Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »दिल्ली का पुराना लाल किला बनाम नया लाल किला.... किस पर फहराया जाता है तिरंगा?

दिल्ली का पुराना लाल किला बनाम नया लाल किला.... किस पर फहराया जाता है तिरंगा?

77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले पर तिरंगा फहरायेंगे और फिर देश को संबोधित करेंगे। हर किसी के लिए यह गर्व की बात है। खास तौर से इस प्राचीन इमारत के लिए जो बीते 76 वर्षों से आज़ादी के उत्सव की गवाह है। लेकिन क्या आप जानते हैं, दिल्ली में एक और लाल किला है?

red fort history

जी हां, दिल्ली में दो लाल किला हैं, एक पुराना और एक नया! और हम आज दोनों लाल किला की बात करेंगे और आपको बतायेंगे कि हर साल 15 अगस्त के दिन जिस लाल किला पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं, वो पुराना है या नया। पहले बात करते हैं उस लाल किला की शाहजहॉं ने बनवाया था और जहां से कल प्रधानमंत्री राष्‍ट्र को संबोधित करेंगे।

लाल किला से जुड़े रोचक तथ्‍य

  • दिल्ली के लाल किले को किला-ए-मुबारक भी कहा जाता है।
  • यह किला लगभग 3 किलोमीटर तक फैला हुआ है।
  • किले के परिसर का कुल क्षेत्रफल 124 एकड़ है।
  • किले का नक्शा उस समानान्तर चतुर्भुज के जैसा है जिसके कोण थोड़े झुके होते हैं।
  • किले के चारों ओर 23 मीटर लंबी और 9 मीटर गहरी खाई है।
  • इसके चार विशाल द्वार हैं।
  • किला परिसर में कुल 32 छोटी-बड़ी इमारतें बनी हुई हैं।
  • 2007 में इसे यूनेस्को ने इसे विश्‍व धरोहरों में शामिल किया था।
red fort

लाल किले में खास और आम जगहें- छाता चौक बाज़ार, नक्कार खाना, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, रंग महल, खास महल, मुमताज महल, मोती मस्ज‍िद, हमाम, बारादरी, शाह बुर्ज, असद बुर्ज, मुस्सामन बुर्ज, हयात बक्श बाग, सावन-भादो पवेलियन, जहाज़ महल, तस्बीह खाना, नाहर-ए-बिशिष्‍ट, सेना का बैरक।

1857 में इसी किले में अंग्रेज़ सरकार के खिलाफ विद्रोह हुआ था। उस दौरान हज़ारों की संख्‍या में विद्रोहियों ने मेरठ से दिल्ली कूच किया और एक एक अंग्रेजी अधिकारी को मारने का मकसद लेकर किले पर हमला बोल दिया। दरअसल ये लोग बहादुर शाह ज़फर को हिन्दुस्तार का सुल्तान बनाना चाहते थे, जिसके ब्रिटिश ने सफल नहीं होने दिया। तीन महीने के भीतर बहादुर शाह ज़फर को रंगून भेज दिया गया, जहां उनका देहांत हो गया और यह विद्रोह ठंडा पड़ गया।

दिल्ली में एक और लाल किला

आइये अब बात करते हैं एक और लाल किला की जो दिल्ली में ही है। हां, यह जरूर है कि अब इस किले की दीवारें टूटी हुई हैं, दीवान-ए-आम हो या दीवान-ए-खास हर जगह की छतें गायब हैं। यानि कुल मिलाकर यह खंडहर हो चुका है।

Qila Raipithora

हम बात कर रहे हैं लाल कोट यानि किला रायपिथौरा की। यह मेहरौली में स्थित है जिसे दिल्ली के तोमर राजपूत शासक अंगपाल द्वितीय ने बनावाया था। महाराजा सायाजीराव विश्‍वविद्यालय, वडोदरा में शैलेंद्र कुमार द्वारा 2018 में किए गए शोध के अनुसार इस लाल किले के प्रमाण देखने हैं तो दिल्ली के कुतुब मीनार के पास स्थित आयरन पिलर यानि लौह स्तंभ को जाकर करीब से देख‍िये। इस स्तंभ पर आज भी लाल कोट के निर्माण की तारीख लिखी हुई है। इसके चारों ओर खंडहर में तब्दील हो चुकी दीवारें इसके इतिहास की गवाह हैं।

कौन सा लाल किला पहले बना?

जिस लाल किले के बारे में आपने पहले पड़ा, यानि जहां हर साल 15 अगस्त को तिरंगा फहराया जाता है, दरअसल वो लाल किला बाद में बना था। इस किले का निर्माण मुगल शासक शाहजहॉं ने 375 साल पहले करवाया था। किले का निर्माण 12 मई 1639 में शुरू हुआ था, और इसका उद्घाटन 6 अप्रैल 1648 में हुआ था। यानि इस किले को बनाने में करीब 9 साल लगे थे।

Qila Raipithora

लाल कोट यानि पुराना लाल किला

जी हां लाल कोट जो दिल्ली का पहला लाल किला है, उसका निर्माण 11वीं सदी में तोमर राजपूतों के शासनकाल में किया गया था। एएसआई द्वारा किए गए उत्खनन में कई बार राजपूत शासकों से जुड़े सामान मिल चुके हैं। दरअसल 12वीं सदी में अजमेर के चौहान शासक पृथ्‍वीराज चौहान ने तोमरों से यह किला जीत लिया था। पृथ्‍वीराज चौहान को ही राज पिथौरा के नाम से जाना जाता था। इसलिए इस किले का नाम किला पिथौरा पड़ा था। इस किले के चारों ओर 10 से 18 मीटर तक ऊंची दीवारें हुआ करती थीं। इसके 13 द्वार थे लेकिन पूरी दिल्ली खोने पर भी आपको आज एक भी द्वार नहीं मिलेगा।

Qila Raipithora

कुतुबुद्दीन ऐबक ने मचाई तबाही

1192 ईवीं में तुर्की से आये मुहम्मद घोरी ने भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली पर फतह हासिल की। मध्‍य एशिया वापस लौटते वक्त उसने कुतुबुद्दीन ऐबक को दिल्ली की बागडोर सौंप दी। कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली के इस लाल किले के साथ-साथ यहां बने 27 हिन्‍दू व जैन मंदिरों को ढहा दिया। आगे चलकर जब मोहम्मद घोरी की मौत हो गई, तब ऐबक ने खुद को दिल्ली का शासक घोषित कर दिया। आज उसी राजपिथौरा प्रांगण में कुतुब मीनार स्थ‍ित है, जिसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने ही करवाया था।

Qutub Minar

उम्मीद है पुराने और लाल किले से जुड़ा यह लेख आपको पसंद आया होगा। पहला लाल किला जिसे राजपूतों ने बनावाया और दूसरा लाल किला जिसे शाहजहॉं ने बनवाया। आज जहां हर साल आज़ादी का जश्‍न मनाया जाता है, दरअसल वो दूसरा लाल किला है।

More News

Read more about: red fort delhi
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+