भारत एक ऐसा देश है, जहां घूमने के लिए आपको सब कुछ मिल जाएगा। इसकी सुंदरता का वर्णन जितना किया जाए, उतना कम है। यहां के कई ऐसे डेस्टिनेशंस हैं, जहां न सिर्फ देशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है बल्कि विदेशी पर्यटक भी इन स्थानों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में पहले स्थान पर रखते हैं।
ऐसे में कुछ यात्री उन डेस्टिनेशंस पर जाने की प्लानिंग कर लेते हैं, जिसके बारे में उन्हें कुछ पता भी नहीं होता और फिर यही से शुरू होती है ठगी..। आज के समय में पर्यटन के दौरान ठगी आम बात हो गई है। लेकिन एक मिनट... आप कौन सी ठगी के बारे में सोच रहे हैं। अरे भाई मैं उस ठगी के बारे में नहीं बता रहा, ये थोड़ा सा हट के है और काफी अनोखा भी..। इस ठगी में न तो आपको ठगे जाने का एहसास होगा और न हीं इसकी कोई कम्पलेन की जा सकेगी।

डोन्ट वरी.. अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इन ठगी के तरीकों से हम आपको इस लेख के जरिए रूबरू कराएंगे, जिससे आप कहीं जाने पर ठगे न जाए और आपकी यात्रा में 'रंग में भंग' न पड़े।
भाषा के नाम पर ठगी
भारत विविधताओं का देश है, ऐसे में यहां अलग-अलग जगहों पर भिन्न-भिन्न भाषाएं बोली जाती है। इससे पर्यटकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कुछ ठग लोग लोकल भाषा न आने पर पर्यटकों को ठग लेते हैं।
सावधानी (कैसे बचें?) - ऐसे में कोशिश करें कि अगर उस डेस्टिनेशन पर कोई परिचित हो तो उसकी मदद जरूर लें। या फिर किसी गाइड की भी मदद ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि जो भी गाइड आप हायर कर रहे हैं वो सही व्यक्ति हो, ठग न हो।
होटल की बुकिंग में ठगी
इस बात का बिल्कुल ध्यान रखें कि होटल की बुकिंग करते समय आप दोनों तरीकों से ठगे जा सकते हैं- ऑनलाइन और ऑफलाइन। कई बार होटल से डायरेक्ट बुकिंग करने पर रूम महंगा पड़ जाता है और कई बार ऑनलाइन बुकिंग करने पर दिखाए गए ऑप्शन नहीं मिलते, तो इसके लिए ध्यान दें।
इसके अलावा, रेलवे या बस स्टेशन या फिर एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर सबसे पहले पर्यटक टैक्सी या ऑटो सर्च करते हैं। ऐसे में कभी भी उनसे होटल के बारे में न पूछे। क्योंकि उनके होटल वालों से लिंक्स होते है, जिससे वे आसानी से आपको कमरा तो दिला देते हैं लेकिन इसके लिए होटल वालों से कमीशन भी लेते हैं, जो आपको पता भी नहीं चलता।

सावधानी (कैसे बचें?) - ऐसे में आप जब भी ट्रैवल करें तो पहले डेस्टिनेशन के आसपास के होटल चेक कर लें, फिर रेटिंग देखते हुए बुकिंग को लेकर बात कर लें। इसके बाद ऑनलाइन भी चेक कर लें। ऐसे में आपको जो ऑप्शन सही लगे, आप वो तरीका अपना सकते हैं। या फिर आप डायरेक्ट जाकर होटल में बात कर सकते हैं।
मुद्रा बदलने के नाम पर ठगी
इस लिस्ट में विदेशी पर्यटक ही आते हैं, जो अपनी विदेशी करेंसी को बदलने के लिए ऑथराइज्ड ऑफिस के लाइन में न लगकर किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आ जाते हैं, जिनका इस काम के लिए गवर्नमेंट से टाइयप भी नहीं होता और फिर वे विदेशियों से ठगी कर लेते हैं या नकली करेंसी देकर या फिर कम पैसे देकर..।
सावधानी (कैसे बचें?) - कोशिश करें कि मुद्रा एक्सचेंजर (जो गवर्नमेंट से ऑथराइज्ड हो) से ही करेंसी बदलें ताकि आपको मिलने वाली करेंसी नकली न हो।
गाइड के नाम पर ठगी
भारत के किसी भी डेस्टिनेशन में आप जाएंगे, आपको वहां कोई न कोई व्यक्ति ऐसा मिल जाएगा, जो आपसे बिना किसी टॉपिक पर बात किए आपको जगहों के बारे में बताने लगेगा और अंत में आपसे पैसे की डिमांड करेगा, जो आपको देना ही पड़ेगा..। नहीं तो आप लोग तो जानते ही हैं कि ये भारत है और वे वहां के लोकल..।
सावधानी (कैसे बचें?) - डेस्टिनेशन पर पहुंचने से पहले आप नेट पर आप उसके बारे में जानकारी ले लें और फिर घूमने जाए। या फिर किसी अच्छे गाइड की तलाश न की फर्जी..। फर्जी गाइड बाद में पूरा डेस्टिनेशन भी कवर नहीं करते और बाद में मोटी रकम भी वसूल लेते हैं। तो ऐसे में जांच परख कर ही गाइड करें अन्यथा इग्नोर करें।
विदेशी सैलानियों से ठगी
भारत में सबसे अधिक कोई ठगा जाता है तो वो विदेशी पर्यटक..। इसका मुख्य कारण उनकी लत है। अब 'विदेशियों के लत' का मतलब तो आप समझते ही होंगे। ऐसे में इन सब चक्करों में फंस कर वे अपना नुकसान करवाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। इस बीच अगर उन्हें कोई गलत व्यक्ति मिल जाता है तो विदेशी पर्यटकों को काफी नुकसान भी झेलना पड़ता है।
सावधानी (कैसे बचें?) - भारत में घूमने आने सभी विदेशियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे यहां घूमने आए हैं न कि अपनी लत को बढ़ावा देने...। पर्यटन से मन की शांति और खुशी मिलती है, जिसके अलावा उन्हें फालतू कामों में रूचि नहीं लेनी चाहिए और खुद पर आत्मनियंत्रण रखना चाहिए।
किराए पर व्हीकल देने के नाम पर ठगी
जैसा की शुरुआत मैंने बताया कि भारत में कई सारे ऐसे डेस्टिनेशंस हैं, जहां पर्यटकों को सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है और यही से शुरू होती है ठगी..। भारत में कई ऐसे डेस्टिनेशंस हैं, जहां पर्यटकों को काफी आसानी से बाइक या कार किराए पर मिल जाता है, जिससे पर्यटक आसानी से अपनी ट्रिप का आनंद ले सकें।
लेकिन आज के समय में इस धंधे में कुछ चोर किस्म के व्यापारी भी घुस चुके हैं, जो पर्यटकों को जान-बूझकर खराब गाड़ी दे देते हैं, जो पहले से ही डेंट वाली हो। ऐसे में जब पर्यटक बिना ध्यान दिए उन गाड़ियों को ले लेते हैं तो फिर वापसी के समय वे इसके पैसे भी लेते हैं।
सावधानी (कैसे बचें?) - ऐसे में जब भी यात्रा पर निकलें और वहां बाइक या कार रेंट पर लें तो काफी ध्यानपूर्वक उस गाड़ी की परख कर लें। गाड़ी की फोटो खींच लें और वीडियो भी बना लें ताकि गाड़ी लौटाते समय आपको ठगी का शिकार न होना पड़े।
मंदिरों में अनुष्ठानों के नाम पर ठगी
भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। यहां हर कदम पर आपको एक मंदिर मिलेगा। औसत देखा जाए तो भारत में कोई भी व्यक्ति मंदिर से 7 किमी. से ज्यादा दूर हो ही नहीं सकता। ऐसे में यहां कई मंदिर हैं, जो अपने इतिहास, रहस्य व खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। इन मंदिरों के दर्शन के लिए जब पर्यटक जाते हैं तो इनसे अनुष्ठान (पूजा-पाठ) के नाम पर ठगी की जाती है। नए मंदिरों में जाने पर पर्यटकों को ज्यादा मालूम नहीं होता, ऐसे में वहां के पुजारी उनसे अनुष्ठान करने को कहते हैं और फिर हजारों रुपये ऐठ लेते हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों की दर काफी ज्यादा है।
सावधानी (कैसे बचें?) - अनुष्ठान के नाम पर ठगी से बचने के लिए आप कोशिश करें कि मंदिरों में जाकर स्वयं ही पूजा करें। क्योंकि जब आप मंदिर के पुजारी को पूजा करने के लिए कहते हैं तो वे पैसे की डिमांड करते हैं। ऐसे में अगर आप पुजारी से अनुष्ठान करवा भी रहे हैं तो पैसे के लेनदेन के बारे में पहले ही डिसकस कर लें, ताकि आपको बाद में परेशान न होना पड़े। और हां, किसी के कहने पर कोई अनुष्ठान न करें, जिसके बारे में आपको जानकारी हो, बस उतना ही करें।
खरीददारी में दलाली
खरीददारी के मामले में सबसे अधिक विदेशी पर्यटक फंसते हैं। ऐसा मेरे साथ कई बार हुआ है, 'जब मैं किसी मार्केट में हूं और जिस चीज का दाम दुकानदार मुझे 100 रुपये बताता है, उसी चीज का दाम विदेशियों को 500 या 1000 रुपये बताते हैं।' लेकिन ऐसा भी नहीं है कि भारतीय पर्यटक इसका शिकार नहीं होते। दूसरे डेस्टिनेशन पर जाने के बाद भारतीय पर्यटकों को भी कई बार खरीददारी में ठगी का शिकार होना पड़ता है।
सावधानी (कैसे बचें?) - खरीददारी करने के लिए कभी भी ऑटो या टैक्सी वालों से न पूछें। इनकी लोकल दुकानों पर सेटिंग होती है, जिससे ये आपको वहां ले जाएंगे और इस पर इनका कमीशन बनता है, जिससे आप अंजान रहते हैं। इसके लिए आप गूगल की मदद ले सकते हैं या फिर कोई ऐसा टूरिस्ट जो वहां लम्बे समय से रह रहा हो।
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