करीब 4 साल पहले फरवरी 2016 को कश्मीर के पुलवामा जिले में स्थित जम्मु एंड कश्मीर एंटरप्रेनरशिप डेवलपमेंट इंस्टिट्यूशन (JKEDI) में हुए आतंकी हमला के घाव आज भी लोगों के दिलों में ताजा है। आतंकवादियों JKEDI बिल्डिंग पर हमला कर दिया था जिसमें कई महिलाएं समेत आम नागरिक फंस गये थे। इससे कुछ दिनों पहले ही पुलवामा में ही आतंकवादियों ने सेना के काफिले पर भी हमला किया था जिसमें भारतीय सेना के 40 जवान शहीद हो गये थे।

अब बारी सेना के उस जवान को श्रद्धांजलि व सम्मानित करने की है, जिसने इस हमले में अपना सर्वस्व भारत माता पर न्योछावर कर दिया। इसी सोच के साथ अब जम्मु-कश्मीर के रेलवे स्टेशन उधमपुर का नाम बदल दिया जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उधमपुर स्टेशन के नये नाम की घोषणा कर दी है। बता दें, उधमपुर स्टेशन को नये नाम देने का प्रस्ताव जम्मु-कश्मीर सरकार की तरफ से दिया गया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब उधमपुर स्टेशन को 'शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन' के नाम से जाना जाएगा।
कौन है कैप्टन तुषार महाजन

कैप्टन तुषार महाजन भारतीय सेना के स्पेशल फोर्ट के 9 पैरा के अधिकारी थे। फरवरी 2016 को जब आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के पम्पोर में स्थित JKEDI बिल्डिंग पर हमला किया था, तब कैप्टन महाजन ने अपनी जान पर खेलकर एक आतंकवादी को ढेर कर दिया था। हालांकि इस हमले में सेना के इस जांबाज जवान को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया। अपनी वीरता की वजह से कैप्टन तुषार महाजन को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। अब इस जवान सम्मानित करते हुए उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन' किया गया है। बता दें, कैप्टन महाजन उधमपुर के ही रहनेवाले थे।
काफी अहम है यह रेलवे स्टेशन

उधमपुर रेलवे स्टेशन उत्तरी रेलवे जोन का बहुत ही महत्वपूर्ण स्टेशन है, जो जम्मु-कश्मीर को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने का अहम काम करता है। इसके साथ ही लद्दाख को देश के बाकी हिस्सों से रेलवे कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ने के लिए डिजाइन किये गये बिलासपुर-मनाली-लेह नयी लाइन परियोजना का भी बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्टेशन का नाम कैप्टन तुषार महाजन के नाम पर रखने से यह स्टेशन ना सिर्फ लोगों को कैप्टन की शहादत की याद दिलाता रहेगा बल्कि यह हमें इस बात का भी अहसास दिलाएगा कि भारतीय सेना नागरिकों की रक्षा के लिए अपनी जान पर खेलने से भी पीछे नहीं हटती है।
बता दें, उधमपुर का नाम जिले के महाराजा गुलाब सिंह के सबसे बड़े बेटे राजा उधम सिंह के नाम पर रखा गया था। उन्होंने जम्मु और कश्मीर में डोगरा शासन की स्थापना की थी।



Click it and Unblock the Notifications













