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अब भोपालवासियों की छुट्टियाँ होंगी और भी शानदार

Written By: Goldi

झीलों के शहर के रूप में प्रसिद्ध भोपाल, पूर्व समय भोपाल रियासत की राजधानी भी हुआ करती थी। भोपाल को देश के सबसे स्‍वच्‍छ और हरे - भरे स्‍थानों में से एक होने का गौरव प्राप्‍त है।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का परमार वंश से ताल्‍लुक रखने वाले राजा भोज द्वारा स्थापित इस शहर ने अपने शुरूआती दिनों से ही अपने दिलचस्‍प इतिहास और मार्डन आउटलुक के चलते आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। यदि बात इस राज्य में पर्यटन के बिन्दुओं पर हो तो यहां ऐसा बहुत कुछ है जिसके चलते देश दुनिया के पर्यटक इस खूबसूरत राज्य की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश पर्यटन - एक दिलचस्प स्वप्न

झीलों का शहर भोपाल के आसपास कई ऐसे खूबसूरत वीकेंड गेटवे है, जो आपको आपको अपना दीवाना बना देंगी। अगर आप भोपाल के हैं या इस समय भोपाल में हैं, तो मनोरंजन और ख़ूबसूरती से भरी इन जगहों के बारे में जानकर, आप अपना अगला वीकेंड यहीं बिताना चाहेंगे।

उज्जैन

उज्जैन

उज्जैन भारत के सबसे ख़ूबसूरत शहरों में से एक है, जो क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है। इसे उज्जयिनी के रूप में भी जाना जाता है जिसका मतलब है गौरवशाली विजेता। उज्जैन धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है और उज्जैन पर्यटन मुख्य रूप से अपने प्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों के लिए देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह शहर शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और शिवरात्रि, कुंभ और अर्ध कुंभ मेलों के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटक उज्जैन में स्ट्रीट फ़ूड चाट, पानी पुरी, घीयुक्त मकई के स्नैक्स तथा भेलपुरी आदि का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

क्या घूमे- विक्रम विश्वविद्यालय, कुंभ मेला, जंतर मंतर, राम मंदिर घाट।
दूरी- 192 किलोमीटर, समय- 3.5 घंटेPC:Gyanendra_Singh

इंदौर

इंदौर

इंदौर, मध्‍यप्रदेश के मालवा के पठार पर स्थित है जहां पर्यटक खुशी से सैर के लिए जाते है। यह मानव - निर्मित आकर्षण भूमि है, इंदौर को मध्‍यप्रदेश का दिल कहा जाता है।इंदौर पर्यटन आपको एक ऐसे खूबसूरत शहर की सैर पर ले जाता है जहां चमचमाती नदियां, शांत झीलें और बुलंद पठार मनोरम दृश्‍य प्रस्‍तुत करते है। यहां की अद्भूत प्राकृतिक सौंदर्य वाली भूमि, इंदौर की सुंदर वास्‍तुकला और महिमा को बखूबी दर्शाती है। इस शहर में दो नदियों, खान और सरस्‍वती के संगम की बात कही जाती है। इंदौर में प्राकृतिक वंडर्स के बीच एक सुंदर संतुलन है जो अतीत और वर्तमान का खूबसूरत मिश्रण है। पर्यटन की दृष्टि से इंदौर में संरचनात्‍मक, सांस्‍कृतिक और सामाजिक जीवन में जीवंतता देखने का मिलती है।

क्या घूमे-इंदौर संग्रहालय, लाल बाग पैलेस, पाटल पानी वाटरफॉल, राजबाड़ा, रूलमंदल वन्यजीव अभयारण्य।
दूरी- 193 किलोमीटर, समय- 3.5 घंटेPC:Dusanesurbhi

रायसेन

रायसेन

मध्यप्रदेश का यह छोटा सा जिला अपने ऐतिहासिक महत्व के साथ ही धार्मिक एवं राष्ट्रीय एकता के भी जाना जाता है। यहाँ मंदिर एवं मस्जिद एक ही परिसर में स्थित हैं एवं दोनों धर्मों के लोगों द्वारा इन्हें समान रूप से सम्मान दिया जाता है। हज़रत पीर फ़तेहुल्लाह शाह बाबा इसका प्रमाण हैं। इस स्थान का मुख्य आकर्षण रायसेन किला है।

क्या घूमे-रायसेन किला,साँची स्तूप,भीमबेटका,महादेव पानी वाटरफॉल
दूरी- 45 किलोमीटर, समय- 1.5 घंटेPC:Vijay Tiwari09

महेश्वर

महेश्वर

मध्यप्रदेश राज्य के खरगौन जिले में स्थित महेश्वर एक बहुत ही शान्त कस्बा है। यह स्थान विरासत के मामले में बहुत धनी होने के साथ-साथ अपने शानदार हथकरघा वस्त्रों के लिये भी प्रसिद्ध है जिससे यहाँ के पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। यह मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक रूप से सबसे समृद्ध स्थानों में से एक है। महेश्वर में भगवान शिव के कई मन्दिर हैं और इस स्थान के नाम का शाब्दिक अर्थ भी "भगवान महेश्वर का घर" है, महेश भगवान शिव का एक अन्य नाम है। इस शहर में निःसन्देह ही सभी पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाये जाते हैं।

क्या घूमे- होलकर किला, अहिल्या घाट, तिलभंडेश्वर मंदिर, सहस्त्रधारा, मंडलेश्वर।
दूरी- 290 किलोमीटर, समय- 5 घंटेPC: Kirandeep Atwal

ओरछा

ओरछा

ऐतिहासिक नगर ओरछा अपने भव्य मंदिरों, महलों और किलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। कभी ओरछा राजा बीरसिंह देव के काल में बुंदेलखण्ड की राजधानी हुआ करता था। ओरछा का शाब्दिक अर्थ है गुप्त स्थान। पहाड़ों की गोद में स्थित ओरछा एक समय बुंदेलखण्ड की राजधानी हुआ करता था। वास्तुकला के प्रतीक, बुंदेलखन्ड राज्य के महल, किले, पवित्र भव्य मंदिर तथा इस राज्य के संस्कृति से जुड़ी प्रतिमा, चित्रकला आदि से आप खुद को यहाँ जुड़ा हुआ सा महसूस करेंगे।
क्या घूमे-ओरछा किला, जहांगीर महल, बेतवा नदी, फूल बाग,
दूरी- 386 किलोमीटर, समय- 8 घंटेPC:ProbuddhoG.

पन्ना

पन्ना

'डायमंड सिटी' के नाम से मशहूर पन्ना अपनी हीरे की खानों के लिए प्रसिद्ध है। पन्ना ख़ूबसूरत, शांत, सदाबहार पेड़ों, पहाड़ों, जंगलों से अटे घास के मैदानों से घिरा एक स्वच्छ शहर है। पन्‍ना में पर्यटन स्‍थल के रूप में पन्‍ना राष्‍ट्रीय उद्यान स्थित है, साथ ही वहां पांडव गुफाएं और पांडव झरना भी एक समान रूप से विख्‍यात है। प्रकृति प्रेमी निश्चित रूप से मध्‍यप्रदेश के इस शहर में प्राकृतिक सुंदरता और छटा को देख सकते है। यहां स्थित खूबसूरत पार्क और पिकनिक स्‍पॉट इस जगह को मनोरम बना देते है।

क्या घूमे- भीमगढ़ संजय सरोवर डैम, पन्ना नेशनल पार्क, पांडव फॉल्स, रणहे फॉल्स, केन मगरमच्छ अभयारण्य।
दूरी- 386 किलोमीटर, समय- 8 घंटेPC:Jagat Singh

रतलाम

रतलाम

मालवा क्षेत्र के उत्तर पश्चिम में स्थित रतलाम मध्य प्रदेश का प्रमुख ज़िला माना जाता है। रतलाम का शाब्दिक अर्थ 'कीमती आभूषणों का शहर' है।यह शहर पर्यटन की दृष्टि से काफ़ी मशहूर है। रतलाम से 30 किलोमीटर दूर बदनावर इंदौर रोड पर कवलका माताजी का अति प्राचीन पांडवकालीन पहाड़ी पर स्थित मन्दिर हे। यहाँ पर दूर दूर से लोग अपनी मनोकामना पूरी करने और खासकर सन्तान प्राप्ति के लिए आते हैं।

क्या घूमे- कैक्टस गार्डन, खर्मौर वन्यजीव अभयारण्य, केदारेश्वर मंदिर, शिव मंदिर, जिला आर्कटिजा संग्रहालय।
दूरी- 294 किलोमीटर, समय- 5.5 घंटेPC: sandeep soni

मांडू

मांडू

मध्य प्रदेश की धरती पर बसा मांडू एक ऐसा ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जिसकी ख़ूबसूरती देखते ही बनती है। मांडू की हरी-भरी धरती गर्मियों के मौसम में और निख़र जाती है। इस शहर में वास्‍तुकला के कई अद्भुत नमूने जैसे - दरवाजा, मस्जिद और महल, किलो के दरवाजे और स्‍मारकों के प्रदेश द्वार आदि स्थित है। भारत की पहली संगमरमर संरचना होसांग मकबरा भी मांडू में ही स्थित है, इसके बारे में कहा जाता है कि ताजमहल को बनाने के लिए इसी मकबरे से प्रेरणा ली गई थी। यह मकबरा, मांडू के पर्यटक स्‍थलों की सैर का विनम्र हिस्‍सा है।

क्या घूमे-काकरा खोह झरना, छप्पन महल म्यूज़ियम, लोहानी गुफाएं और मंदिर, जहाज़ महल, रानी रूपमती पविलियन।
दूरी- 290 किलोमीटर, समय- 5 घंटेPC: Abhishek727

पंचमढ़ी

पंचमढ़ी

पंचमढ़ी मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित मध्य भारत का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां के हरे-भरे और शांत वातावरण में बहुत-सी नदियों और झरनों के गीत पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यहां आने वाले पर्यटक यहां स्थित कई जलप्रपात का मजा ले सकते हैं। यहाँ आकर आप यहाँ के शांत वातावरण, हरे-भरे पेड़पौधे, संगीतमय झरने, कल-कल करती नदियां आदि के दिलकश नज़ारों में डूब जाएंगे। साथ ही पचमढ़ी में आप शिवशंकर के कई मंदिरों के दर्शन भी कर सकेंगे। आपको बता दें कि कैलाश पर्वत के बाद पचमढ़ी को ही भगवान शिव का दूसरा घर माना जाता है।
क्या घूमे- बी फॉल्स, धूपगढ़, सतपुरा नेशनल पार्क, राजेंद्रगिरी सूर्यास्त प्वाइंट, पांडव गुफाएं
दूरी- 192 किलोमीटर, समय- 5 घंटेPC:Ankit Saha

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