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इन छुट्टियों घूमे प्रकृति की गोद में बसे सिक्किम को

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खूबसूरत रहस्यों की भूमि सिक्किम, भारत का सबसे छोटा राज्य सिक्किम, जोकि पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा है। सिक्किम के लिए 'ना, छोटा पैकेट बड़ा धमाका', कहावत एकदम स्टिक बैठती है, क्योंकि इस राज्य में पर्यटकों के लिए काफी कुछ है जैसे कंचनजंघा। बता दें सिक्किम विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी कंचनजंघा के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। इस राज्य में कुदरत ने जीभर के हाथ ख़ोल के करिश्मा लुटाया है तभी तो इस राज्य में करीबन 28 पहाड़ की चोटियाँ, 227 अत्यधिक उंचाई वाले तालाब और 80 हिमनदियां हैं। जो सिक्किम को बेहद रोमांचक पर्यटन स्थल बनाते हैं। यहां का मौसम बेहद ही सुहाना रहता है.. क्योंकि यहाँ का तापमान गर्मियों में कभी 28 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादातर बढ़ता नहीं है और ठण्ड में 0 डिग्री सेल्सियस पर जमता नहीं है। तो आइये जानते हैं खास कारण कि, आखिर पूर्वोत्तर भारत में स्थित सिक्किम की यात्रा क्यों है जरूरी  

भारत की ऊँची चोटी कंचनजंघा

भारत की ऊँची चोटी कंचनजंघा

Pc:Sandeepc
कंचनजंघा दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची चोटियों में से एक है।यहां के खूबसूरत नज़ारा वाकई देखने लायक होता है। सूर्योदय होते ही उसकी किरणें सुनहरी होकर जमीन से टकराती हैं। जो सैलानियों कि अपना दीवाना बना देती है।

सिक्कम खान-पान

सिक्कम खान-पान

Pc:Krishna Pradhan
सिक्कम खान-पान पूरे भारत में प्रसिद्ध है, खासकर की यहां के मोमोज। इसके अलावा पर्यटक यहा थुक्पा आदि भी चख सकते हैं।

विभिन्न प्रान्त

विभिन्न प्रान्त

सिक्किम, पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण सिक्किम में विभाजित है,जो अलग-अलग क्षेत्र हैं। पूर्वी सिक्किम में जहां गंगटोक स्थित है, पब, रेस्तरां, दुकानों आदि के लिए जाना जाता है। दूसरी तरफ पश्चिम सिक्किम में पेलिंग स्थित है, जो एक लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन है , साथ ही यह ट्रैकिंग ट्रेल्स के लिए भी जाना जाता है। तो उत्तरी सिक्किम लाचेन के लिए जाना जाता है, तो पश्चिमी सिक्किम पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय नहीं है, हालांकि यह सिक्किम का यह भाग बेहद ही सुंदर है।

अगर कहीं जन्नत है तो सिर्फ सिक्किम में..यकीन ना हो तो जाकर देख लीजिये

एडवेंचर स्पोर्ट्स

एडवेंचर स्पोर्ट्स

अगर आप एडवेंचर स्पोर्ट्स करने के शौक़ीन हैं, तो सिक्किम आपके लिए एक एक उत्तम जगह है, यहां पर्यटक बर्फ में कई साहसिक खेलों का मजा ले सकते हैं, इसके अलावा सिक्किम कई खूबसूरत ट्रेकिंग ट्रेल्स के लिए भी जानी जाती है। इसके अलावा पर्यटक ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, आदि का लुत्फ ले सकते हैं।

टेमी चाय

टेमी चाय

Pc:Vikramjit Kakati
चाय प्रेमियों के के लिए सिक्किम में गोद में बसा टेमी चाय किसी स्वर्ग से कम नहीं है। "टेमी चाय" दुनिया भर के चाय प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। इसका उत्‍पादन सिक्किम में टेमी चाय गार्डन में होता है और दुनिया में इकलौता गार्डन है। यह शायद दुनिया का सबसे अच्छा चाय बागान है। टेमी चाय गार्डन टेमी चाय बागान सिक्किम सरकार द्वारा वर्ष 1969 में स्थापित किया गया था। यहां सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली चाय टेमी चाय का उत्‍पादन होता है और इसके बाद गुणवत्ता वाली चाय का नाम "सिक्किम सोलिया" है उसके बाद "मिस्टिक" और "कंचनजंगा चाय" आती हैं।

इन बागानों की चाय पीने के बाद ही आप मदमस्त हो कह उठते हैं,'वाह ताज'

मठ

मठ

Pc:Aakash.gautam
सिक्किम राज्य में बौद्ध धर्म का पालन किया जाता है, जिसके चलते यहां मठों की बहुतायत है जो धार्मिक केंद्रों से कहीं अधिक है। शांति, आध्यात्मिकता, जटिल बौद्ध कला, आदि को यहां अनुभव किया जा सकता है। सिक्किम के प्रसिद्ध मठो में से ये ख़ास है, रुमटेक गोम्पा, रंका गोम्पा, चोर्टन गोम्पा, एनची गोम्पा आदि शामिल हैं।

सत्य के मार्ग से होते हुए अहिंसा पर चलने का पाठ पढ़ाते हैं भारत के ये बौद्ध मठ

गुरुडोंगमार झील

गुरुडोंगमार झील

Pc:StoriesofKabeera
5210 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मीठे पानी की झील पूरे विश्व में सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित जलाशयों में से एक है। यह उत्तरी सिक्किम प्रान्त में स्थित है और चीन के दक्षिणी सीमा से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। यह झील कंचनजंगा पहाड़ियों के उत्तर-पूर्व में स्थित है। सर्दियों के महीनों में यह झील पूरी तरह से जम जाती है। इस झील से 5 किमी पहले ही सो लस्मो झील स्थित है। सेना से पूर्व अनुमति के उपरान्त आप गुरडोंगमार झील से सो लस्मो झील तक ट्रेकिंग कर सकते हैं। पवित्र माने जाने वाली गुरडोंगमार झील का नाम सिक्किम के संरक्षक संत गुरू पद्मसम्भव के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने कुछ धार्मिक आयोजन किये थे और इसीलिये झील का यह भाग वर्ष के सबसे ठंडे महीनों में भी नहीं जमता है।

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