उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा के रास्तों को सुगम बनाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों पर स्थित केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही की सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को शुरू किया जा चुका है। इस हेलीकॉप्टर सुविधा की वजह से श्रद्धालु मंदिर से महज कुछ मीटर की दूरी पर ही मौजूद हेलीपैड तक बड़े ही आराम से पहुंच जाते हैं।
इसके अलावा हेमकुंड साहिब तक भी हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध करवायी जाती हैं। अब यमुनोत्री धाम में भी हेलीकॉप्टर सुविधा को शुरू करने का फैसला लिया गया है। लेकिन इस सुविधा को शुरू करने में फिलहाल मानसून विलेन की भूमिका निभा रही है।

अब यमुनोत्री धाम के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं को शुरू करने वाला है। बताया जाता है कि इन सेवाओं के शुरू होने के बाद यात्री काफी कम किराए पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से यमुनोत्री धाम तक पहुंच सकेंगे। इससे उनका काफी समय भी बचेगा।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यमुनोत्री धाम में पर्यटन विभाग रोपवे बनाने का काम कर रही है, जिसके लिए वन विभाग से भूमि भी मिल गयी है। रोपवे के निर्माण के बाद यहां काफी भूमि बच जाएगी, जिसका इस्तेमाल हेलीकॉप्टर सेवा को शुरू करने के लिए हेलीपैड निर्माण के लिए किया जाएगा।
कहां बन रहा है हेलीपैड?
यमुनोत्री धाम की चढ़ाई को चार धाम यात्रा में सबसे मुश्किल चढ़ाई माना जाता है। दरअसल, यह रास्ता काफी संकरी होने की वजह से तीर्थ यात्रियों को काफी मुश्किलें होती है। इस साल यमुनोत्री धाम की चढ़ाई में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों के पहुंचने की वजह से जाम लग जाने के कई फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।
मिली जानकारी के अनुसार यमुनोत्री धाम मंदिर से महज 200 मीटर की दूरी पर हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है, जहां से हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं को शुरू किया जाएगा।

कब से शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा?
शुरुआती दौर में यह दावा किया गया था कि यमुनोत्री धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत वर्तमान सीजन के खत्म होने के पहले ही हो जाएगी। उसके आधार पर ही सारी तैयारियां और हेलीपैड का निर्माण भी शुरू हो गया था। लेकिन अब इस सीजन में हेलीकॉप्टर सेवाओं के शुरू होने की संभावना न के बराबर मानी जा रही है। दरअसल, हेलीपैड के निर्माण और यमुनोत्री धाम में हेलीकॉप्टर सेवाओं के शुरू होने सबसे बड़ी बाधा मानसून बन रही है।
मानसून क्यों बना विलेन?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यमुनोत्री धाम में चयनित जगह पर हेलीपैड का निर्माण करने का कार्य शुरू हो चुका था, लेकिन मानसून के शुरू होने की वजह से यह काम बंद पड़ गया है। बताया जाता है कि लगभग 15 सितंबर तक मानसून सीजन के रहने की संभावना है।
उसके बाद ही हेलीपैड का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सकेगा। लेकिन अक्तूबर के अंत तक चार धाम यात्रा संपन्न हो जाएगी। इसलिए इस साल यमुनोत्री धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं के शुरू होने की संभावनाएं न के बराबर ही मानी जा रही है। संभव है कि अगले साल (2025) से यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों को हेलीकॉप्टर सुविधाओं का लाभ मिले।



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