सोमवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में देव दिवाली का उत्सव मनाया गया। 12 लाख दीयों से सजे बनारस को देखकर एक बार के लिए ऐसा लगा मानों देवता स्वर्ग से उतरकर जमीन पर नहीं बल्कि धरती को ही स्वर्ग बना दिया गया है। काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों को मिट्टी के दीयों से रोशन किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाराणसी के घाटों पर लेजर शो, मिट्टी और गोबर से बने दीयों आदि से रोशन किया गया था।

इस दौरान लाखों की तादाद में पर्यटक वाराणसी के सभी 84 घाटों और हजारों की संख्या में गंगा नदी में नावों से इस शानदार नजारे के साक्षी बनें। इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती का भी आयोजन किया गया था।

1. हर साल दिवाली से ठीक 15 दिन बाद कार्तिमा पूर्णिमा के दिन वाराणसी में बड़े ही धुमधाम से देव दिवाली का आयोजन किया जाता है।

2. पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन देवताएं स्वर्ग से धरती पर उतरकर कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान करते हैं और उसके बाद दिवाली मनाते हैं।

3. देवताओं का स्वागत करने के लिए ही इस दिन गंगा के सभी घाटों को दीयों से रोशन कर दिया जाता है।

4. कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन पहले की रात से ही बनारस में पवित्र गंगा स्नान करने आने वाले लोगों का तांता लगा हुआ था।

5. इस साल 12 लाख मिट्टी के दीयों से वाराणसी के अर्द्धचंद्राकार घाटों को जगमगाया गया था।

6. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में ही देव दिवाली का भव्य आयोजन किया गया था।

7. इस दिन की गंगा आरती भी काफी खास थी। गंगा आरती से पहले पोड्षोपचार विधि से मां गंगा की पूजा और 101 लीटर दूध से उनका दुग्धाभिषेक किया गया। गंगा पूजा के बाद हुई महाआरती में 42 कन्याएं और 21 बटुक शामिल हुए। महाआरती में 108 डमरु वादक की उपस्थिति उल्लेखनिय रही।

8. वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था।

9. देव दिवाली के दिन नमो घाट को VVIP के लिए आरक्षित कर दिया गया था। 70 देशों के राजनायिक व कई देशों के प्रतिनिधि देव दिवाली के मौके पर वाराणसी में उपस्थित रहे।

10. गंगा के घाटों पर लोगों की इतनी ज्यादा भीड़ जमा हो गयी थी कि पैर रखने की जगह भी नहीं मिल पा रही थी।

11. देव दिवाली के प्रमुख आकर्षणों में सिर्फ दीयों की जगमगाहट ही नहीं गंगा घाटों पर होने वाला लेजर शो भी शामिल था।

12. इन सबके साथ ही देव दिवाली के मद्देनजर की गयी आतिशबाजी ने देसी और विदेशी सभी पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।



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