केरल में एशिया की पहली वॉटर मेट्रो की सफलता के बाद अब वाराणसी में भी वॉटर टैक्सी की शुरुआत की जा रही है। इसका उद्धाटन 15 जून को किया गया। हालांकि यह अभी पायलट परियोजना के तहत ही चलायी जा रही है लेकिन जल्द ही बनारस के दूसरे घाटों पर भी वॉटर टैक्सी का संचालन किया जाएगा।
हाईड्रोजन फ्यूल से चलने वाली यह भारत की पहली वॉटर टैक्सी परियोजना है। वाराणसी में गंगा नदी में वॉटर टैक्सी परियोजना को शुरू किया जा रहा है और योजना है कि जल्द ही आगरा और मथुरा में भी यमुना नदी में इस परियोजना को शुरू किया जाएगा।
आइए आपको वॉटर टैक्सी के बारे में विस्तार से बताते हैं :

वॉटर टैक्सी का रुट
वाराणसी के प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल वाराणसी के रामनगर फोर्ट से नमो घाट के बीच ही वॉटर टैक्सी का संचालन किया जाएगा। दोनों घाटों के बीच करीब 11 किमी की दूरी है। रास्ते में वॉटर टैक्सी के 3 स्टॉपेज होंगे। इस वॉटर टैक्सी को रामनगर फोर्ट व नमो घाट के बीच वॉटर टैक्सी को अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और राजघाट पर रोका जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट में चलेगी कम टैक्सी
बताया जाता है कि वाराणसी में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत ही गंगा पर सिर्फ 2 वॉटर टैक्सी चलायी जाएंगी। चुंकि अभी मानसून शुरू होने वाला है, जिस वजह से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होगी। इसलिए बाढ़ का सीजन बीत जाने यानी जलस्तर फिर से सामान्य हो जाने के बाद 4 और टैक्सियां चलायी जाएंगी। वाराणसी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से ही वॉटर टैक्सी को शुरू किया जा रहा है।
कितना होगा किराया
जानकारी के मुताबिक रामनगर से नमो घाट के बीच इस तेज रफ्तार से चलने वाली वॉटर टैक्सी के लिए यात्रियों को 165 रुपये का किराया देना होगा। वॉटर टैक्सी के लिए प्रति व्यक्ति को प्रत्येक किमी के लिए 15 रुपये का किराया चुकाना होगा। इसलिए 11 किमी की इस दूरी के लिए यात्रियों को कुल 165 रुपये देने होंगे। एक वॉटर टैक्सी में एक बार में 80 यात्री सवार हो सकेंगे। बताया जाता है कि जल्द वॉटर टैक्सी को काशी विश्वनाथ धाम के एंट्री गेट तक बढ़ दिया जाएगा। यानी अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए भक्त वॉटर टैक्सी से भी पहुंच सकेंगे।



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