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इस थियेटर के आगे पीवीर-आयनोक्स सब फेल..विदेशी भी है इस सिनेमाहॉल के दीवाने

Written By: Goldi

आयनोक्स और पीवीआर के आने से पहले सिंगल थियेटर्स का जमाना हुआ करता था, जहां रोजाना 4 टाइमिंग पर दर्शकों को फ़िल्में दिखायी जाती थी। लेकिन अब बदलते दौर में सिंगल थियेटर अपना चरम खोते जा रहे हैं...आज की पीढ़ी में शायद ही कोई सिंगल थियेटर सिनेमा से वाकिफ हो, यहां तक कि अब हम सभी भी पीवीआर को सिंगल स्क्रीन से ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं।

24 घंटों में जयपुर की यादगार यात्रा!

बीते साल जब मुझे किसी काम से जयपुर जाना हुआ तो मैंने वहां एक ऐसा सिंगल थियेटर सिनेमा देखा, जहां फ़िल्में देखने के लिए लोगो की भीड़ लगी हुई थी। इस सिंगल थियेटर का नाम है राजमंदिर सिनेमा..इस सिनेमा में सिर्फ देशी ही नहीं बल्कि विदेशी भी फ़िल्में देखने पहुंचते हैं।

बाहर से है साधारण

बाहर से है साधारण

बाहर से भले ही आपको राजमंदिर सिनेमा कुछ ख़ास ना लगे..लेकिन जैसे ही आप इसके अंदर प्रवेश करेंगे तो आप इसके अंदर का भव्य कॉरिडोर और लॉबी और देख चकित रह जायेंगे।लाबी के पास बनी उपर जाती हुई सीढि़यां मुख्य हाल के लुक को और बढ़ाती हैं और आकर्षण जोड़ती हैं।PC:Daniel Wabyick

एशिया का सबसे बड़ा सिनेमा हाल

एशिया का सबसे बड़ा सिनेमा हाल

इसके हाल में बैठक क्षमता 1300 लोगों की है जिसकी वजह से यह एशिया का सबसे बड़ा हाल है। इसकी बैठक क्षमता को चार श्रेणियों में बांटा गया है - पर्ल, रुबी, एम्राल्ड, और डायमंड। मुख्य हाल में मखमल के परदे हैं जो इसके शाही प्रभाव को और बढ़ाते हैं। लोग इसकी सीटों की एडवांस बुकिंग करवाते हैं जिससे इस शाही हाल का पूरा आनंद ले सकें।PC:Antoine Taveneaux

25 साल पुराना इतिहास

25 साल पुराना इतिहास

राज मंदिर का इतिहास 25 साल पुराना है और इसमें हर दिन फुल हाउस रहा है। कई सफल फिल्मों ने इस प्रतिष्ठित हॉल में सिल्वर जुबली की है।राज मंदिर एशिया का सबसे बड़ा सिनेमा हॉल है और यह भगवानदास रोड और इस्माइल रोड के बीच में अलबर्ट हॉल संग्रहालय के पास स्थित है। PC:pc:Antoine Taveneaux

पुरानी वास्तुकला के लिए है विख्यात

पुरानी वास्तुकला के लिए है विख्यात

मशहूर राज मंदिर सिनेमा हाल अपनी पुरातन वास्तुकला के लिए जाना जाता है और इस शहर का गौरव है। इसकी शानदार वास्तुकला के चलते इसे ‘प्राइड ऑफ़ एशिया' की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यदि आप पहली बार गुलाबी शहर की यात्रा करते हैं तो यह संभावना कम ही है कि आप राज मंदिर ना देखने जाएं। इस हाल में अब तक हजारों लोग पुरानी क्लासिक फिल्मों का मजा ले चुके हैं। किसी और में इसके जैसा आकर्षण नहीं है, इसलिए यहां आने वाले लोगों के लिए यहां दौरा करना जरुरी है।

सिनेमा का हाल

सिनेमा का हाल

सिनेमा का इसका हाल आपको किसी शाही महल की याद दिलाता है जिसमें बड़े बड़े झूमर लगे हों। इसका लाइटिंग सिस्टम भी अपने आप में एक आकर्षण है और हर शो से पहले लाॅबी में उत्तम प्रकाश व्यवस्था की जाती है।

कम कीमत में देखे फिलेमेनोर खाए पॉपकॉर्न

कम कीमत में देखे फिलेमेनोर खाए पॉपकॉर्न

इस सिनेमा के अंदर पीवीआर से कम कीमत में फिल्म के साथ साथ आप कोल्ड ड्रिंक्स और पॉप कॉर्न का मजा भी ले सकते हैं।PC:lecucurbitacee

कैसे पहुंचे?

कैसे पहुंचे?

हवाईजहाज द्वारा
जयपुर का घरेलू हवाई अड्डा मुख्य शहर से 7 किलोमीटर की दूरी पर सांगानेर में है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट 10 किलोमीटर की दूरी पर है। हवाई अड्डा भारत के प्रमुख शहरों और अन्य देशों से जुड़ा हुआ है। जयपुर या उसके आसपास की अपनी पसंदीदा जगह जाने के लिए आप हवाई अड्डे से बस या टैक्सी ले सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर की दूरी पर है और मुख्य शहर से अच्छी तरह जुड़ा है। स्टेशन से आप ऑटो या रिक्शा द्वारा आसानी से राजमंदिर पहुंच सकते हैं।

सड़क द्वारा
गुलाबी शहर कई प्रमुख शहरों से राष्ट्रीय राजमार्ग के मजबूत नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। राजस्थान राज्य परिवहन निगम का डीलक्स, सेमी डीलक्स, नॉन एसी और वॉल्वो बसों का एक बेड़ा है जो आपको आरामदायक यात्रा देता है। दिल्ली और जयपुर के बीच कई शानदार बस सेवाएं हैं जो हर आधे घंटे में बसें चलाती हैं।

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