Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »एकलौता गांव जहां पैदा होने वाले हर बच्चे को सौगात में मिलती है दोहरी नागरिकता, क्या है पूरा माजरा!

एकलौता गांव जहां पैदा होने वाले हर बच्चे को सौगात में मिलती है दोहरी नागरिकता, क्या है पूरा माजरा!

हर नवजात शिशु किसी न किसी देश का नागरिक जरूर होता है। फिर चाहे वह भारत, अमेरिका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रिका या रूस, अफगानिस्तान, युक्रेन, इटली, नेपाल या दुनिया का कोई भी और देश ही क्यों न हो। विशेष मामलों जैसे किसी एक देश के नागरिक माता-पिता ने अपने बच्चे को किसी दूसरे देश में जन्म दिया हो अथवा ऐसे ही किसी विशेष कारण से ही बच्चों को दो देशों की यानी दोहरी नागरिकता मिलती है।

ऐसा किसी परिवार या घर में एक या दो बच्चों के साथ ही हो सकता है। लेकिन क्या आपने किसी ऐसे गांव के बारे में कभी सुना है, जहां पैदा होने वाले हर बच्चे को सौगात में दोहरी नागरिकता मिल जाती है? जी हां, ऐसा एक गांव भारत में ही मौजूद है।

village view

आमतौर पर जब भी किसी व्यक्ति को दूसरे देश की नागरिकता मिलती है तो उसे पहले देश की नागरिकता को छोड़ देना पड़ता है। लेकिन भारत में एक गांव ऐसा भी है जहां रहने वाले लोग, वहां पैदा होने वाले हर एक बच्चा भारत का तो नागरिक होता ही है, साथ में उसे मिलती है पड़ोसी देश की भी नागरिकता है।

यह गांव है लॉन्गवा जो मौजूद है नागालैंड राज्य के मोन जिले में। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित होने के साथ-साथ यह गांव बड़ा ही अनोखा है, जहां रहने वाले हर एक निवासी को बिना कोई मेहनत किये बैठे-बिठाए दो देशों की नागरिकता मिल जाती है। दरअसल, यह गांव भारत और म्यांमार की सीमा पर मौजूद है। इस गांव में कोन्यक नागा समुदाय के लोग रहते हैं।

गांव के बीचोबीच से गुजरती है सीमा

भारत और म्यांमार की सीमा पर मौजूद लॉन्गवा गांव के ठीक बीचोबीच से होकर गुजरती है अंतर्राष्ट्रीय सीमा। यह सीमा गांव के मुखिया, जिन्हें अंग कहा जाता है, के घर के भी ठीक बीच से होकर गुजरती है। इस गांव में मुखिया का कोई चुनाव नहीं होता है बल्कि वे यहां वंशानुगत शासक होते हैं।

इस वजह से गांव के सरपंच अंग की संपत्ति (जमीन) दोनों देशों में मौजूद है और गांव के निवासी दोनों देशों की नागरिकता प्राप्त करते हैं। कहा जाता है कि गांव के मुखिया खाते भारत में हैं और सोते म्यांमार में हैं। इस गांव में रहने वाले लोगों को भारत और म्यांमार दोनों देशों का पासपोर्ट इस्तेमाल करने की अनुमति होती है।

बिना पासपोर्ट-वीजा घूम सकते हैं दोनों देश

लॉन्गवा गांव में रहने वाले लोगों को फ्री मूवमेंट रिजाइम (FMR) के तहत बिना वीजा अथवा पासपोर्ट के 16 किमी की दूरी तक घूमने की अनुमति होती है। यह समझौता स्थानीय आदिवासियों के पारंपरिक संबंधों व आंदोलनों के तहत किया गया था, जो भारत और म्यांमार में आधुनिक राज्यों की स्थापना से बहुत पहले से ही इन पहाड़ियों पर रहा करते थे।

village painting

लॉन्गवे गांव के रहने वाले लोगों को मिलने वाली दोहरी नागरिकता उनके जीवनयापन का एक हिस्सा बन चुका है। इस गांव में रहने वाले लोगों का दोनों देशों में ही व्यापारिक, वैवाहिक संबंध तो है साथ ही वे दोनों देशों की संस्कृतियों का मिश्रण भी बन चुके हैं। किसी जमाने में कोन्यत जनजाति के लोगों को हेडहंटर कहा जाता था, लेकिन पिछले करीब 60 सालों से इन लोगों ने शिकार करना बंद कर दिया है।

आकर्षित होते हैं पर्यटक

लॉन्गवा गांव के लोगों का अनोखापन पर्यटकों को यहां आने के लिए आकर्षित करता रहता है। खासतौर पर वैसे पर्यटक जो कुछ अलग देखने या जानने के लिए उत्सुक रहते हैं, उनके लिए नागालैंड का लॉन्गवा गांव किसी जन्नत से कम नहीं है। प्राकृतिक सुन्दरता का खजाना लॉन्गवा गांव पर्यटकों के बीच अपनी एक अलग ही सांस्कृतिक पहचान भी रखता है।

इस गांव के अनोखे घर, यहां के त्योहार और कोन्यक समुदाय के लोगों की मेहमानवाजी किसी भी सैलानी का दिल जीतने के लिए काफी होता है। खास तौर पर जिन लोगों को घूमने के लिए ऑफबीट लोकेशन की तलाश रहती है, उन्हें म्यांमार सीमा पर बसे इस गांव में एक बार जरूर आना चाहिए।

हालांकि अपने अनोखेपन की वजह से ही लॉन्गवा गांव में कानून और न्याय व्यवस्था को बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण काम हो जाता है। दोनों देशों की राष्ट्रीयता और दो देशों की नागरिकता के साथ यहां रहने वाले लोगों के बीच न्याय करना एक पेंचिदा मामला जरूर होता है। लेकिन लॉन्गवा गांव के निवासी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं का समाधान कर अपने गांव के अनोखेपन को आज भी बचाए हुए हैं।

More News

Read more about: nagaland village india
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+