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ये है उत्तराखंड की अनसुनी-अनदेखी जगहें..एक बारे जायें जरुर

Written By: Goldi

जब भी उत्तराखंड घूमने की मन होता है तो दिमाग बस देहरादून, मसूरी, कसौनी तक ही सीमित रह जाता है, लेकिन जनाब ऐसा नहीं है। उत्तराखंड में कई ऐसी जगहें मौजूद है, जो पर्यटन के हिसाब से ज्यादा लोकप्रिय नहीं है।लेकिन जब आप यहां की सैर करेंगे तो बस आपका मन कहेगा काश ये जगहें पहले पता होती। उत्तराखंड में ये छुपी जगहें शहर के खीच पीच से दूर आपको असीम शांति का एहसास कराएगी। अगर आप भी इन छुट्टियों के दौरान अपने पार्टनर या खुद के साथ कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं...तो इन जगहों पर जरुर जाएँ। आइये एक नजर डालते हैं स्लाइड्स पर....

चकराता

चकराता

उत्तराखंड स्थित चकराता अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह नगर देहरादून 98 किलोमीटर दूर है। चकराता प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंगमें रुचि लेने वालों के लिए एकदम उपयुक्त स्थान है। यहाँ के सदाबहार शंकुवनों में दूर तक पैदल चलने का अपना ही मजा है। चकराता में दूर-दूर फैले घने जंगलों में जौनसारी जनजाति के आकर्षक गांव हैं। बता दें, यहाँ किसी भी विदेशी यात्री का आना बिल्कुल ही प्रतिबंधित है। टौंस नदी और यमुना नदी के बीच बसा यह क्षेत्र, ब्रिटिश इंडियन आर्मी का छावनी क्षेत्र हुआ करता था।
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ज्योलिकोट

ज्योलिकोट

ज्योलिकोट नैनीताल और हरिद्वार हाइवे के बीच में स्थित है...इस खूबसूरत जगह की खोज श्रीअरबिंदो घोष और विवेकानंद ने की थी। यह जगह गर्मियों की छुट्टियों के लिए एकदम बेस्ट डेस्टिनेशन है। यहां से से कुमाऊं पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है।

नौकुचिया ताल

नौकुचिया ताल

नौकुचियाताल एक छोटा सा झील वाला गाँव है जो कि उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यह दर्शनीय पर्यटन स्थल समुद्र तल से 1219 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।नौकुचियाताल झील को 'नौ कोनों' वाली झील भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि कोई अगर एक ही बार में नों कोनों को देख लेता है तो उसे निर्वाण की प्राप्ति होती है जिसका तात्पर्य है 'मन की शांति'। पानी के अन्दर एक झरना है जिससे झील में पूरे साल पानी का स्तर बना रहता है। पर्यटक नौकुचियाताल झील में बोटिंग का और झील के आस पास पैराग्लाइडिंग का आनंद ले सकते हैं।
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मोरी

मोरी

मोरी उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक गाँव है। यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल समुद्र तल से 3700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह स्थान जौनसर बावर क्षेत्र में टोंस नदी के किनारे स्थित है। टोंस नदी तमस नदी के नाम से भी जानी जाती है एवं इस जगह को टोंस घाटी का प्रवेश द्वार भी कहते हैं। मोरी आने वाले पर्यटक यहां साहसिक खेल जैसे ट्रेकिंग, जंगल की सैर, चट्टानों पर चढ़ना एवं रेप्लिंग का आनंद भी उठा सकते हैं।

अबोट माउंट

अबोट माउंट

अबोट माउंट उत्तराखंड के चंपावत जिले में समुद्री स्तर से 6400 की ऊंचाई पर स्थित है। शहर की भीड़भाड़ से दूर यह यह जगह यहां आने वाले पर्यटकों को असीम शांति का एहसास कराती है। इतना ही नहीं यहां से बर्फ से ढके हुए पहाड़ भी बेहद मनोरम नजर आते हैं।

लोहाघाट

लोहाघाट

चंपावत से 14 किमी दूर लोहावती नदी के किनारे बसा लोहाघाट एक ऐतिहासिक शहर है। यहां की सुंदरता से मुग्ध होकर पी. बैरन ने इसे कश्मीर के बाद धरती के दूसरे स्वर्ग का खिताब दे दिया।
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