अगर आप भीड़भाड़ भरे शिमला को घूम-घूमकर थक चुके हैं, तो क्यों ना इस बार कोई नयी जगह घूमी जाये। जहां भीड़ भी कम हो प्राकृतिक सुन्दरता भी हो और छुट्टियों को अच्छे से एन्जॉय भी किया जा सके।
इसीलिए अज हम आपको बताने जा रहे हैं,शिमला से कुछ दूरी पर स्थित पब्बर घाटी के बारे में। पब्बर घाटी से बहुत ही कम लोग अनिभिज्ञ हैं। ये घाटी चारों तरफ से पहाड़ों से घिरी है और वसंत के मौसम में इस घाटी का नज़ारा बेहद खूबसूरत लगता है। इस घाटी पर पहुंचने वाले ट्रैकर्स को ओक और देवदार के पेड़ों के साथ सेब के बागान भी देखने को मिलते हैं।
शिमला मनाली की तरह इस जगह पर्यटकों का जमवाड़ा देखने को नहीं मिलता है,लेकिन इस जगह की खूबसूरती देखने के बाद शायद ही आप शिमला की ओर रुख ना करें।

रोहरू से बुरान घाटी पास
हिमाचल प्रदेश का छोटा सा शहर है रोहरू जो ट्राउट फिशिंग के लिए मशहूर है। यहां से बुरान घाटी पास तक की ट्रैकिंग में कई छोटे गांव, हरे घास के मैदान, घने जंगल, झीलें और बर्फ से ढके पहाड़ पड़ते हैं। ये जगह प्राकृतिक सौंदर्य और एडवेंचर से भरी है।
बुरान घाटी पास 4578 मीटी की ऊंचाई पर स्थित है। किन्नौर जाने वाले चरवाहों के लिए ये काफी सामान्य रूट है। यहां से नीचे घाटी का बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।PC: Jan J George

खरपत्थर से गिरि गंगा
रूपिन पास अलग-अलग टैरेंस के लिए मशहूर है। ये ट्रैक धौला से शुरु होता है और ऊंची चट्टानों, घने जंगलों, खूबसूरत गांव, बर्फीली जगहों और रूपिन नदी के तट से गुज़रता है। लंबी सैर के लिए प्रतिफल बदलती परिदृश्य और एक सम्मोहित तीन चरण का झरना है। रुपिन पास के ट्रैक का अंतिम चरण 4619 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
PC: Travelling Slacker

जंग्लिक से चंद्रनाहन झील
चार हजार मीटर की ऊंचाई स्थित चंद्रनाहन झील पूरे साल बर्फ से जमी रहती है। स्थानीय लोगों में इस झील को काफी पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस झील में एक डुबकी लगाने से इंसान के सभी पाप धुल जाते हैं।
इस झील का नज़ारा बेहद खूबसूरत है। यहां से आसपास का दृश्य बहुत अच्छा लगता है। इस ट्रेल पर जंग्लिक गांव आखिरी स्टॉप है और फिर इस ट्रैक पर आप पाइन, ओक और रोदोदेनद्रॉन के पेड़ों के जंगलों तक लेकर जाता है।PC: Alok Kumar

गदसारी गांव से सरु झील
पब्बर घाटी में ये ट्रैकिंग ट्रेल सबसे कम लोकप्रिय है। इस रास्ते में घने जंगल पड़जे हैं और सरु झील 11,865 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस ट्रैक को पूरा करने में एक दिन लगता है। यहां आप मोटर गाड़ी से भी पहुंच सकते हैं। गदसारी गांव से छनशाल पास से होकर गुज़रता है ये ट्रैक। गदसारी गांव में घनी वनस्पतियां और कई झीलें हैं। इसके अलावा बंदरपूंछ श्रृंख्ला से आसपास का बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। ये ट्रैक सरु झील पर जाकर खत्म होता है।PC:Aditya0905



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