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साल 2018 में भारत की इन कम लोकप्रिय जगहों की करें सैर

By: Namrata Shatsri

भारत का इतिहास 5000 साल से भी ज्‍यादा पुराना है और इस वजह से देश में कई ऐसी जगहे हैं जिन्‍हें धरोहर के रूप में जाना जाता है। भारत संस्‍कृति, कला, परंपरा, संगीत, वास्‍तुकला, दार्शनिक और रहस्‍यों से समृद्ध है। इस वजह से दुनियाभर से इतिहास प्रेमी भारत घूमने आते हैं और ये सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।

इस देश में तंग सड़कों, गलियों और शहरों में स्थित कई प्राचीन जगहें भी हैं जो अब खंडहर बन चुकी हैं। भारत में आधुनिकता और पंरपरा का अद्भुत मेल देखा जा सकता है। भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जिनके बारे में लोगों का जानकारी ही नहीं है।

अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं और लोकप्रिय पर्यटन स्‍थलों से बोर हो चुके हैं तो भारत के इन कम लोकप्रिय स्‍थलों की सैर जरूर करें।

देवीकुलम, केरल

देवीकुलम, केरल

देवीकुलम पॉपुलर हिल स्‍टेशन मुन्‍नार के बेहद नज़दीक है। देवीकुलम में एक पवित्र झील स्थित है और आपको बता दें कि ये शहर इसी झील के लिए जाना जाता है। किवदंती है कि देवी सीता देवीकुलम में स्थित इस झील में स्‍नान करने आया करती थीं। ये झील हरे-भरे पहाड़ों से घिरी हुई है।

इस जगह को यह नाम यहां पर स्थित देवीकुलम झील के नाम से ही मिला है जिसका मलयालम में अर्थ होता है देवी का तालाब। इसके अलावा इस जगह पर कई चाय के बागान और झरने भी हैं जो पर्यटकों को खूब पसंद आएंगें।Pc:Vishnu1409

खोनोमा, नागालैंड

खोनोमा, नागालैंड

खोनोमा राजधानी शहर कोहिमा से 20 किमी दूर स्थित एक छोटा सा पहाड़ी गांव है। ये गांव 700 साल पुराना है और इसमें अंगामी नागा जनजाति के समुदाय के लोग रहते हैं। ये जगह अपने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है और यहां पर बड़े अनोखे तरीके से खेती की जाती है। यहां पर लोग खेती करने का सबसे पुराना रूप यानि छत पर खेती करते हैं।Pc:Jackpluto

नाको, हिमाचल प्रदेश

नाको, हिमाचल प्रदेश

भारत और चीन की सीमा के पास स्थित नाको हिमालय में उत्तरी भारत का एक छोटा सा गांव है। ये हांगरांग घाटी में सबसे ऊंचा गांव भी है। इस गांव से नाको झील की सीमा भी लगती है और यहां पर वर्ष 1025 में निर्मित किया गया नाको मठ भी स्‍थापित है। इसके अलावा यहां अनेक बौद्ध स्‍तूप भी हैं।Pc:Snotch

मांडवा, राजस्‍थान

मांडवा, राजस्‍थान

राजस्‍थान के शेखावटी क्षेत्र में स्थित मांडवा अपने किलों और हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। मांडवा शहर को 18वीं शताब्‍दी में शेखावत राजपूतों द्वारा बसाया गया था।

मांडवा में आपको कई तरह के किले और हवेलियां देखने को मिल जाएंगें। ये काफी शानदार हैं। इसके अलावा इस शहर को दीवारों पर चित्रकारी और खूबसूरत हवेलियों की वजह से ओपन आर्ट गैलरी भी कहा जाता है।Pc:Unknown

चंपानेर - पावधगढ़, गुजरात

चंपानेर - पावधगढ़, गुजरात

गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित चंपानेर एक ऐतिहासिक शहर है जोकि एक समय शानदार शहर हुआ करता था। इस क्षेत्र को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व धरोहर घोषित किया जा चुका है।

चंपानेर की इमारतों में 15वीं शताब्‍दी और 16वीं शताब्‍दी के बीच हिंदू और इस्‍लामिक संस्‍कृति और वास्‍तुकला की झलक देख सकते हैं। यहां पर मस्जिद, हिंदू और जैन मंदिरों के अलावा महल, मकबरे और शाही महल आदि देख सकते हैं।Pc:Ankitipr

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