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दिल्ली से बनाएं हरियाणा के इन खूबसूरत स्थलों का प्लान

भारत के हरियाणा राज्य के चुनिंदा ऐतिहासिक स्थल। Selected Historical Site of Haryana State of India.

भारत का हर एक राज्य अपने साथ अमीट इतिहास समेटे हुए है, जिसमें उत्तर भारत का हरियाणा भी शामिल है। पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से हरियाणा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का ऐतिहासिक युद्ध इसी भूमि पर लड़ा गया था। जिसके बाद ऋषि कृष्ण द्वेपायन वेदव्यास जी ने महाभारत ग्रंथ की रचना की।

यह भूमि भारत के एक और ऐतिहासिक युद्ध 'पानीपत की लड़ाई' के लिए भी जाना जाता है। दिल्ली से नजदीक होने के कारण हरियाणा मुगल शासकों के प्रभाव क्षेत्र में भी रहा है। आज हमारे साथ जानिए उन ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जो हरियाणा के गौरवाशाली इतिहास को बयां करते हैं।

असिगढ़ का किला

असिगढ़ का किला

PC- Amrahsnihcas

हरियाणा के हिसार में स्थित असिगढ़ का किला एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक विरासत है, जो अमटी सरोवर के पूर्वी छोर पर खड़ा है। इस किले को महान हिन्दू राजा पृथ्वीराज चौहान के किले के नाम से भी जाना जाता है। इस भव्य किले का निर्माण पृथ्वीराज चौहान ने मुगलों से रक्षा के लिए करवाया था। जिसके बाद यह किले पर मुगलों का अधिकार हो गया। मुगलों ने यहां एक मस्जिद का निर्माण भी करवाया था।

वर्तमान में यह किला एक खंडहर में रूप में स्थित है, जिसे देखने के लिए सैलानियां का आवागमन लगा रहता है। अगर आप चाहें तो इस वीकेंड दिल्ली से यहां तक का प्लान बना सकते हैं।

गुजरी महल

गुजरी महल

PC- Nitin Pandey

हरियाणा के हिसार में एक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद है जिसका नाम गुजरी महल है। इस महल का निर्माण 1354 में फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था। यह संरचना भी ताजमहल की तरह ही अमीट प्रेम की निशानी है। जो फिरोजशाह तुगलक और गुजरी की अमर प्रेम कथा को बयां करता है। यह महल फिरोजशाह तुगलक ने अपनी प्रेमिका गुजरी के लिए बनवाया था।

इस महल को बनने में दो साल का वक्त लगा। दरअसल गुजरी महल फिरोज शाह तुगलक के किले का एक हिस्सा है। जो कुछ महल जैसा ही है। इसके अलावा किले के अंदल दीवान-ए-आम और बारादरी भी मौजूद हैं।

सुखना झील

सुखना झील

PC- Harvinder Chandigarh

सुखना झील हरियाणा के राजधानी शहर चंडीगढ़ का प्रसिद्ध सरोवर है। जो हिमालय की तलहटी में बसा है। यह 3 किमी के क्षेत्र में फैली एक बरसाती झील है जिसका निर्माण सन् 1958 में करवाया गया था। इस झील का निर्माण शिवालिक की पहाड़ियों से आती एक मौसमी धारा को रोककर किया गया है, जो कभी-कभी भयावह स्थिति पैदा कर देती है।

झील की सहायता के लिए यहां 25.42 किमी की जमीन पर कृत्रिम जंगल का निर्माण भी करवाया गया है। अब यह झील अच्छा खासा पर्यटन स्थल बन चुकी है। जहां रोजाना सैलानियों का आना जाना लगा रहता है। दिल्ली से यहां तक का प्लान आसानी से बनाया जा सकता है।

अग्रोहा धाम हिसार

अग्रोहा धाम हिसार

PC- Archit Ratan

अग्रोहा धाम एक खूबसूरत हिन्दू धार्मिक स्थल है जो हरियाणा के हिसार (अग्रोहा) में स्थित है। यह मंदिर अग्रसेन महाराजा और देवी महालक्ष्मी को समर्पित है। इस स्थल का निर्माण सन् 1976 में किया गया था, जो 1984 में पूरी तरह बनकर तैयार हुआ । इस मंदिर की संरचना और वास्तुकला किसी महल से कम नहीं। काफी खूबसूरत तरीके से इस पवित्र धाम को सजाया गया है।
इस मंदिर को तीन भागों में बांटा जा सकता है, जिसके केंद्र भाग में देवी महालक्ष्मी विराजमान हैं, पश्चिमी भाग में देवी सरस्वती और तीसरे पूर्वी भाग में महाराजा अग्रसेन का मंदिर स्थापित है। मंदिर के पास एक सरोवर भी स्थित है।

ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र

ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र

PC- Cordavida

पवित्र ब्रह्म सरोवर हरियाणा के पौराणिक स्थल कुरुक्षेत्र में स्थित है। इस सरोवर का उल्लेख महाभारत और वामन पुराणों में किया गया है, जिसे ब्रह्ला जी से जोड़कर देखा जाता है। ब्रह्म सरोवर हिन्दुओं के पवित्र स्थलों में से एक है। सूर्यग्रहण के खास अवसर पर यहां लाखों लोगों को पवित्र स्नान करते देखा जा सकता है।

लोकप्रियता को देखते हुए अब इस सरोवर को काफी खूबसूरत रूप दे दिया गया है। जहां साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने लायक होता है। इस वीकेंड आप यहां का प्लान बना सकते हैं।

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