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जंगल में दौड़ता हिरन उसको जबड़े में दबोचता खूंखार शेर , यूं है कॉर्बेट नेशनल पार्क

By Syedbelal

क्या आप वाइल्ड लाइफ के शौक़ीन हैं? क्या आपने शेर को कभी अपने शिकार का पीछा करते हुए देखा है? क्या हिरनों के झुंड में कभी आपने हिरन के नन्हें बच्चे को अपनी मां के आगोश में देखा है ? क्या आप अपने प्राकृतिक वास में रहने वाले हाथियों को किसी पोखर में, तालाब में पानी पीते पोखर में नहाते हुए देखा है? क्या आप नीले आकाश में उड़ने वाले परिंदों को अपने कैमरे में कैद करने की इच्छा रखते हैं? यदि इन सभी प्रश्नों को लेकर आपका जवाब हां में है तो आपको अपने जीवन में एक बार कॉर्बेट नेशनल पार्क की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। Must See : लंदन, पेरिस,न्यू यॉर्क और शिकागो सब क्यों भरते हैं, भारत के आगे पानी

कॉर्बेट नेशनल पार्क वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है जो प्रकृति माँ की शांत गोद में आराम करना चाहते हैं। पहले यह पार्क (उद्यान) रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता था परंतु वर्ष 1957 में इसका नाम कॉर्बेट नेशनल पार्क (कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान) रखा गया। ज्ञात हो कि इस पार्क का नाम प्रसिद्ध ब्रिटिश शिकारी, प्रकृतिवादी और फोटोग्राफर जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया है।

यह राष्ट्रीय उद्यान विशाल हिमालय की तलहटी में स्थित है और अपने हरे भरे वातावरण के लिए जाना जाता है। आज जिम कॉर्बेट पार्क लगभग 160 बाघों को प्राकृतिक आवास में आश्रय प्रदान करता है और इसी बात के चलते ये स्थान पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस पार्क में दिखाई देने वाले जानवरों में बाघ, चीता, हाथी, हिरण, साम्बर, पाढ़ा, बार्किंग हिरन, स्लॉथ भालू, जंगली सूअर, घूरल, लंगूर और रेसस बंदर शामिल हैं।

इस पार्क में लगभग 600 प्रजातियों के रंगबिरंगे पक्षी रहते है जिनमें मोर, तीतर, कबूतर, उल्लू, हॉर्नबिल, बार्बिट, चक्रवाक, मैना, मैगपाई, मिनिवेट,टिट और फ्लायकेचर शामिल हैं। इसके अलावा यात्री यहाँ 51 प्रकार की झाडियाँ, 30 प्रकार के बाँस और लगभग 110 प्रकार के विभिन्न वृक्ष देख सकते हैं। तो आइये जानें कैसे आप कर सकते हैं इस खूबसूरत पार्क की यात्रा।

कैसे जाएं जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क

कैसे जाएं जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पड़ने वाला जिम कॉर्बेट में आप रामनगर से जा सकते हैं। रामनगर, देश की राजधानी दिल्ली से कई ट्रेनों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। यदि आपको महान शिकारी जिम कॉर्बेट के विषय में जानना है तो आप रामनगर में उनके घर की यात्रा अवश्य करें जिसे आज एक संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है।

ढिकाला जोन - आंतरिक क्षेत्र

ढिकाला जोन - आंतरिक क्षेत्र

कॉर्बेट नेशनल पार्क को 5 वर्गों में विभाजित किया गया है। जिसमें बिजरानी, ढिकाला, दोमुंडा झिरना और सोननदी शामिल हैं। इसमें ढिकाला कॉर्बेट के जंगल का आतंरिक क्षेत्र है जहां यदि आप चाहें तो रात के समय ठहर भी सकते हैं। आपको बताते चलें कि कॉर्बेट की ये जोन नवंबर 15 से जून 15 तक खुली रहती हैं। तो यदि इस बीच आप यहां हैं तो वैली ऑफ फ्लॉवर की यात्रा करना न भूलें।

सफारी

सफारी

जीप सफारी - कॉर्बेट की यात्रा के लिए जीप सफारी एक सबसे अच्छा और सुरक्षित विकल्प है। प्रायः यहां पर जीप सफारी को स्थानीय टूर ऑपरेटर्स, रिसोर्ट और लॉज जहां आप ठहरें है कि तरफ से मुहैया कराया जाता है। आपको बता दें कि जीप सफारी में आपको 3 से 3.5 घंटे के बीच कॉर्बेट की सैर कराई जाती है। यहां इन जीप सफारी का आयोजन दिन में दो बार सुबह और दोपहर में किया जाता है। ढिकाला क्षेत्र में जीप सफारी केवल उन्ही लोगों को दी जाती है जो वहां रात में रुक रहे हैं।

हाथी पर सफारी

हाथी पर सफारी

एलीफैंट या हाथी पर सफारी कॉर्बेट का एक अन्य प्रमुख आकर्षण है। हाथी पर बैठ कर आप कॉर्बेट के उन हिस्सों में भी जा सकते हैं जहाँ जीप नहीं जाती है। गौरतलब है कि कॉर्बेट मेंएलीफैंट सफारी की शुरुआत भी ढिकाला से ही होती है और इनका भी आयोजन दिन में 2 बार किया जाता है। तो अब जब भी आप कॉर्बेट आये हाथी में बैठकर वन्यजीवन को निहारना न भूलें।

बस सफारी

बस सफारी

ढिकाला जोन में कई ट्रैवल और टूर ऑपरेटरों के द्वारा बस सफारी का भी आयोजन किया जाता है। ये एलीफैंट और जीप सफारी के मुकाबले थोड़ी सस्ती होती हैं। कॉर्बेट में बस सफारी की शुरुआत रामनगर और धनगरी गेट से होती है।

लॉजिंग

लॉजिंग

किसी भी जगह जाने के लिए लॉजिंग या ठहरना एक बेहद महत्त्वपूर्ण मुद्दा होता है। कॉर्बेट में आपको ठहरने की व्यवस्था आपको ढिकाला और गैरल में मिलेगी इन दोनों ही जगहों पर कई खूबसूरत रिसोर्ट और लॉज मौजूद हैं। यहां आकर आप अपने बजट के अनुसार रह सकते हैं यहां महंगे और सस्ते दोनों ही तरह के रिसोर्ट और लॉज मौजूद हैं। आपको बता दें कि यहां आप अधिकतम 3 रातों तक रह सकते हैं। यहां आने वालों को यही सलाह दी जाती है कि वो शाम होने के बाद अपने अपने कमरों से बहार न निकलें।

कोर ज़ोन या आंतरिक क्षेत्र के बाहर

कोर ज़ोन या आंतरिक क्षेत्र के बाहर

यदि आने वाले पर्यटक चाहें तो वो कोर जॉन के बहार बने लॉजों और रिसोर्ट में रह सकते हैं। यहां कैम्पिंग की भी व्यवस्था है। कॉर्बेट में रहने के लिए यहां क्लिक करें।

यहां का मुख्य आकर्षण है बाग़

यहां का मुख्य आकर्षण है बाग़

यह राष्ट्रीय उद्यान विशाल हिमालय की तलहटी में स्थित है और अपने हरे भरे वातावरण के लिए जाना जाता है। आज जिम कॉर्बेट पार्क लगभग 160 बाघों को प्राकृतिक आवास में आश्रय प्रदान करता है और इसी बात के चलते ये स्थान पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

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