1 जुलाई से अमरनाथ गुफा की पवित्र यात्रा शुरू हो चुकी है। पिछले 5 दिनों में करीब 18,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किये हैं। 6 जुलाई को 6,554 यात्रियों का जत्था अमरनाथ की गुफा के लिए जम्मु घाटी से रवाना हुए।

भगवान शिव के स्वयंभू बर्फानी स्वरूप का दर्शन करने अमरनाथ की गुफा की तरफ जाने वाले प्रत्येक यात्री के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना और RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। लेकिन RFID कार्ड है क्या और क्यों हर अमरनाथ यात्री के लिए इसे लेना अनिवार्य है? RFID कार्ड का क्या काम है और यह किस तकनीक के आधार पर काम करती है?
चलिए आपके इन्हीं सवालों का जवाब देते हैं :
क्या है RFID कार्ड?
सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर RFID कार्ड है क्या। दरअसल, समुद्रतल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर जब बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए यात्री आगे बढ़ता है तो RFID कार्ड ही होता है, जो उसके हर एक कदम की निगरानी करता है और पल-पल की खबर आईटी विभाग को पहुंचाता रहता है।

RFID यानी रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस चिप लगा हुआ एक कार्ड होता है जिसकी मदद से श्री बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड यात्रियों की लोकेशन पर नजर रखता है। बिना RFID कार्ड के किसी भी यात्री को बलटाल या पहलगाम मार्ग से बाबा अमरनाथ की गुफा की तरफ बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
कैसे काम करती है RFID कार्ड?
RFID कार्ड रेडियो फ्रिक्वेंसी की मदद से काम करती है। यह एक वायरलेस ट्रैकिंग सिस्टम है। टैग की तरह दिखने वाले इस डिवाइस की मदद से हर एक अमरनाथ यात्री के मुवमेंट पर नजर रखी जा रही है। अगर यात्री किसी मुसीबत में पड़ता है या उसके लोकेशन पर मौसम खराब होता है, तो उसे तुरंत मदद पहुंचायी जा सकें।

दो प्रकार के होते हैं RFID टैग :
1. एक्टिव : इस प्रकार के टैग में पावर का सोर्स बैट्री होता है, जो इसमें लगी रहती है। यह टैग जिसके पास होता है, उसके हर एक पल की जानकारी आईटी विभाग के पास उपलब्ध रहती है। यह टैग 300 फीट की दूरी से भी किसी चीज या इंसान को ट्रैक कर सकता है।
2. पैसिव : इस तरह के टैग में पावन का सोर्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी होती है। यह सिर्फ उसी समय सक्रिय होती है। इसलिए पैसिव टैग के मुकाबले एक्टिव टैग को बेहतर माना जाता है।
कौन से रुट पर लगी हैं कितनी RFID कार्ड रीडर मशीनें?
बलटाल रुट पर कुल 8 RFID कार्ड रीडर मशीनें लगी हुई हैं।
- पवित्र गुफा - 1
- नीचली गुफा - 1
- काली माता मंदिर टॉप - 1
- बरारीमार्ग - 1
- रेल पत्री - 1
- दोमेल - 3
पहलगाम रुट पर कुल 9 RFID कार्ड रीडर मशीनें लगी हुई हैं।
- पंचतरणी - 2
- शेषनाग - 2
- पिस्सू टॉप - 2
- चंदनवाड़ी - 2
जम्मु से कितने यात्री रवाना हुए?
- 30 जून : 3,488
- 1 जुलाई : 4, 416
- 2 जुलाई : 4, 903
- 3 जुलाई : 4, 758
- 4 जुलाई : 6, 597
- 5 जुलाई : 6, 107
- 6 जुलाई : 6, 554



Click it and Unblock the Notifications













