केंद्र सरकार ने 8 हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को बनाने की मंजूरी दे दी है। इन सभी हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को बनाने का कुल खर्च ₹50 हजार करोड़ से ज्यादा होने वाला है। इन सभी हाई स्पीड रोड कॉरिडोर के विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट कर विस्तृत जानकारी दी है।
अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि इन सभी हाई स्पीड रोड कॉरिडोर का निर्माण हो जाने के बाद देश के अलग-अलग कोनों में स्थित शहरों के बीच की दूरी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा घट जाने वाली है। इससे लोगों को एक शहर से दूसरे शहर में पहुंचने में आसानी तो होगी ही, साथ में ईंधन की भी काफी बचत होने वाली है।

936 किमी होगी कुल लंबाई
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार पिछले शुक्रवार को ही पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक में इन सभी 8 हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को बनाने की मंजूरी दे दी गयी है। बताया जाता है कि इन सभी 8 रोड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 936 किमी होगी, जिसे बनाने में करीब ₹50,655 करोड़ का खर्च होगा। केंद्र सरकार का दावा है कि यह रोड कॉरिडोर प्रोजेक्ट लगभग 4.42 करोड़ दिन के बराबर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
कौन से 8 हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को मिली मंजूरी
| हाई स्पीड रोड कॉरिडोर | लेन |
| आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर | 06 |
| खड़गपुर-मोरग्राम नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर | 04 |
| थराड़-देसा-मेहसाणा-अहमदाबाद नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर | 06 |
| अयोध्या रिंग रोड | 04 |
| रायपुर-रांची नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर | 04 |
| कानपुर रिंग रोड | 06 |
| गुवाहाटी बायपास और रिंग रोड | 04 |
| नासिक फाटा-खेड कॉरिडोर | 08 |
आइए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से :

आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
यह 88 किमी लंबा ग्रीनफिल्ड कॉरिडोर 6 लेन का होगा। इस रोड को बनाने की आनुमानिक लागत ₹4,613 करोड़ हो सकती है। बताया जाता है कि इस कॉरिडोर के बन जाने से आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी में लगभग 7% और यात्रा के समय में लगभग 50% की कमी आएगी।
खड़गपुर-मोरेग्राम नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
यह 231 किमी लंबा 4 लेन का कॉरिडोर होगा। जानकारी के अनुसार इस ग्रीनफिल्ड कॉरिडोर को बनाने में करीब ₹10,247 करोड़ की लागत आएगी। इसके बन जाने से खड़गपुर मोरेग्राम हाईवे की क्षमता करीब 5 गुना बढ़ जाएगी। यह हाई स्पीड रोड कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूती देगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में करीब 9-10 घंटे का समय लगता है लेकिन हाई स्पीड रोड कॉरिडोर के बन जाने से इस दूरी को तय करने में महज 3-5 घंटे का ही समय लगेगा।
थराड़-देसा-मेहसाणा-अहमदाबाद नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
214 किमी लंबा यह हाई स्पीड कॉरिडोर 6 लेन होगा और इसे बनाने में करीब ₹10,534 करोड़ की लागत आ सकती है। इसके बन जाने से अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लिंक मिल जाएगा। यह हाई स्पीड कॉरिडोर गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। बताया जाता है कि इस हाई स्पीड रोड कॉरिडोर के बन जाने से थराड़ और अहमदाबाद के बीच का ट्रैवल टाइन लगभग 60% तक घट जाएगा।
अयोध्या रिंग रोड
यह 68 किमी लंबा रास्ता होगा, जो 4 लेन चौड़ा होगा। अयोध्या में कई हाईवे को आपस में जोड़ने में यह रिंग रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह रिंग अयोध्या और लखनऊ एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। अयोध्या रिंग रोड को बनाने की लागत करीब 3,935 करोड़ रुपए होगी।
रायपुर-रांची नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
137 किमी लंबा यह हाई स्पीड रोड कॉरिडोर 4 लेन चौड़ा होने वाला है। पथलगांव से गुमला के बीच बनने वाला यह हाई स्पीड रोड कॉरिडोर माइनिंग और मैन्यूफैक्चरिंग इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। बताया जाता है कि इस हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को बनाने में लगभग ₹4,473 करोड़ खर्च हो सकते हैं।

कानपुर रिंग रोड
यह 47 किमी लंबा 6 लेन का रिंग रोड होगा, जिसे बनाने की लागत करीब ₹3,298 करोड़ होने वाली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर ईस्ट का मैनचेस्टर कहे जाने वाले औद्योगिक शहर कानपुर को जाम से मुक्ति दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच माल परिवहन में तेजी आने की पूरी संभावना है।
गुवाहाटी बायपास और रिंग रोड
जानकारी के मुताबिक यह बायपास लगभग 121 किमी लंबा होगा, जो 4 लेन चौड़ा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्मपुत्र नदी पर नया ब्रिज भी बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के कारण पूर्वोत्तर राज्यों को काफी फायदा मिलेगा। इस बायपास को बनाने की आनुमानिक लागत ₹5,729 करोड़ हो सकती है।
नासिक फाटा-खेड कॉरिडोर
यह 30 किमी लंबा कॉरिडोर होगा, जो 8 लेन चौड़ा होगा। यह एक एलिवेटेड हाई स्पीड रोड कॉरिडोर होगा, जिसे बनाने की आनुमानिक लागत ₹7,827 करोड़ होगी। इस कॉरिडोर के बन जाने से पिंपरी चिंचवाड़ के पास लगने वाले भयानक जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।



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