भारत को गांवों का देश कहा जाता है। क्योंकि यहां के कई ऐसे गांव हैं, जो अपने आप में अनोखे हैं। ऐसे में आज हम आपको जिस गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, वह गांव देश के सभी बंधनों को तोड़ देता है। दरअसल, हम जिस गांव की बात कर हैं, उस गांव में एक भी मंदिर नहीं है। यह गांव बिहार के सीवान में स्थित है, जिसका नाम है- सुरवीर गांव।
जी हां, सुरवीर गांव में एक भी मंदिर नहीं है। इस गांव में देवता खुले आसमान के नीचे विराजते हैं और ऐसे ही इनकी पूजा भी की जाती है। ग्रामीणों की मानें तो इस गांव में जिसने भी मंदिर बनवाने का प्रयत्न किया, उसी रहस्यमई मौत हो गई। करीब 3000 आबादी वाले इस गांव के ग्रामीणों का कहना है कि यहां मौजूद शिवलिंग की रक्षा स्वयं नाग देवता कर रहे हैं।

मंदिर बनवाने पर हो जाती है मौत
इसी डर के कारण आजतक किसी ने मंदिर निर्माण के लिए अपना हाथ आगे नहीं बढ़ाया। इसीलिए आज भी यहां पेड़ के नीचे रखे शिवलिंग की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि एक बार गांव के एक व्यक्ति ने जैसे ही बाहर रखे शिवलिंग को मंदिर में ले जाने की कोशिश की, उसी पल उनकी बेहद रहस्यमई तरीके से मौत हो गई, जिसके बाद से ही आजतक किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई।

आक्रमणकारियों की भी मौत
कहा जाता है कि एक बार कुछ आक्रमणकारियों ने पूजा वाले स्थान पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन लोगों की भी रहस्यमई तरीके से मौत हो गई थी। ऐसे में अब कोई भी आक्रमणकारी सामने नहीं आता। किवदंती है कि जो भी मंदिर पर आक्रमण करता है या मंदिर बनवाने का प्रयास करता है, उसे नाग देवता डस लेते हैं।
8 जगहों पर खुले में हैं देवी-देवता
सुरवीर गांव में 8 ऐसे स्थान है, जहां देवी-देवता की मूर्ति खुले आसमान के नीचे है और इनमें से किसी के लिए एक भी मंदिर नहीं है। गांव के लोगों में नाग देवता का डर बना रहता है। हालांकि, ग्रामीणों के लिए यहां शिवलिंग वाला स्थान काफी पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मनोकामना पूरी होती है।



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