चार धाम यात्रा शुरू होने की तारीख आ चुकी है। उत्तराखंड में स्थित चारों धाम - केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का हर धार्मिक व्यक्ति के मन में खास स्थान है। लोग बड़ी बेसब्री से इन चारों धाम की यात्रा के शुरू होने का इंतजार करते हैं। कई लोग ऐसे होते हैं, जो इन चारों पवित्र तीर्थ स्थानों की अलग-अलग यात्रा करते हैं।
लेकिन काफी संख्या में लोग चार धाम यात्रा को एक ही ट्रिप में पूरा करने के बारे में भी सोचते हैं। आमतौर पर मान्यता है कि चार धाम यात्रा को Clockwise दिशा में पूरी करनी चाहिए।

एक ही ट्रिप में किन पड़ावों से गुजरकर कैसे पूरी करें चार धाम की यात्रा -
सबसे पहले आपको चार धाम के खुलने यानी इस साल कब से यात्रा शुरू हो रही है, उसकी तारीख बता देते हैं।
- केदारनाथ - 10 मई 2024
- बद्रीनाथ - 12 मई 2024
- गंगोत्री - 10 मई 2024
- यमुनोत्री - 10 मई 2024
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आत्मा की पवित्रता और जीवन भर किये गये सभी पापों से मुक्ति के लिए ही लोग ऊंचे पहाड़ों पर स्थित इन तीर्थ स्थानों की पवित्र यात्रा पर जाते हैं।
अब बताते हैं किन पड़ावों और कौन से धाम से शुरू करें अपनी चार धाम यात्रा -
यमुनोत्री

अपनी चार धाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से करें जिसे यमुना नदी का उद्गम स्थल कहा जाता है। उत्तराखंड के गढ़वाल में स्थित यमुनोत्री के मुहाने तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग या फिर खच्चर की सवारी करनी पड़ती है। इस ट्रेकिंग की शुरुआत हनुमान चट्टी से की जाती है। देवी यमुना को समर्पित यमुनोत्री मंदिर में पूजा करने के बाद तीर्थ यात्रियों का समूह आगे बढ़ता है।
गंगोत्री

चार धाम यात्रा का दूसरा पड़ाव गंगोत्री होता है। यह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है, जिसे गंगा नदी की उद्गम स्थल माना जाता है। यमुनोत्री से गंगोत्री तक का रास्ता सड़क मार्ग से तय किया जा सकता है। गंगोत्री मंदिर में पूजा करने के बाद या पहले तीर्थ यात्री अक्सर भागिरथी नदी के बर्फीले पानी में पवित्र डुबकी लगाकर अपने पाप धोकर पुण्य कमाते हैं।
केदारनाथ धाम

गंगोत्री के दर्शन करने के बाद चार धाम यात्रा का मुश्किल पड़ाव आता है, केदारनाथ। यह महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और पंच केदार में प्रमुख माना जाता है। केदारनाथ उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ धाम तक जाने के लिए तीर्थ यात्रियों का जत्था गौरीकुंड से ट्रेकिंग या फिर हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से आगे बढ़ता है। केदारनाथ की पवित्रता के बारे में कहा जाता है कि यहां की हवाएं भी स्वर्ग से आती लगती हैं।
बद्रीनाथ धाम

चार धाम यात्रा का सबसे आखिरी पड़ाव होता है बद्रीनाथ धाम जिसे बद्रीविशाल भी कहा जाता है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ तक केदारनाथ से सड़कमार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर एक तरफ ऊंची बर्फिली चोटियों और दूसरी ओर हरी-भरी घाटियों के बीच बसा हुआ है।



Click it and Unblock the Notifications
















