• Follow NativePlanet
Share
» »उदयपुर की खूबसूरत पिछोला झील

उदयपुर की खूबसूरत पिछोला झील

Posted By: Namrata Shatsri

झीलों के खूबसूरत शहर उदयुपर में स्थित पिछोला झील मानव निर्मित है और माना जाता है कि इसे पंद्रहवी शताब्‍दी में बनवाया गया था। पहाड़ों, हवेलियों और मंदिरों से बहती हुई ये नदी 4 किमी लंबी और 3 किमी चौड़ी है और मॉनसून के दौरान इस झील की गहराई ज्‍यादा बढ़ जाती है।

शीशे जैसी साफ़ हैं, भारत की ये खूबसूरत झीलें

पिछोला शब्‍द का मतलब होता है पिछला आंगन। इस झील के पास ही पिछोला नामक गांव स्थित है और इसी गांव के नाम पर पिछोला झील को ये नाम मिला है। इस झील में दो आइलैंड जग निवास और जग मंदिर स्थित हैं। इन द्वीपों पर लीला पैलेस केंपिनस्‍की, ओबेरॉय उदय विलास, फतेह प्रकाश और शिव निवास चार शाही होटल स्थित हैं।

अगर आपके पास पैसे हैं कम और प्लान कर रहे हैं कहीं जाने का, तो जाएं दिल्ली के इन जगहों पर

ऐसे ही दिखने वाले दो अन्‍य द्वीप हैं मोहन मंदिर और अर्सी विलास। ये दोनों भी झील में ही स्थित हैं। वहीं पिछोला झील के तट पर एक महल का परिसर भी बना हुआ है जिसे सिटी पैलेस कहा जाता है। इस झील के अंदर और इसके आसपास कई शानदार महले बने हैं जहां पर फिल्‍मों की शूटिंग भी होती रहती है।

24 घंटों में जयपुर की यादगार यात्रा!

माना जाता है कि, पिछोला झील को पिछ्छू बंजारा द्वारा बनाया गया था। महाराणा लाखा के शासन में आने वाली बंजारा प्रजाति से ताल्‍लुक रखता था पिछ्छू बंजारा। बाद में इस झील को महाराजा उदय सिंह द्वारा बढ़ाया गया और उन्‍हें इस झील के आसपास की हरियाली बहुत पसंद आई थी।

जग निवास आइलैंड

जग निवास आइलैंड

इस महल को ताज ग्रुप होटल ने टेकओवर कर लिया है और ये महल लगभग पूरे जग निवास आइलैंड पर फैला हुआ है। इसे 1743 से लेकर 1746 के बीच महाराजा जगत सिंह द्वारा बनवाया गया था। इसे मेवाड़ साम्राज्‍य के लोग समर पैलेस के रूप में प्रयोग करते थे।

पूर्व की ओर मुख किए हुए ये महल 250 साल पहले सफेद संगमरमर से बनवाया गया था। आज ये उदयपुर के सबसे खूबसूरत होटलों में से एक है और ये रोमांटिक डेस्टिनेशन भी है। इस महल के मुख्‍य आकर्षण में शीश महल, मोर चौक और कृष्‍णा विलास है।
PC:Daniel Villafruela.

जग मंदिर आइलैंड

जग मंदिर आइलैंड

जग मंदिर गुल महल पैलेस के लिए लोकप्रिय है। इसे महाराजा करण सिंह ने बनवाया था हालांकि महाराजा जगत सिंह ने इसमें बाद में कई बदलाव किए थे। इसके बाद उनके नाम पर ही इस आइलैंड का नाम रखा गया। उन्‍होंने इसमें महिलाओं का कक्ष भी बनवाया था जिसे जनाना कहा जाता था।

इस पैलेस में जेम्‍स बॉन्‍ड फिल्‍म ऑक्‍टोपस्‍सी की शूटिंग भी हो चुकी है। इसके बाद ये महल विदेशों में भी पॉपुलर हो गया है। अपने पिता राजा जहांगीर से बगावत करने पर यहां मुगल राजा शाहजहां ने पनाह ली थी।

इस महले को कई खूबसूरत रंग-बिरंगे पत्‍थरों से सजाया गया है और इस पर मुगल पेंटिंग भी लगाई गईं हैं। पीले बलुआ पत्‍थरों से बना ये महल तीन मंजिला है। ये शाहजहां के ताजमहल से बहुत मिलता है क्‍योंकि इसके कई हिस्‍से ताजमहल जैसे दिखते हैं।PC: Ekabhishek

नटनी का श्राप

नटनी का श्राप

इसके आंगन में एक मंच देख सकते हैं जिसे नातिनी चबूतरा कहा जाता है। इसे रस्‍सी पर चलने वाली नटनी के सम्‍मान में बनवाया गया था। इन्‍हें महाराणा जवान सिंह ने गांव की पश्चिम दिशा से लेकी पूर्व में स्थित सिटी पैलेस तक रस्‍सी पर चलने की चुनौती दी थी। उन्‍होंने उसे मेवाड़ साम्राज्‍य की आधी हुकूमत देने का प्रस्‍ताव रखा था।

कहा जाता है कि धोखे से नटनी की रस्‍सी को काट दिया गया था और गिरने से पहले नटनी ने राजा को श्राप दिया था कि राजा को कभी भी किसी दिशा में सफलता नहीं मिलेगी। माना जाता है कि उसका ये श्राप सच हो गया था।PC: gags9999

पिछोला झील पर क्‍या करे

पिछोला झील पर क्‍या करे

इस झील के पास गंगौर घाट, हनुमान घाट और लाल घाट तीन मुख्‍य बिंदु हैं। यहां से सूर्योदय और सूर्योस्‍त का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। इस झील पर बोटिंग का आनन्द ले सकते हैं और यहां से महल और आइलैंड भी दिखाई देते हैं।

जंग मंदिर से एक घंटे की नाव की सैर के लिए 325 रुपए प्रति व्‍यक्‍ति और 165 रुपए एक बच्‍चे का शुल्‍क लगता है। 30 मिनट के लिए प्रति व्‍यक्‍ति 225 और 115 रुपए एक बच्‍चे का शुल्‍क लगता है।

PC: Trinidade

कैसे पहुंचे उदयपुर

कैसे पहुंचे उदयपुर

हवाईजहाज द्वारा
उदयपुर का अपना एयरपोर्ट है..जहां से पर्यटक टैक्सी या बस द्वारा उदयपुर की सैर कर सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
उदयपुर का प्रमुख स्टेशन उदयपुर सिटी स्टेशन है..जहां से पर्यटक टैक्सी या बस द्वारा उदयपुर की सैर कर सकते हैं।

सड़क द्वारा
पर्यटक अपनी कार या बस द्वारा भी उदयपुर आसानी से पहुंच सकते हैं।PC:Güldem Üstün

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more