मार्च के महीने में एक बार फिर से उत्तराखंड का ऋषिकेश योगा प्रेमियों से गुलजार होने वाला है। क्योंकि 8 मार्च से ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में शुरू हो रहा है 'अंतर्राष्ट्रीय योगा फेस्टिवल 2024 '। यह योगा फेस्टिवल 14 मार्च तक चलेगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं, योगा की शुरुआत सबसे पहले भारत में ही हुई थी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में लोकप्रिय हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय योगा फेस्टिवल में 70 घंटों की योगा क्लास करवायी जाएगी, जिसे विभिन्न प्रकार के योगाचार्य करवाएंगे। इसमें कुंडलिनी, पावर विन्यासा, अयंगर और क्रिया योग भी शामिल है।
क्या-क्या खास होगा शामिल

वर्कशॉप
अगर आप ये सोच रहे हैं कि योगा फेस्टिवल में सिर्फ योगाभ्यास ही करवाया जाएगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस योगा फेस्टिवल में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्यों द्वारा कई वर्कशॉप भी करवाएं जाएंगे, जिनका लाभ इस फेस्टिवल में आने वाले लोग उठा सकेंगे। इसके अलावा यहां कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे डांस, म्यूजिक परफॉर्मेंस, गंगा आरती और कई तक की सांस्कृतिक कला प्रस्तुतियां भी होंगी।
बता दें, ऋषिकेश में गंगा के घाट पर होने वाली आरती को देखने के लिए हर रोज लाखों की संख्या में स्थानीय व देश-विदेश से आए पर्यटक भीड़ जमाते हैं। योगा और विभिन्न अध्यात्मिक आश्रमों के अलावा ऋषिकेश का एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र यहां होने वाली गंगा आरती भी है।

मिलेगा योग और सत्संग सीखने का मौका
ऋषिकेश में आयोजित होने वाला यह फेस्टिवल योगाचार्यों से सिर्फ योगाभ्यास ही नहीं बल्कि सत्संग और अध्यात्म के बारे में भी जानने व समझने का मौका प्रदान करेगा। यह एक ऐसा फेस्टिवल होने वाला है जो आपको खुद को ढूंढने और अपने अंदर की आग को जगाने में मदद करेगा। बताया जाता है कि इस योगा महोत्सव में करीब 75 देशों के साधक और 65 देशों के योगाचार्य शामिल होंगे।
बता दें, परमार्थ निकेतन आश्रम में अंतर्राष्ट्रीय योगा फेस्टिवल का आयोजन पहले उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर की जाती थी। लेकिन साल 2014 में राज्य की सरकार ने योगा फेस्टिवल का आयोजन अलग करने का फैसला लिया जिसके बाद से परमार्थ निकेतन यह महोत्सव 8 से 14 मार्च और राज्य सरकार 1 से 7 मार्च तक आयोजित करने लगा।



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