ओवरहेड या अंडरग्राउंड मेट्रो नहीं बल्कि रोमांचक अंडरवॉटर मेट्रो में सफर का अनुभव करना है तो कोलकाता में आपका स्वागत है। हुगली नदी के नीचे एस्प्लेनेड से लेकर हावड़ा मैदान तक का यह सफर आप कभी नहीं भूल पाएंगे। देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो कोलकाता में शुरू होने जा रही है।

आइए आपको इस अंडरवॉटर मेट्रो से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं
कुछ यूं हुआ अंडरवॉटर मेट्रो का ट्रायल रन
16.6 किमी लंबी यह मेट्रो लाइन सॉल्टलेक सेक्टर 5 से सियालदह होते हुए, एस्प्लेनेड होकर हावड़ा मैदान तक जाएगी। देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो सेवा में हुगली नदी के नीचे बने टनल से होकर मेट्रो ट्रेन गुजरेगी। हालांकि अभी तक यह पूरा स्ट्रेच तैयार नहीं हुआ है, लेकिन पूरे स्ट्रेच के तैयार होने का इंतजार किये बिना ही मेट्रो प्रबंधन ने ट्रायल रन शुरू कर दिया है।
12 अप्रैल को हुगली नदी के नीचे से अंडरवॉटर मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो गया बताया जाता है कि 9 अप्रैल को सियालदह से एस्प्लेनेड के बीच बैट्रीचालित इंजन से 6 कोच वाली 2 मेट्रो को चलाया गया। इन दोनों रेक को ही अंडरवॉटर ट्रायल के लिए भी तैयार किया गया।
कई तरह की हुई परेशानियां
मेट्रो के इस ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को बनाने के दौरान कभी जमीन के नीचे मेट्रो का सुरंग बनाने के दौरान एक पूरा इलाका धंस गया जिसमें सैंकड़ों लोग बेघर हो गये। कभी सुरंग काटने वाली टीबीएम मशीन ही जमीन के अंदर फंस गयी जिसे जमींदोज कर देना पड़ा। सुरंग में बार-बार पानी रिसने की समस्या भी हुई, जिसे दूर किया गया।
अंडरवॉटर ट्रायल की सफल शुरुआत के बाद कोलकाता मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि हावड़ा मैदान सर्वाधिक गहरा स्टेशन है। यह जमीन से करीब 33 मीटर नीचे बनाया गया है। अगले 7 महीनों तक इस लाइन पर मेट्रो का ट्रायल रन होगा जिसके बाद मेट्रो के इस लाइन को सेफ्टी सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
कोलकाता ने दी थी देश को पहली मेट्रो

देश भर में आज कई शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, जिसमें दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई और अब पटना भी शामिल होने वाला है। लेकिन देश को पहली मेट्रो सेवा कोलकाता ने दी थी। अब कोलकाता में ही देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो शुरू होने वाली है। कोलकाता में 1984 में पहली मेट्रो शुरू हुई थी। उस समय मेट्रो के सभी रेक नॉन एसी हुआ करते थे। उस समय मेट्रो की सेवा एस्प्लेनेड से भवानीपुर (अब नेताजी भवन) स्टेशनों के बीच शुरू हुई थी। यह मेट्रो सेवा पूरी तरह से अंडरग्राउंड थी।
पहली अंडरग्राउंड मेट्रो सेवा
क्या आपको पता है, कोलकाता के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में दमदम स्टेशन छोड़ने के बाद से लेकर महानायक उत्तम कुमार स्टेशन (टालीगंजी) के ठीक पहले तक, यह पूरा स्ट्रेच पूरी तरह से अंडरग्राउंड है। इसके साथ ही ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के सियालदह और बहू बाजार मेट्रो स्टेशन भी अंडरग्राउंड ही बनाये गये हैं।
ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में सेक्टर 5 से सियालदह तक मेट्रो सेवा बहाल हो चुकी है। अब सियालदह से एस्प्लेनेड और एस्प्लेनेड से हुगली नदी के नीचे से होते हुए हावड़ा मैदान तक की मेट्रो सेवा को शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं।



Click it and Unblock the Notifications













