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लाल पांडा देखना है..तो फ़ौरन पहुंचे दार्जलिंग जूलॉजिकल पार्क

Written By: Goldi

जानवरों को देखना हमेशा ही काफी उत्साहित कर देने वाला पल होता है..खासकर तब जब आप उन्हें वहां देखे जहां वह रहते है। अगर आप कुछ ऐसा ही देखना चाहते है तो आपके लिए पद्मजा हिमालयन जूलॉजिकल पार्क एकदम परफेक्ट प्लेस है। यह प्राणी उद्यान 7000 फीट (2,134 मीटर), की औसत ऊंचाई से भारत में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित है। अपने देश का यह एक विशेष प्राणी उद्यान है।

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यहां पाए जाने वाले लाल पांडा पर्यटकों को अपनी तरह बेहद आकर्षित करते हैं..लेकिन यह कुंग फू पांडा से एकदम अलग है..इसकी बनावट भालू की तरह है..जिसके कान सफेद स्नूव और सफेद कोनों के साथ पीठ पर लाल फर जैसे बाल है।

Padmaja Naidu Himalayan Zoological Park

PC:Sandeep pai1986

इसे पांडा क्यों कहते हैं?
इसे पांडा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसके नाम की उत्पत्ति नेपाली शब्द "पोनिया" से हुई है, जिसका मतलब है "बांस भक्षक"। और केवल यही विशेषता है जो ये काले और सफेद पांडा से साझा करते हैं। पद्मजा नायडू हिमालय चिड़ियाघर को दार्जिलिंग चिड़ियाघर भी कहा जाता है।इस पार्क का निर्माण वर्ष 1958 में हुआ था..इस पार्क में हर साल करीबन 300,000 पर्यटक लाल पांडा और अन्य जानवरों को देखने आते हैं।

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7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह भारत का सबसे बड़ा उच्च ऊंचाई चिड़ियाघर है।पहले इस पार्क को "हिमालयी जूलॉजिकल पार्क" के रूप में जाना जाता था। लेकिन वर्ष1975 में, श्रीमती इंदिरा गांधी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व राज्यपाल श्रीमती पद्मजा नायडू के नाम पर इस पार्क का नाम पर उन्हें समर्पित कर दिया।

Padmaja Naidu Himalayan Zoological Park

PC:Molesworth II

इस चिड़ियाघर में कई लुप्तप्राय जानवरों को देखा जा सकता है। जानवरों की अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों में साइबेरियाई टाइगर्स और गोरल या माउंटेन गोकट शामिल हैं। हिल मैनास, रोज़ ऐंग पारेकेट्स, ब्लू गोल्ड माकॉ जैसे विभिन्न पक्षी प्रजातियों को देखा जा सकता है। चिड़ियाघर में मरखोर, हिमालय थार, तिब्बती भेड़ियों, हिमालयी ब्लैक बियर, याक्स, ब्लू शेप जैसे कुछ जानवरों के नाम भी हैं।

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वन्यजीव के अलावा, इस चिड़ियाघर 200 से अधिक प्रजातियां, झुग्गियों, औषधीय पौधों और पेड़ों का घर है, और ऑर्किड के लगभग 60 विभिन्न प्रकार हैं। यहां पाए गए ओक के पेड़ो की उम्र 100 साल से भी ऊपर है।कुछ पेड़ों में धीमी गति से बढ़ रही है और उम्र 100 साल से अधिक है!

टाइमिंग
गर्मियों में, चिड़ियाघर 8.30 बजे से शाम 4.30 बजे खुला रहता है और सर्दियों में, यह 4.00 बजे तक बंद हो जाता है। चिड़ियाघर गुरुवार को बंद रहता है।

Padmaja Naidu Himalayan Zoological Park

PC:elkhiki

टिकट
भारतीय नागरिकों को प्रवेश के लिए 20 रुपये और विदेशी नागरिकों को 50 रुपये है। कैमरे का इस्तेमाल करने के लिए आपको 10 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

कब आयें
इस चिड़ियाघर को घूमने का उचित समय मार्च से जून और सितंबर से जनवरी के बीच है।


कैसे पहुंचे दार्जिलिंग
हवाई जहाज द्वारा
दार्जिलिंग का सबसे निकतम हवाई अड्डा 96 किमी दूर स्थित बागडोगरा हवाई अड्डा है।इस एयरपोर्ट मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। पर्यटक हवाईअड्डे से टैक्सी 3 घंटे की यात्रादार्जलिंग पहुंच सकते हैं।

Padmaja Naidu Himalayan Zoological Park

PC:Abhishek.ghosh1984

ट्रेन से
दार्जलिंग का निकटतम स्टेशन नई जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन (एनजेपी), जो सिलीगुड़ी में स्थित है। यह शहर से 62 किमी दूर है और दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुम्बई जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ता है। दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे (डीएचआर) प्रसिद्ध खिलौना ट्रेन सेवाएं संचालित करती है, जो एनजेपी पर शुरू होती है। यह ट्रेन दार्जिलिंग के खूबसूरत इलाकों में ले जाती है और इस सुगम यात्रा को पूरा करने में लगभग 7 घंटे लगता है।

सड़क मार्ग से
दार्जिलिंग ने सिलीगुड़ी, कुर्सीन और कालीम्पोंग जैसे पड़ोसी शहरों के लिए अच्छी तरह से जुदा हुआ हैं...बस या कार से सफर के दौरान आप चारों ओर शानदार पर्वत के लुभावनी परिदृश्यों का आनंद लें सकते हैं। नियमित बसों और कैब हमेशा सिलीगुड़ी, गंगटोक और अन्य ऐसे पड़ोसी स्थलों से उपलब्ध हैं

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