Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »गुलाल नहीं चिता की राख से खेली जाती है बनारस की मसान होली

गुलाल नहीं चिता की राख से खेली जाती है बनारस की मसान होली

कहा जाता है चिंता चिता समान होती है। लेकिन जब उसी चिता की राख को होली में गुलाल की तरह एक-दूसरे को लगाना शुरू कर दें तब महादेव को भक्तों को किस बात की चिंता। महादेव की नगरी काशी में मनायी जाती है मसान होली। हिंदू धर्म में होली एक ऐसा त्योहार होता है, जिसे देश के हर कोने में मनाया जाता है।

हर जगह भले ही इसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता हो लेकिन इसे रंग-बिरंगे गुलाल से ही खेला जाता है। लेकिन काशी संभवतः एकमात्र ऐसी जगह है, जहां होली गुलाल के साथ-साथ चिता भस्म से भी मनायी जाती है। काशी, जहां जन्म लेने के साथ-साथ मृत्यु को भी बेहद पवित्र माना जाता है।

masan holi 2024

कब है मसान होली

इस साल मसान होली 21 मार्च को मनायी जाएगी। 20 मार्च को रंगभरी एकादशी मनायी जाएगी जिस दिन माता पार्वती और बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों के साथ होली खेलते हैं। इसके अगले दिन ही बनारस में चिता की राख से मसान होली खेली जाती है।

वाराणसी की मसान होली मथुरा-वृंदावन की फुलों और गुलाल वाली होली से किसी भी तरह से कम नहीं होती है। मसान होली में सिर्फ साधु-सन्यासी और अघोरी ही नहीं बल्कि आम लोग भी शामिल होते हैं। होली के समय देश-विदेश से जो पर्यटक काशी में घूमने आते हैं, वे भी इस समय मसान होली खेलने के पहुंच जाते हैं। बताया जाता है कि काशी की मसान होली का इतिहास 300 सालों से भी पुराना है।

what is masan holi of varanasi

क्यों खेली जाती है भस्म की होली

आपके मन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि बाजार में जब इतने रंगों वाले हर्बल से लेकर कई तरह के गुलाल और रंग मिलते हैं, तब लोग चिता के भस्म से होली क्यों खेलते हैं? दरअसल, भस्म महादेव की बेहद प्रिय मानी जाती है। इसलिए अघोरी और शिवभक्त तक, भस्म से अपना श्रृंगार कर महादेव की इसप्रकार पूजा करते हैं। एक अन्य कथा के अनुसार रंगभरी एकादशी के दिन महादेव देवी पार्वती का गौना करवाकर कैलाश लेकर आए थे।

उस दिन देव-देवियों ने उन दोनों के साथ गुलाल की होली खेली थी। लेकिन इस खुशी में भुत-प्रेत, पिशाच और निशाचर आदि महादेव के गण शामिल नहीं हो पाए थे। इसलिए रंगभरी एकादशी के अगले दिन महादेव खुद अपने प्रिय गणों के साथ होली खेलने आए थे और उन्होंने चिता के भस्म से होली खेली थी।

masan holi 2024 kashi date

कहां खेली जाएगी मसान होली

बनारस के मणिकर्णिका घाट पर बाबा महाश्मशान नाथ और माता मशान काली की आरती की जाती है। इसके बाद उन्हें चिता भस्म और गुलाल चढ़ाया जाता है, जिसके बाद आम भक्त आपस में गुलाल की तरह एक-दूसरे को चिता भस्म लगाकर मसान होली खेलना शुरू करते हैं। बताया जाता है कि दोपहर के समय जब बाबा विश्वनाथ मणिकर्णिका घाट पर स्नान करने आते हैं, तब भक्त उनके साथ भी चिता भस्म से मसान होली खेलते हैं। बता दें, मसान होली खेलने के लिए खास तौर पर मणिकर्णिका घाट पर 4000 से 5000 किलो लकड़ी जलाई जाती है।

More News

Read more about: varanasi uttar pradesh
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+