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मणिपुर का वार सीमेट्री : जहां हैं 1600 सैनिकों की कब्रें, कौन थे ये सैनिक!

पिछले कुछ समय से नकरात्मक कारणों से खबरों की सूर्खियों में बना मणिपुर एक बार फिर से देश भर की खबरों में छाया हुआ है। लेकिन मणिपुर सिर्फ हिंसात्मकता नहीं बल्कि अपनी शानदार प्राकृतिक नजारों और अनोखेपन से भरपूर है। मणिपुर में कुछ ऐसा खास है जिसकी वजह से देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हर साल सैंकड़ों पर्यटक मणिपुर में खींचे चले आते थे।

Imphal

विदेशों से आने वाले पर्यटकों में सबसे ज्यादा संख्या जापानी नागरिकों की होती थी। क्या आपको पता है, मणिपुर में एक ऐसा कब्रिस्तान है, जिसमें एक या दो या 100 नहीं बल्कि 1600 कब्रें दफन हैं। वो भी किसी आम नागरिक की नहीं बल्कि युद्ध में मारे गये सैनिकों की। क्या आप जानते हैं, कौन सा वह कौन सा युद्ध था, जिसमें इतनी भारी संख्या में सैनिक शहीद हुए? मणिपुर में स्थित इस कब्रिस्तान को वार सीमेट्री यानी युद्ध कब्रिस्तान कहा जाता है।

आइए आपको वार सीमेट्री के विषय में बताते हैं :

कहां है वार सीमेट्री?

वार सीमेट्री मणिपुर की राजधानी इम्फाल में स्थित है, जो म्यांमार के बॉर्डर के पास ही मौजूद है। इस सीमेट्री में 1-2 या 10-50 नहीं बल्कि 1600 लोगों की कब्रें हैं और ये सारी कब्रें सैनिकों की हैं। इन कब्रों की देखरेख कॉमलवेल्थ वार ग्रेव्स कमिशन की तरफ से की जाती है। क्या आपको पता है, इस वार सीमेट्री में उन सैनिकों की कब्रें हैं, जो द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान शहीद हुए थे। यह वार सीमेट्री इम्फाल से 10 किमी की दूरी पर स्थिति देवलालैंड में इम्फाल-दीमापुर हाईवे 39 पर मौजूद है।

वार सीमेट्री का इतिहास

1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान म्यांमार (तत्कालिन बर्मा) पर कब्जा करने के बाद 1944 में जापानियों ने मणिपुर पर हमला कर दिया था। इस लड़ाई में जापानी सैनिकों ने इम्फाल पर बमबारी शुरू कर दी और इम्फाल और दीमापुर के बीच सड़क संपर्क का एक हिस्सा भी तोड़ दिया। लगभग 3 महीनों तक चले इस युद्ध के दौरान लगातार इम्फाल की घेराबंदी की जाती रही।

war cemetery

जून 1944 को यह युद्ध तब समाप्त हुआ जब कोहिमा और इम्फाल के ब्रिटिश व भारतीय सैनिक आपस में मिले। इस युद्ध को Battle of Kohima and Imphal कहा जाता है। इस युद्ध के दौरान जापान को काफी नुकसान भी हुआ। बताया जाता है कि इस लड़ाई में उसके 50,000 सैनिक मारे गये थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत में कोहिमा और इंफाल सेक्टरों में कुल मिलाकर लगभग 65,000 जापानी और 18,000 ब्रिटिश व भारतीय सैनिक मारे गये थे।

किन-किन देशों के सैनिकों की हैं कब्रें?

वार सीमेट्री में सिर्फ जापान ही नहीं बल्कि कई दूसरे देशों के सैनिकों की कब्रें भी हैं। शुरुआत में इस वार सीमेट्री में युद्ध में शहीद सैनिकों की 950 कब्रें थी। लेकिन बाद में इम्फाल के दो अन्य कब्रिस्तानों की कब्रों को भी यहां ट्रांसफर कर दिया गया जिससे यहां द्वितीय विश्वयुद्ध में मरने वाले सैनिकों की कुल 1600 कब्रें हो गयी है।

Imphal

जानकारी के मुताबिक वार सीमेट्री में राष्ट्रसंघीय देशों जैसे अमेरिका के 1300 शहीद सैनिकों, कनाडा के 10 शहीद सैनिकों, ऑस्ट्रेलिया के 5 शहीद सैनिकों, भारत के 220 शहीद सैनिकों, पूर्वी अफ्रिका के 40 शहीद सैनिकों, पश्चिम अफ्रिका के 10 और बर्मा के 10 शहीद सैनिकों की कब्रें हैं। वार सीमेट्री के इनफॉर्मेशन पैनल में इन सैनिकों व युद्ध से संबंधित सभी जानकारियां प्रदान की जाती है।

कैसे पहुंचे वार सीमेट्री

वार सीमेट्री इम्फाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 10 किमी की दूरी पर इम्फाल-दीमापुर हाईवे 39 पर डीएम कॉलेज से सिर्फ 1 किमी की दूरी पर स्थित है। मणिपुर में रेलवे लाइन नहीं होने की वजह से यहां आपको सड़क मार्ग या विमान से ही जाना पड़ेगा। असम में गुवाहाटी से इम्फाल के लिए नियमित तौर पर बसें खुलती हैं। इसके साथ ही दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी से इम्फाल के लिए सीधी विमानें भी उपलब्ध हैं। इम्फाल एयरपोर्ट पर उतरने के बाद आपको वार सीमेट्री के लिए लोकल टैक्सी लेनी पड़ेगी जो आम दिनों में सरलता से उपलब्ध होती है।

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