मजा ले सकते हैं।

समलेश्वरी मंदिर

समलेश्वरी मंदिर

Pc:AmitabhPatra
संबलपुर में समलेश्वरी मंदिर एक और प्राथमिक आकर्षण है। यह श्री श्री समलेश्‍वरी देवी को समर्पित एक हिंदू मंदिर है। यहां देवी की पूजा की जाती है और उनके अनुयायी उन्‍हें प्‍यार से "मां" कहते हैं। संबलपुर में ही नहीं बल्कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी उत्साह के साथ समलेश्वरी देवी की पूजा की जाती है।

बताया जाता है कि , इस मंदिर का निर्माण प्राचीन कल में सम्पन हुआ था, जब यह किसी भी दीवार या भव्य अभयारण्य के बिना एक धार्मिक स्थल के रूप में मौजूद था। मंदिर की वर्तमान इमारत सैकड़ों साल पहले बनाई गई थी और तब से, यह ओडिशा में एक प्रमुख धार्मिक स्थल रही है। यहां मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में नवरात्रि और नौखाई शामिल हैं। यदि आप संबलपुर में पुरानी संस्कृति जानना चाहते हैं, तो समलेश्वरी मंदिर जरुर आयें।

हिरन पार्क

हिरन पार्क

कैटल आइलैंड

कैटल आइलैंड

Pc: AkkiDa
कैटल द्वीप हीराकुंडरिजर्वोइयर के कई द्वीपों में से एक है। यह मूल रूप से एक छोटी पहाड़ी थी जिसे ग्रामीणों ने हीराकुंड बांध के निर्माण के दौरान अपने मवेशियों को पीछे छोड़ कर चले गये थे।समय के साथ पशु ने नस्ल पैदा किए और पशुओं की एक जंगली प्रजातियों को बनाया, जिनके लिए मनुष्य विदेशी प्रजाति हैं। लगभग सभी पशु पूरे द्वीप को एक आलौकिक गुणवत्ता उधार देते हुए, सफेद या क्रीम रंग के होते हैं। जंगली होने के नाते पशु, काफी बड़े होते हैं और अपने पालतू साथियों की तुलना में अधिक क्रूर होते हैं। वे अपने देश की सुरक्षा के लिए आँख बंद करके तेज और रक्षात्मक माने जाते हैं। इन जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए मनुष्य द्वारा किए गए प्रयास अब तक व्यर्थ माने गए हैं। प्रकृति द्वारा पुनर्प्राप्त और सुरक्षित किए गए गांव के अवशेष देखने के लिए द्वीप पर जाएँ।

हुमा मंदिर

हुमा मंदिर

Pc:MKar

हुमा का झुका मंदिर दुनिया में अकेला झुका हुआ मंदिर है। संबलपुर से लगभग 23 किमी दूर दक्षिण में स्थित झुका मंदिर महानदी के तट पर स्थित हुमा के विचित्र गांव में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। लेकिन मंदिर क्‍यों झुका हुआ है, यह रहस्‍य ही बना रहा। मंदिर परिसर में तीन मंदिर हैं और तीनों अलग-अलग दिशाओं में झुके हुए हैं। यह चमत्कार है या नहीं, लेकिन मंदिर की यात्रा एक बार निश्चित रूप से करनी चाहिये।

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