हिंदू धर्म में हमेशा से ही भगवान के अर्धनारीश्वर स्वरूप की पूजा की जाती रही है। चाहे भगवान शिव हो या विष्णु दोनों के ही अर्धनारीश्वर स्वरूप का खास महत्व रहा है। भारत में कई ऐसे मंदिर भी हैं, जहां सिर्फ भगवान शिव नहीं बल्कि उनके अर्धनारीश्वर रूप की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है, भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की सबसे ऊंची प्रतिमा कहां है?

अगर हम आपसे ये कहे कि आपको भोलेनाथ के अर्धनारीश्वर स्वरूप की सबसे ऊंची मूर्ति का दर्शन करने के लिए विदेश यात्रा करनी पड़ेगी, तो क्या आपको यकिन होगा? पर, यहीं सच है। भगवान शिव की विश्व में सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर स्वरूप की मूर्ति भारत में नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका में स्थापित है।
कहां है सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर महादेव की मूर्ति?

विश्व की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर महादेव की मूर्ति भारत के किसी राज्य में नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में स्थापित है। इस मूर्ति का अनावरण साल 2013 में किया गया था। इस मूर्ति को दक्षिण अफ्रीका में लगाने की मुख्य वजह वहां महिलाओं के प्रति लोगों में घटती सम्मान की भावना है। चूंकि इस प्रतिमा को आधी माता और आधे पिता के प्रतिक के तौर पर बनाया गया है कि इसलिए यह लिंग समानता को प्रदर्शित करेगा।
क्या है इस मूर्ति की खासियत?
दक्षिण अफ्रीका में जोहांसबर्ग के बेनोनी में लगी भगवान शिव की अर्धनारीश्वर मूर्ति 20 मीटर ऊंची है। इस मूर्ति को बनाने में करीब 90 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इस मूर्ति को भारतीय कलाकारों ने दक्षिण अफ्रीका में जाकर बनाया है। 9 कलाकारों को इस विशाल मूर्ति को बनाने में लगभग 10 महीनों का समय लगा है। इस विशाल प्रतिमा के आधे हिस्से में भगवान शिव हैं, जिनका रंग नीला है और आधे हिस्से में शक्ति यानी माता पार्वती हैं। माता पार्वती की साज-सज्जा दक्षिण भारतीय शैली की है।
बताया जाता है कि इस मूर्ति का निर्माण बेनोनी तमिल स्कूल बोर्ड के अध्यक्ष कार्थी मुथसामी ने करवाया है। जब वह मॉरिशस की अपनी यात्रा पर गये थे, तब वहां अर्धनारीश्वर शिव की मूर्ति को देखकर ही उनके मन में इस मूर्ति को बनाने का विचार आया था।



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