सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी वीडियो खूब वायरल होती है जिसमें लोग शीशे से बनी पारदर्शी ब्रिज पर चलते हैं और अचानक से कांच चटकने लगती है। लोग डर के मारे किनारों को पकड़कर खड़े हो जाते हैं या ब्रिज पर बैठ जाते हैं। कुछ वीडियो में कांच की पारदर्शी ब्रिज को देखकर बच्चे काफी डर जाते हैं और उन पर चलने से इंकार कर देते हैं।

इसी तरह कांच से बनी छोटी-छोटी ब्रिज जैसे आकारों को आपने अक्सर शॉपिंग मॉल में देखा होगा, जहां एक विंग से दूसरे विंग में जाने के लिए ऐसी ब्रिज बनायी रहती है। लेकिन भारत में कुछ ऐसी पर्यटन स्थलें हैं जहां आप वास्तविक ग्लास ब्रिज को देखने और उसपर चलने का आनंद उठा सकते हैं।
1. राजगीर ग्लास ब्रिज
भारत का पहला ग्लास ब्रिज बिहार के राजगीर में बनाया गया था। राजगीर के नेचर सफारी में इस ग्लास ब्रिज को बनाया गया था जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट था। नालंदा जिले में मौजूद राजगीर हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसे वर्ष 2021 में शुरू कर दिया गया था। ग्लास ब्रिज पर खड़े होकर जंगल और पहाड़ी नजारों को देखना काफी अच्छा लगता है।

राजगीर आने वाले पर्यटकों के लिए ग्लास ब्रिज एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इसकी लंबाई 25.9 मीटर और चौड़ाई 6 फीट है। जानकारी के मुताबिक इसे बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत आयी है। इस ग्लास ब्रिज पर आप रोप-वे साइक्लिंग भी कर सकते हैं।
2. पेलिंग ग्लास ब्रिज

सिक्किम के पेलिंग में बना ग्लास ब्रिज या स्काईवॉक भारत का पहला ग्लास ब्रिज है। इसे 2018 में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। पेलिंग शहर से 3 किमी की दूरी पर मौजूद चोनरेजिंग की मूर्ति के पास यह ब्रिज बना हुआ है जो सुबह 8 से शाम को 5 बजे तक खुला रहता है। सिक्किम के रहने वाले लोगों के लिए यहां का टिकट ₹20 और बाकी जगहों के लोगों के लिए यहां के टिकट का मूल्या ₹50 है।
3. वागामोन ग्लास ब्रिज
केरल के हिल स्टेशन वागामोन में भारत का सबसे लंबा ग्लास ब्रिज बनाया गया है। इसकी लंबाई 120 फीट और चौड़ाई लगभग 150 फीट है। हाल ही में कोलाहालामेडू में स्थित एडवेंचर पार्क के पास इस ग्लास ब्रिज को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। जानकारी के अनुसार इस ग्लास ब्रिज को तैयार करने में करीब 3 करोड़ रुपयों की लागत आयी है। ग्लास ब्रिज में प्रवेश करने के लिए लोगों को ₹500 की एंट्री फीस देनी पड़ती है।
4. वायनाड ग्लास ब्रिज
केरल के वायनाड में 100 फीट की ऊंचाई पर ग्लास ब्रिज बनाया गया है जिससे वायनाड के प्राकृतिक नजारों की सुन्दरता को निहारा जा सकता है। पहाड़ों की सुन्दरता को आधे घंटों तक निहारने के लिए ही इस ब्रिज को बनाया गया है। वायनाड ग्लास ब्रिज पर प्रवेश करने के लिए पर्यटकों को ₹100 की एंट्री फीस चुकानी पड़ती है।
5. काकीनाडा ग्लास ब्रिज
आंध्र प्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज साल 2018 में आम लोगों के लिए खोला गया था। इसे बनने में लगभग 7 महीनों का समय लगा था। 45 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा यह ग्लास ब्रिज 8 मीटर ऊंचा है। टफन ग्लास से बने इस ब्रिज को तैयार करने में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत आयी थी। इस ग्लास ब्रिज में कांचों को 1 मिमी के लेमिनेटेड फिल्म से जोड़ा गया है। अगर किसी कारणवश कोई अवांछनीय घटना घट जाती है तो यह फिल्म दुर्घटना को 12 घंटों के लिए रोक सकती है।
6. निर्माणाधीन ऋषिकेश ग्लास ब्रिज
ऋषिकेश में लक्ष्मण झुला के पास 68 करोड़ रुपये की लागत से ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस ग्लास ब्रिज का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है। बताया जाता है कि इस साल दिसंबर तक इस ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा जिसे अगले जनवरी तक आम लोगों के लिए खोल दिये जाएंगे। यह ग्लास ब्रिज अपने आप में बेहद अनोखा होगा। यह ग्लास ब्रिज भारत का पहला ग्लास ब्रिज होगा जिसपर हल्के दो पहिया वाहन भी चल सकेंगे। ब्रिज के दोनों किनारों पर डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया जा रहा है।



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